ज्योतिष

Aaj ka Panchang आज का पंचांग शुक्रवार, 05 जनवरी 2024

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शुक्रवार 05 जनवरी 2024

ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
🌌 दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।
शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें ।
शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।
शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर शिशर ऋतु
⛈️ मास – पौष मास
🌗 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📅 तिथि – शुक्रवार पौष माह कृष्ण पक्ष नवमी तिथि 11:46 PM तक उपरांत दशमी
✏️ तिथि स्वामी : नवमी तिथि की देवी हैं दुर्गा। इस तिधि में जगतजननी त्रिदेवजननी माता दुर्गा की पूजा करने से मनुष्य इच्छापूर्वक संसार-सागर को पार कर लेता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र चित्रा 07:49 PM तक उपरांत स्वाति
🪐 नक्षत्र स्वामी : नक्षत्र के स्वामी मंगल ग्रह और अधिष्ठाता देव विश्वकर्मा हैं।चित्रा नक्षत्र के देवता त्वष्टा हैं जो एक आदित्य हैं।
🔕 योग – सुकर्मा योग 06:47 AM तक, उसके बाद धृति योग
प्रथम करण : तैतिल – 11:00 ए एम तक
द्वितीय करण : गर – 11:46 पी एम तक
🔥 गुलिक काल : – शुक्रवार को शुभ गुलिक प्रात: 7:30 से 9:00 तक ।
⚜️ दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दही में चीनी या मिश्री डालकर उसे खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -दिन – 10:30 से 12:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:46:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:14:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:26 ए एम से 06:20 ए एम
🌌 प्रातः सन्ध्या : 05:53 ए एम से 07:15 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:06 पी एम से 12:47 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:10 पी एम से 02:52 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:35 पी एम से 06:03 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 05:38 पी एम से 07:00 पी एम
💧 अमृत काल : 12:49 पी एम से 02:34 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:59 पी एम से 12:54 ए एम, जनवरी 06
🚕 यात्रा शकुन-शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-लक्ष्मी मंदिर में सफेद तिल चढ़ाएं।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – मुहूर्ताभाव, गुरु गोविंद सिंह जी जयंती, राष्ट्रीय कीटो दिवस, राष्ट्रीय पटकथा लेखक दिवस, राष्ट्रीय व्हीप्ड क्रीम दिवस, राष्ट्रीय पक्षी दिवस, महान स्वतंत्रता सेनानी बारींद्रनाथ घोष जयन्ती, मुरली मनोहर जोशी जन्म दिवस, ज्ञानेन्द्र मोहन टैगोर पुण्य तिथि, मुग़ल बादशाह शाहजहाँ जन्म दिवस
✍🏼 विशेष – नवमी तिथि को काशीफल (कोहड़ा एवं कद्दू) एवं दशमी को परवल खाना अथवा दान देना भी वर्जित अथवा त्याज्य होता है। नवमी तिथि एक उग्र एवं कष्टकारी तिथि मानी जाती है। इस नवमी तिथि की अधिष्ठात्री देवी माता दुर्गा जी हैं। यह नवमी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह नवमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। नवमी तिथि के दिन लौकी खाना निषेध बताया गया है। क्योंकि नवमी तिथि को लौकी का सेवन गौ-मांस के समान बताया गया है।
