एक अनोखे प्रेम की कहानी पत्नी ने अपने हाथों से किया पति का अंतिम संस्कार
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान। डॉ नीरज शुक्ला का लंबी बीमारी के चलते स्वर्गवास हो गया। बताया जा रहा है कि पति-पत्नी में अटूट प्रेम था । जानकारी यह है कि लगभग 15 साल पहले नीरज शुक्ला और मेघा का विवाह हिंदू रीति रिवाज से हुआ था। विवाह के बाद संतान सुख प्राप्त नहीं हुआ मगर दोनों पति-पत्नि में अटूट प्रेम था जिसकी चर्चाएं क्षेत्र में हमेशा हुआ करती थी लगभग 2 साल से डॉक्टर नीरज शुक्ला एक बीमारी से जूझ रहे थे अंततः 1 जनवरी 2025 को उनका देहावसान हो गया। रात में ही हॉस्पिटल से मृतक शरीर को अपने निज निवास स्थान कटनी स्लीमनाबाद लेकर आया गया। सुबह अंतिम संस्कार की तैयारी होने लगी तभी मेघा ने कहा कि मैं अपने पति का अंतिम संस्कार खुद करना चाहती हूँ। अंतिम यात्रा में शामिल परिवार के और रिश्तेदार सभी लोगों ने मेघा को अंतिम संस्कार करने की अनुमति दी पूरे हिंदू रीति रिवाज से मेघा ने अपने पति नीरज शुक्ला का अंतिम संस्कार किया। इस बात को लेकर समूचे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।



