Aaj ka Panchang आज का पंचांग मंगलवार, 06 जून 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 06 जून 2023
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए ।
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और व्रत करने से हनुमान जी प्रसन्न होते है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा एवं सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु
🌤️ मास – आषाढ़ मास
🌖 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📅 तिथि – ज्येष्ठ मास कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि 12:50 AM तक उपरांत चतुर्थी
✏️ तिथि के स्वामी :- तृतीया तिथि की स्वामी माँ गौरी और कुबेर देव जी और चतुर्थी तिथि के स्वामी भगवान गणेश जी है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा 11:13 PM तक उपरांत उत्तराषाढ़ा
🪐 नक्षत्र स्वामी – नक्षत्र का स्वामी शुक है तो राशि स्वामी शुक्र।आपस (जल की देवी) इस नक्षत्र के लिए हिंदू देवता हैं।
🔊 योग – शुक्ल योग 01:54 AM तक, उसके बाद ब्रह्म योग
⚡ प्रथम करण : वणिज – 02:20 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : विष्टि – 12:50 ए एम, जून 07 तक
🔥 गुलिक काल : मंगलवार का (अशुभ गुलिक) काल 12:21 पी एम से 01:58 पी एम
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा का दिकशूल होता है।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से गुड़ खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल : मंगलवार का राहुकाल 03:35 पी एम से 05:11 पी एम राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:14:00 A.M
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:46:00 P.M
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:02 ए एम से 04:42 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:22 ए एम से 05:23 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:52 ए एम से 12:48 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:39 पी एम से 03:34 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:15 पी एम से 07:36 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:17 पी एम से 08:17 पी एम
💧 अमृत काल : 06:51 पी एम से 08:19 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:00 पी एम से 12:40 ए एम, जून 07
🌊 पाताल लोक की भद्रा-6 जून को दोपहर 2 बजकर 20 मिनट से शुरू होकर रात 12 बजकर 51 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन- दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-हनुमान मंदिर में चमेली का तेल व सिंदूर चढ़ाएं।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – राजनीतिज्ञ सुनील दत्त जन्म दिवस, छत्रपति शिवाजी महाराज राज्याभिषेक दिवस, दग्गुबाती रामानायडू जयन्ती, सामाजिक कार्यकर्त्ता कैप्टन अवधेश प्रताप सिंह पुण्य तिथि, खलिस्तान आंदोलन के नेता जरनैल सिंह भिंडरांवाले स्मृति दिवस, प्रसिद्ध एथलीट गुरबचन सिंह रंधावा जन्म दिवस, घल्लूघारा दिवस (पंजाब), अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (आई.ओ.सी.) स्थापना दिवस, रूसी भाषा दिवस, स्वीडन राष्ट्रीय दिवस