🗽 Vastu tips 🗼
तकिया दबाकर या हाथ पांव सिकोड़कर सोने वाला व्यक्ति सदैव किसी का साथ खोजता है। उसे हर पल एक अनजाना सा भय का अनुभव होता है।
जो व्यक्ति अपने पांवों को कसकर सोता है उसका जीवन संघर्षशील होता है। अधिक परिश्रम के बाद ही उन्हें सफलता नसीब होती है। ऐसे लोगों का जीवन प्रायः अस्त-व्यस्त देखा जा सकता है। जो लोग अपने शरीर को ढक कर सोते हैं वह जीवन में संघर्षों से दूर भागने की कोशिश करते हैं। ऐसा व्यक्ति काना-फूसी अधिक करते हैं और इधर की बात उधर लगाने तथा कान भरने में निपुण होता है। कम परिश्रम किये, हर वस्तु सरलता एवं सुगमता से प्राप्त करने की प्रबल इच्छा ऐसे व्यक्तियों के मन में छुपी होती है।टांग पर टांग रखकर सोने वाला व्यक्ति संतुष्ट तृप्त एवं सहनशील होता है और सदैव दूसरों का भला ही चाहता है इस तरह के व्यक्ति विशाल हृदय के होते हैं तथा इनका जीवन सुखी रहता है।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ❇️
रगड़ खाने से होती है खुजली रोएंदार ऊनी कपड़े पहनने से उनके रोएं आपस में रगड़ यानी घर्षण उत्पन्न करते हैं। इससे स्किन पर खिंचाव होता है, जो खुजली या लाल चकते पड़ने की वजह बनता है। इससे शरीर में खुजली उत्पन्न होती है।
बॉडी लोशन जरूर लगाएं विंटर सीजन में स्किन का मॉइश्चर कम हो जाता है। इसलिए ऊनी कपड़े पहनने के पहले बॉडी लोशन जरूर लगाएं। नहाने के बाद बॉडी लोशन जरूर लगाएं।
सरसो ऑयल लगाकर नहाएं एलर्जी की वजह से खुजली हो सकती है। जिन्हें ऊनी या गर्म कपड़ों की वजह से एनर्जी की परेशानी हो वे सरसो ऑयल की मालिश कर सकते हैं। ऐसा नहाने के पहले करें, इससे खुजली नहीं होगी।
कॉटन के कपड़े पहने ऊनी या गर्म कपड़े के बॉडी से डायरेक्ट कान्टेक्ट से बचाने के लिए फुल बाजू के कॉटन के कपड़े पहनें। फुल बाजू कॉटन के कपड़े पहनने से यह परेशानी नहीं होगी।
गर्म पानी से न नहाएं
शरीर की त्वचा का रूखापन खुजली का कारण बनता है। इससे बचने के लिए गर्म पानी से न नहाएं। नहाने के बाद तुरंत ही माइश्चराजर लगाएं।
💊 आरोग्य संजीवनी 🩸
महालक्ष्मी तन्त्र के मुताबिक रविवार को दुपहर 11.40 से 12.20 के बीच 72 लौंग की माला बनाकर शिवलिंग पर अर्पित करने से सभी मानसिक विकार, मनोरोग, अवसाद, डिप्रेशन मिटने लगता है।
लौंग स्वाद में कड़वी, तीखी, रसयुक्त, तेल युक्त, आंखों के लिए लाभान्वित। शीतवीर्य, अग्नि, ऊर्जा को प्रज्ज्वलित करने वाली। पाचक एवं रुचिकारक होती है।
भोजन उपरांत रोज एक लौंग के नित्य सेवन से फेफड़ों की सफाई हो जाती है।
फेफड़ों के संक्रमण को दूर करने में चमत्कारी है।
लौंग का तेल दांत दर्द मिटाता है।
किसी घाव में कीड़े पड़ने पर भी लौंग तेल का फोहा बांधते हैं।
मधुमेह पीड़ितों को पेशाब खुलकर लाती है।
किसी गर्भवती महिला को बार-बार उल्टी आती हो, तो लौंग का चूर्ण 200 से 300 मिलिगर्म अमॄतम मधु पंचामृत के साथ सुबह खाली पेट चटाने से लाभ होता है।
पुराने अजीर्ण में लौंग का काढ़ा 1 चम्मच छाछ में मिलाकर पीने से लाभ होता है।
गले की सूजन, फेफड़ो की खराबी, मुख की दुर्गंध, मसूढ़ों का दर्द होने पर 5 लौंग एक मिट्टी के सकोरे में बहुत ही कम आंच में सेककर या भुजंकर चूसने से अत्यंत फायदा होता है।
