मतदाता सूचियों में फर्जी आपत्तियों से मचा हड़कंप

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । सिलवानी विधानसभा क्षेत्र बेगमगंज में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान फर्जी आपत्तियों का बड़ा खेल सामने आया है। दावे-आपत्ति की आखिरी तारीख से एक दिन पहले बुधवार को नगर के मुस्लिम बहुल वार्डों एवं मुस्लिम बहुल गांवों में नाम काटने के लिए दावे आपत्ति फर्जी नामों से प्रस्तुत किए गए हैं। जिसमें कोई बड़ी साजिश नजर आ रही है एक ही राइटिंग में 100-50 आपत्तियां अलग-अलग नाम से दर्ज करके प्रस्तुत की गई और अधिकारियों ने उन्हें लेकर बीएलओ को जांच के लिए थमां दी।
आपको बता दें कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने दूसरे लोगों के नामों से ये आपत्तियां लगाईं, जिसमें स्थानीय निवासियों को गायब या बाहरी बताकर सूची से हटाने की कोशिश की गई। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से सभी मतदाताओं का बीएलओ ने घर-घर जाकर वेरिफिकेशन किया था। वार्ड एक पार्षद प्रतिनिधि अकरम पटेल ने बताया कि पहले 67 लोगों के नाम पर आपत्ति दर्ज कराई गई थी जिसका विधिवत जवाब दिया गया उसके बाद 369 लोगों की सूची लेकर बीएलओ फिर वार्ड में पहुंचे वार्ड वासियों ने विधिवत पंचनामा आदि बनाकर सहायक रिटर्न ने ऑफिसर को प्रस्तुत किया है। अधिकतर महिलाओं के नाम पर आपत्ति दर्ज कराई गई है और कोई भी वैधानिक प्रमाण पत्र नाम हटाने का नहीं लगाया गया है। वहीं वार्ड 6 के पार्षद प्रतिनिधि शाकिर मंसूरी ने बताया कि वार्ड 6- 7 में 74 लोगों के नाम पर आपत्ति फर्जी तरीके से दर्ज कराई गई है। जिसके बारे में लिखित रूप से रिटर्निंग ऑफिसर को दिया गया है। ग्राम पंचायत माला के सरपंच मिर्जा आसिफ बेग ने बताया कि फर्जी लोगों के नाम से 165 मतदाताओं के नाम पर आपत्ति दर्ज कराई गई है जबकि सभी मतदाता गांव में मौजूद है। जबकि सभी मतदाताओं के बीएलओ ने घर पर आकर गणना पत्रक भरकर वेरिफिकेशन के बाद मैपिंग भी की थी।
जिन लोगों के नाम से शिकायत है जब उनको बुलाया गया, तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि उन्होंने कोई शिकायत नहीं की और हस्ताक्षर भी उनके नहीं हैं। ग्राम पंचायत माला में जिस नाम से शिकायत की गई है वह पलोहा गांव का रहने वाला है जब दिए गए नंबर पर उनसे बात की तो उनका कहना था कि मैं तो अपने गांव में कोई आपत्ति नहीं लगाई मैं दूसरे गांव में आकर क्यों आपत्ति लगाऊंगा।
अब सोचने वाली बात यह है कि जिस पंचायत या जिस वार्ड में आपत्ति लगाई गई है। फॉर्म नंबर साथ में स्पष्ट रूप से दिया है कि अगर आपत्ति कर्ता की आपत्ति गलत पाई जाती है तो उसके लिए सजा का प्रावधान है जबकि यहां आपत्तिकर्ता उस जगह का रहने वाला ही नहीं है। पीठासीन अधिकारी या संयुक्त पीठासीन अधिकारी ने आपत्ति ले ली। विचारणीय प्रश्न है कि क्या ये सारा खेल सत्ता पक्ष के दवाब में किया जा रहा है।
ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष संदीप विश्वकर्मा का कहना है कि बीएलओ ने घर-घर जाकर गणना पत्रक वितरित किए थे और वेरिफिकेशन के बाद मैपिंग की थी, फिर भी इन मतदाताओं को अनावश्यक परेशान किया जा रहा है। ग्राम पंचायत माला के सरपंच के पिता के नाम पर भी आपत्ति की गई है। वही वार्ड की पार्षद अकरम पटेल, पत्रकार शब्बीर अहमद के नाम को हटाने के लिए भी आपत्ति की गई है।
कुल मिलाकर फर्जी दावे आपत्तियों के विरोध में विभिन्न क्षेत्रों से आवेदन पीठासीन अधिकारी के पास प्रस्तुत किए गए हैं शुक्रवार को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सामूहिक रूप से भी आपत्ति दर्ज कराने के लिए ज्ञापन सौंपने के लिए पहुंचेगी।



