मध्य प्रदेश

एक चोटी ने बिगाड़ दी छात्रा की हालत, शिक्षिका की तानाशाही से मचा बवाल

रायसेन । जिले के सुल्तानगंज स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शिक्षिका की तानाशाही का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। कक्षा 9वीं की छात्रा आरोही पिता देवीसिंह, निवासी ग्राम पिपलिया बिचौली, रोज़ की तरह समय पर स्कूल पहुँची थी। लेकिन इस दिन उसने बालों में दो चोटी की बजाय एक ही चोटी बना रखी थी।
यही मामूली बात शिक्षिका रचना साहू को इतनी नागवार गुज़री कि उन्होंने छात्रा को कठोर सज़ा दे डाली। आरोही को तपती धूप में खड़ा कर दिया गया। लगभग एक घंटे तक झुलसाती धूप में खड़ी रहने के बाद बच्ची ने शिक्षिका से दया की गुहार लगाई, लेकिन उनका रवैया बिल्कुल कठोर रहा। नतीजतन, आरोही को करीब दो घंटे तक धूप में खड़ा रहना पड़ा। चिलचिलाती धूप में वह वहीं बेहोश होकर गिर पड़ी।
घबराए स्कूल स्टाफ ने तुरंत छात्रा को उठाकर सुल्तानगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया। लेकिन हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे सागर रेफर कर दिया। इस घटना के बाद स्कूल प्रबंधन और शिक्षिका पर सवालों की बौछार शुरू हो गई है।
गौरतलब है कि यह स्कूल पहले भी लापरवाही और तानाशाही के आरोपों में घिर चुका है। कुछ दिन पहले ही ग्रामीणों ने प्राचार्य और शिक्षकों के खिलाफ आंदोलन कर ज्ञापन सौंपा था। जाँच अब तक जारी है, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने से शिक्षकों के हौसले बुलंद बने हुए हैं।
इस घटना ने इलाके में शैक्षणिक तानाशाही और अमानवीय रवैये की पोल खोल दी है। एक ओर सरकार बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा को लेकर योजनाएँ चला रही है, वहीं दूसरी ओर स्कूलों में ऐसी घटनाएँ बेटियों के भविष्य और जीवन दोनों को खतरे में डाल रही हैं।
गाँव के लोग और अभिभावक अब दोषी शिक्षिका और स्कूल प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। सवाल यह है कि अनुशासन के नाम पर बच्चों की जान से खिलवाड़ कब तक चलता रहेगा?

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