Aaj ka Panchang आज का पंचांग रविवार, 26 फरवरी 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचांग🧾
रविवार 26 फरवरी 2023
भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।
🌠 रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें।
इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है।
रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें ।
रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन उत्तरायन
🌦️ ऋतु – सौर बसन्त ऋतु
🌤️ मास – फाल्गुन माह
🌗 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – षष्ठी 04:31 AM बजे तक उपरान्त सप्तमी तिथि है।
✏️ तिथि के स्वामी :- सप्तमी तिथि के स्वामी भगवान सूर्य देव जी है।
💫 नक्षत्र – भरणी 07:56 AM तक उपरान्त कृत्तिका नक्षत्र है।
🪐 नक्षत्र के देवता, ग्रह स्वामी- कृतिका नक्षत्र के देवता अग्नि देव और स्वामी सूर्य देव जी है।
🔊 योग – इंद्र 16.27 PM तक तत्पश्चात वैधृति
⚡ प्रथम करण : – गर – 12:33 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : – वणिज – 12:58 ए एम, फरवरी 27 तक
🔥 गुलिक काल : – अपराह्न – 3:00 से 4:30 तक ।
⚜️ दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से पान या घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सायं – 4:30 से 6:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:17:38
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:43:32
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:10 ए एम से 06:00 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:35 ए एम से 06:50 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:11 पी एम से 12:57 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:29 पी एम से 03:15 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:16 पी एम से 06:41 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:19 पी एम से 07:34 पी एम
💧 अमृत काल : 02:47 ए एम, फरवरी 27 से 04:28 ए एम, फरवरी 27
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:09 ए एम, फरवरी 27 से 12:59 ए एम, फरवरी 27
🪷 त्रिपुष्कर योग : 06:50 ए एम से 12:58 ए एम, फरवरी 27
☄️ इन्द्र योग- आज शाम 4 बजकर 27 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन-इलायची खाकर यात्रा प्रारंभ करें।
👉🏻 आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-विष्णु मंदिर लाल ध्वजा लगाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व व त्यौहार – मासिक कार्तिगाई, होलाष्टक प्रारंभ, संत रविदास जयंती, भानु सप्तमी, वीर सावरकर स्मृति दिवस, निर्देशक मनमोहन देसाई जन्मोत्सव, स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर शहिद दिवस, मुग़ल बादशाह बहादुर शाह पुण्य तिथि, राजनीतिज्ञ – बेनेगल नरसिंह राव जन्म दिवस, मुक्ती दिन – कुवैत दिवस, राष्ट्रीय महिला आरोग्य दिवस, नेशनल टेल ए फेयरी टेल डे के, राष्ट्रीय व्यक्तिगत शेफ दिवस
✍🏼 विशेष – सप्तमी तिथि को आँवला त्याज्य बताया गया है। सप्तमी तिथि मित्रप्रद तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं यह सप्तमी तिथि एक शुभ तिथि भी मानी जाती है। इस सप्तमी तिथि के स्वामी भगवान सूर्य देवता हैं। यह सप्तमी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह सप्तमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है। इस सप्तमी तिथि को सुबह सर्वप्रथम स्नान करके भगवान सूर्य को सूर्यार्घ देकर उनका पूजन करना चाहिये। उसके बाद आदित्यह्रदयस्तोत्रम् का पाठ करना चाहिये। इससे जीवन में सुख, समृद्धि, हर्ष, उल्लास एवं पारिवारिक सुखों कि सतत वृद्धि होती है। सप्तमी तिथि में भगवान सूर्य की पुजा करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
🗺️ Vastu tips 🏚️
देवी-देवताओं वाली लॉकेट न करें धारण ज्योतिष शास्त्र की मानें तो कभी भी देवी-देवताओं वाले या फिर उनकी बनावट वाले लॉकेट नहीं पहननी चाहिए। शास्त्रों के मुताबिक, रोजमर्रा की जिंदगी में शरीर पर गंदगी लग जाती है और वो लॉकेट में भी जमा होती है। वहीं कई बार ऐसा होता है कि बिना हाथ धोए ही लोग गंदे हाथ से लॉकेट पहन लेते हैं जो भगवान का अपमान है। इससे घर में नकारात्मक शक्तियां हावी हो सकती है। साथ ही आपको जीवन में कई परेशानियों का भी सामना करना पड़ सकता है। इसलिए भगवान वाले लॉकेट पहनने से मना किया जाता है।
लॉकेट पहनना है तो करें ये उपाय ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शुभ प्रभावों के लिए आप देवी-देवताओं से संबंधित यंत्र धारण कर सकते हैं। अगर यंज्ञ वाले लॉकेट को विधि से धारण किया जाए तो जीवन में पॉजिटिविटी आती है और कुंडली में अगर कोई दोष है तो वो भी समाप्त हो जाता है।
ये लॉकेट होते हैं शुभ वास्तु शास्त्र के अनुसार, चांदी, पीतल और तांबे से बना लॉकेट शुभ माना जाता है। लेकिन वास्तु कहता है कि किसी भी धातु को बिना जानकारी के धारण नहीं करना चाहिए। अगर आप ऐसा करते हैं तो आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
⏺️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
ऐसा चिंतन करे बुद्धि का विकास !