✍🏼 विशेष – तृतीया तिथि में नमक का दान तथा भक्षण दोनों ही त्याज्य बताया गया है। तृतीया तिथि एक सबला अर्थात बल प्रदान करने वाली तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं यह तृतीया तिथि आरोग्यकारी रोग निवारण करने वाली तिथि भी मानी जाती है। इस तृतीया तिथि की स्वामिनी माता गौरी और इसके देवता कुबेर देवता हैं। यह तृतीया तिथि जया नाम से विख्यात मानी जाती है। यह तृतीया तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभफलदायिनी मानी जाती है।
🏘️ Vastu Tips 🏚️
वास्तु शास्त्र में आज हम बात करेंगे खिड़की के सामने अगर कोई डिश, एंटीना या अन्य कोई चीज लगी हो तो क्या होता है? वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की खिड़की के सामने कभी भी किसी प्रकार की डिश या एंटीना नहीं लगा होना चाहिए। वास्तु के मुताबिक, घर की खिड़की के सामने डिश या एंटीना लगे होने से इसका नकारात्मक और सीधा असर आपके बच्चे पर पड़ता है, जिसके चलते उसकी पढ़ाई व स्वास्थ्य में बाधा उत्पन्न हो सकती है इसलिए घर की खिड़की के सामने इस तरह की चीजों को लगाने से अवॉयड करना चाहिए।
इसके अलावा घर की खिड़कियां हो या दरवाजे, कभी भी टूटे-फूटे नहीं होने चाहिए अन्यथा घर के सदस्यों के जीवन में आर्थिक संकट बने रहते हैं और सब परेशान रहते हैं। अगर घर में ऐसी कोई टूटी-फूटी या बिगड़ी हुई खिड़की या दरवाजा है तो उसे तुरंत ठीक करवा लें। वास्तु शास्त्र में ये थी चर्चा खिड़की के सामने अगर कोई डिश, एंटीना या अन्य कोई चीज लगी हो तो क्या होता है। उम्मीद है आप इस वास्तु टिप्स को अपनाकर जरूर लाभ उठाएंगे।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
शुगर पेशेंट को सलाद में क्या क्या लेना चाहिए
ग्रीन सलाद शुगर पेशेंट के लिए ग्रान सलाद का सेवन सबसे ज्यादा फायदेमंद है। आपको बस करना ये है कि ब्रोकली, गाजर, मूली, चुकंदर, खीरी, ककड़ी, प्याज, धनिया पत्ता और मिर्चा का सलाद तैयार करें। फिर इसका सेवन करें। इसमें आप सलाद का दो तरीका अपना सकते हैं एक हाफ फ्राई और दूसरा इसे कच्चा खाना।
स्प्राउट्स आपकी सेहत के लिए कई प्रकार से काम करते हैं क्योंकि इनमें प्रोटीन होने के साथ फाइबर होता है। ये इंसुलिन को बढ़ाने के साथ भूख बैलेंस करते हैं और डायबिटीज में मेटाबोलिज्म को सही रखते हैं। तो, अपने हिसाब से चना, मूंग और मेथी को भिगोकर रख दें और फिर इनका स्प्राउट्स सलाद बना कर सेवन करें। तो, अगर आपको डायबिटीज है तो, खाने में इन 2 सलाद का सेवन जरूर करें।
🥝 आरोग्य संजीवनी 🍓
हाई कोलेस्ट्रॉल के मरीजों के लिए कैथा फल का सेवन बहुत फायदेमंद है। इस फल का रफेज और फाइबर नसों में जमा कोलेस्ट्रॉल को सोख लेता है और इसे शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है। इसके अलावा इसका विटामिन सी ब्लड वेसेल्स को चौड़ा करता है और खून की रफ्तार को बेहतर बनाता है। इस प्रकार से ये हाई कोलेस्ट्रॉल के मरीजों के लिए भी फायदेमंद है।
इंफेक्शन और सूजन में इस्तेमाल करें-कैथा एंटीबैक्टीरियल और एंटी माइक्रोबियल गुण से भरपूर है और इसलिए आप इसे इंफेक्शन और सूजन जैसी समस्याओं में इस्तेमाल कर सकते हैं। जैसे कि सर्दी-जुकाम और सिर दर्द में इसका तेल बनाकर लगाया जाता है। इसके अलावा आपइसे फंगल और बैक्टीरियल इंफेक्शन में भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
बवासीर की समस्या में कारगर-बवासीर में कैथा खाने के फायदे कई हैं। दरअसल, कैथा का फाइबर और रफेज मेटाबोलिक रेट बढ़ाने के साथ बॉवेल मूवमेंट को सही करता है। इसके अलावा ये मूत्र मार्ग के सूजन में भी कमी लाता है और बवासीर से बचाव में मदद करता है। तो, इन तमाम कारणों से आपको कैथा का सेवन करना चाहिए।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