रात को मसूढ़ों के नीचे लौंग दवाकर सोने से खून आना बंद हो जाता है।
🌹 गुरु भक्ति योग 🌸
गृहासक्तस्य नो विद्या न दया मांसभोजिनः।
द्रव्य लुब्धस्य नो सत्यं न स्त्रैणस्य पवित्रता॥
परिवार के मोह में अधिक व्यस्त न रहें आचार्य श्री गोपी राम अपनी इस नीति में कहते हैं कि जो व्यक्ति घर और परिवार के मोह में उलझा रहता है वह जीवन में अपने हाथ से सफलता के अवसर पग-पग पर खोता है। व्यक्ति को चाहिए कि वह घर के लगाव और अपने कर्म में संतुलन बनाए। जो लोग परिवार का अधिक मोह रखते हैं वो जीवन में आगे नहीं बढ़ पाते हैं। उन्होंने खास तौर पर यह बात छात्रों के लिए कही है कि यदि परिवार के चक्कर में रहेंगे और घर का मोह ज्यादा करेंगे तो जीवन में कभी भी सफल नहीं हो पाएंगे। इसलिए विशेष कर छात्रों को इन सभी मामलों से दूर रहना चाहिए।
‌‌ एसे लोगों से लगाव नहीं रखना चाहिए
वहीं इस श्लोक के माध्यम से आचार्य श्री गोपी राम आगे कहते हैं कि मांसाहार खाने वाले व्यक्ति के अंदर दया की भावना बिल्कुल नहीं होती है अतः ऐसे लोगों से सावधान रहना चाहिए क्योंकि जो व्यक्ति अपने स्वाद के लिए निर्जीव पशु की हत्या तक करने पर आ जाता है भला वो अपने स्वार्थ के लिए कुछ भी कर सकता है। तामसिक प्रकार का भोजन खाने से ऐसे लोगों में तमोगुण अधिक मात्रा में बढ़ जाता है। इन लोगों से जुड़ाव रखने में आपका कोई लाभ नहीं होगा इसलिए इनसे ज्यादा उम्मीद लगा कर न रखें।
धन का लोभी भी होता है स्वार्थी आगे आचार्य श्री गोपी राम कहते हैं कि धन के लोभी व्यक्ति पर भी कभी विश्वास नहीं करना चाहिए क्योंकि यह लोग हमेशा अपना ही फायदा सोचते हैं और अपने फायदे के लिए यह किसी को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे लोभी व्यक्ति का मुख्य उपदेश पैसा अर्जित करना होता है। उसके लिए वो किसी भी हद तक जा सकते हैं इसलिए इन लोगों से बच कर रहने में ही भलाई है। यदि आप इनकी संगत में आकर इनसे मित्रता रखते हैं तो यह सिर्फ अपना स्वार्थ सिद्ध करेंगे इसलिए इन लगों से ज्यादा जुड़ाव न रखें।
इनकी संगत से रहना चाहिए दूर गलत आचरण रखने वाले लोगों की मन से शुद्धता क्षीण हो जाती है और यह हमेशा उसी प्रकार से अनावश्यक कार्य करते हुए अपना जीवन यापन करते हैं। यह लोग शरीर ही नहीं बल्कि मन से भी अशुद्ध होते हैं इसलिए ऐसे लोगों पर बिल्कुल भरोसा न करें। जितना हो सके इनसे दूरी बनाकर रहने में ही भलाई है।
▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬
⚜️ नवमी तिथि में माँ दुर्गा कि पूजा गुडहल अथवा लाल गुलाब के फुल करें। साथ ही माता को पूजन के क्रम में लाल चुनरी चढ़ायें। पूजन के उपरान्त दुर्गा सप्तशती के किसी भी एक सिद्ध मन्त्र का जप करें। इस जप से आपके परिवार के ऊपर आई हुई हर प्रकार कि उपरी बाधा कि निवृत्ति हो जाती है। साथ ही आज के इस उपाय से आपको यश एवं प्रतिष्ठा कि भी प्राप्ति सहजता से हो जाती है।
आज नवमी तिथि को इस उपाय को पूरी श्रद्धा एवं निष्ठा से करने पर सभी मनोरथों कि पूर्ति हो जाती है। नवमी तिथि में वाद-विवाद करना, जुआ खेलना, शस्त्र निर्माण एवं मद्यपान आदि क्रूर कर्म किये जाते हैं। जिन्हें लक्ष्मी प्राप्त करने की लालसा हो उन्हें रात में दही और सत्तू नहीं खाना चाहिए, यह नरक की प्राप्ति कराता है।

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