श्रीमद्भगवद्गीता हिन्दुओं का सबसे पवित्र ग्रन्थ है. गीता के पाठ व्यक्ति को जीने का सही ढंग बताते हैं. गीता धर्म, कर्म और प्रेम का पाठ पढ़ाती है. श्रीमद्भागवत गीता का ज्ञान मानव जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण और उपयोगी माना गया है. गीता संपूर्ण जीवन दर्शन है और इसका अनुसरण करने वाला व्यक्ति सर्वश्रेष्ठ होता है. श्रीमद्भागवत गीता में भगवान कृष्ण के दिए उपदेशों का वर्णन है. गीता में श्रीकृष्ण ने तीन चीजों को नरक का द्वार बताया है।
👉🏽 ये तीन चीजें हैं नरक का द्वार
श्रीकृष्ण के अनुसार तीन चीजे हर मनुष्य के लिए आत्म-विनाशकारी मानी गई हैं. श्रीकृष्ण कहते हैं कि वासना, क्रोध और लालच नरक के तीन द्वार होते हैं. ये तीनों चीजें आत्म-विनाशकारी हैं जो अच्छे से अच्छे मनुष्य का भी सर्वनाश कर देती है।
गीता में श्रीकृष्ण कहते हैं कि मनुष्य को कभी भी अहंकार नहीं करना चाहिए. अहंकार में आकर मनुष्य वह सब कर जाता है जो उसके लिए सही नहीं होता है. अंत में यह अंहकार ही उसके विनाश का कारण बनता है. इसलिए जीवन में जितना जल्द हो सके अपना अहंकार त्याग देना चाहिए।
परिवर्तन ही संसार का नियम है. श्रीकृष्ण ने उपदेश दिया है कि जो हुआ अच्छा हुआ, जो हो रहा है वह अच्छा हो रहा है, जो होगा वह भी अच्छा ही होगा. तुम्हारा क्या गया जो तुम रोते हो? तुम क्या लाये थे जो तुमने खो दिया? तुमने क्या पैदा किया था जो नष्ट हो गया. तुमने जो लिया यहीं से लिया, जो दिया, यहीं पर दिया. जो आज तुम्हारा है, कल किसी और का था. परसों किसी और का हो जायेगा।
गीता के अनुसार, मनुष्य को अपने दिमाग पर पूरा नियंत्रण रखना चाहिए. यदि हम इसे नियंत्रित नहीं करते हैं तो हमारा अपना दिमाग एक दुश्मन की तरह काम करता है।
श्रीकृष्ण कहते हैं, न यह शरीर तुम्हारा है, न तुम इस शरीर के हो. यह शरीर अग्नि, जल, वायु, पृथ्वी और आकाश से बना है और अंत में इसी में मिल जायेगा परन्तु आत्मा स्थिर है, फिर तुम क्या हो? भगवान कहते हैं कि हे मनुष्य! तुम अपने आपको भगवान को अर्पित कर दो. यह सबसे उत्तम सहारा है. जो इसके सहारे को जानता है, वह भय, चिन्ता और शोक से हमेशा के लिए मुक्त हो जाता है।
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⚜️ तृतीया तिथि केवल बुधवार की हो तो अशुभ मानी जाती है। अन्यथा इस तृतीया तिथि को सभी शुभ कार्यों में लिया जा सकता है। आज तृतीया तिथि को माता गौरी की पूजा करके व्यक्ति अपनी मनोवाँछित कामनाओं की पूर्ति कर सकता है। आज तृतीया तिथि में एक स्त्री माता गौरी की पूजा करके अचल सुहाग की कामना करे तो उसका पति सभी संकटों से मुक्त हो जाता है। आज तृतीया तिथि को भगवान कुबेर जी की विशिष्ट पूजा करनी चाहिये। देवताओं के कोषाध्यक्ष की पूजा आज तृतीया तिथि को करके मनुष्य अतुलनीय धन प्राप्त कर सकता है।
तृतीया तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति मानसिक रूप से अस्थिर होता है अर्थात उनकी बुद्धि भ्रमित होती है। इस तिथि का जातक आलसी और मेहनत से जी चुराने वाला होता है। ये दूसरे व्यक्ति से जल्दी घुलते मिलते नहीं हैं बल्कि लोगों के प्रति इनके मन में द्वेष की भावना भी रहती है। इनके जीवन में धन की कमी रहती है, इन्हें धन कमाने के लिए काफी मेहनत और परिश्रम करना पड़ता है।