सुबह नींद में से उठे तो थोड़ी देर चुप बैठे | फिर ऐसा चिंतन करें : ‘आज मै कभी भी फरियाद का चिंतन नहीं करूँगा, अपने मन को दृढ़ रखूँगा क्योंकि मेरे मन की गहराई में मेरे भगवान हैं | भगवान सदा एकरस हैं, दृढ़ हैं तो मन दृढ़ होगा तो उसमें भगवान की सत्ता आयेगी | मेरी बुद्धि को दृढ़ करूँगा, बुरी संगति नहीं करूँगा, बुरे विचारों में नहीं गिरूँगा | मैं भगवान का हूँ, भगवान मेरे हैं | प्रभु ! आप मेरे हैं न ! आप चेतनस्वरूप हैं, आनंदस्वरूप हैं, ज्ञानस्वरूप हैं, आप शांत आत्मा हैं |
इस प्रकार का चिंतन करने से बुद्धि बढ़ेगी | क्या करूँ, कैसे करूँ, मेरा ऐसा हो गया | …. फिर जो पढ़ा है अथवा जो पढना है उसका थोडा चिंतन करो | चिंतन से बुद्धि का विकास होता है और चिंता से बुद्धि का विनाश होता है |
सूर्यनारायण को अर्घ्य देना, भगवन्नाम का जप करना, भगवान को एकटक देखते-देखते फिर उनको आज्ञाचक्र में देखना | इनसे बुद्धि का विकास होता है |
🍯 आरोग्य संजीवनी 🍶
सर्दी का मौसम जा रहा है और गर्मी ने दस्तक देना शुरू कर दी है। बदलते मौसम में खान-पान से लेकर रहन-सहन तक में बदलाव हो रहा है। इस मौसम में अचानक से हमारी डाइट में ठंडी चीजों पर जोर बढ़ता जा रहा है। ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक, दही,छाछ और ठंडी तासीर के फलों का सेवन करने से सर्दी-जुकाम, सीने में कफ, जकड़न और बलगम बेहद परेशान कर रहा है। छाती में जमा कफ को बाहर निकालने के लिए अक्सर हम बार-बार खांसते हैं फिर भी जकड़न कम महसूस नहीं होती। सांस लेने पर छाती से अजीब सी आवाज़ आती है।
कई बार हम दवाईयों का सेवन करके भी थक जाते हैं। ऐसा महसूस होता है जैसे कोई दवाई असर ही नहीं कर रही। आप भी सर्दी जुकाम और छाती में जमा बलगम से परेशान हैं तो आयुर्वेदिक नुस्खों को अपनाएं। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट स्वामी ध्यान नीरव के मुताबिक रात को सोने से पहले अगर अदरक का सेवन किया जाए तो बहुत आसानी से छाती में जमा बलगम का इलाज किया जा सकता है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि अदरक का सेवन कैसे करें कि छाती में जमा कफ और बलगम से निजात मिल सके।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
होलिका दहन से एक दिन पहले उदय हो रहे हैं शनि 4 राशियों की चमकेगी किस्मत
कुंडली में मौजूद नौ ग्रहों की चाल हमारे जीवन में बदलाव की सबसे बड़ी इकाई है। इन्हीं ग्रहों की वजह से हमारे जीवन और भविष्य में बड़े बदलाव देखने को मिलते हैं। वहीं कुंडली में बैठे शनि ग्रह को न्याय का देवता और कर्मफल दाता माना जाता है। शनि देव हमारे कर्मों के अनुसार फल देते हैं। आपको बता दें कि होलिका दहन से ठीक एक दिन पहले यानी 6 मार्च को शनि का उदय होने जा रहा है, जो कुछ राशियों के लिए फलदायी साबित होगा। 6 मार्च को रात करीब 11.36 बजे शनि उदय होगा। आइए जानते हैं किन राशियों के लिए शनि उदय फलदायी साबित होगा।
👹 शनि उदय का राशियों पर प्रभाव
वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि का उदय होना अत्यंत लाभकारी रहेगा। वृष राशि का स्वामी शुक्र है जो कि शनि देव का मित्र ग्रह भी है। इसलिए इन दोनों ग्रहों की पूजा करने से आपको भरपूर लाभ मिल सकता है। शनि के उदित होते ही इस राशि के जातकों के भाग्य में वृद्धि होगी। आपके कई रुके हुए काम तेजी से पूरे होने लगेंगे। साथ ही सफलता के मार्ग में आ रही रुकावटें दूर होंगी। आप अपने शत्रुओं पर हावी रहेंगे और उनकी रणनीतियां विफल होंगी।
सिंह राशि के जातकों को शनि के उदय होने से लाभ मिलेगा। लंबे समय से बकाया कर्ज से मुक्ति मिलेगी साथ ही आप धन संचय करने में भी सफल रहेंगे। आपका अटका हुआ पैसा भी आपको वापस मिल सकता है। आर्थिक मोर्चे पर लाभ की प्रबल संभावनाएं हैं। शनि के उदय होते ही आपको कोई शुभ समाचार भी मिल सकता है। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा और लंबे समय से चला आ रहा मतभेद या तनाव दूर होगा। लेकिन सिंह राशि वालों को अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा। लापरवाही के कारण परेशानी बढ़ सकती है।
तुला राशि वक्री शनि भी तुला राशि के जातकों का भाग्य चमका सकता है। तुला राशि वालों को उदयवन शनि रोजगार संबंधी लाभ दे सकता है। नौकरी, व्यापार में तरक्की होगी। कार्यशैली में सुधार होगा। कार्यस्थल पर आपके काम की तारीफ होगी। आपके घर में समृद्धि दस्तक दे। मेहनत से किए गए हर काम का उचित फल आपको मिलेगा। नियमित रूप से शनि की पूजा करें और बीज मंत्र- ‘ॐ प्रां प्रीं प्रौं शनैश्चराय नमः’ का जाप करें।
कुंभ राशि इस समय शनि कुंभ राशि में ही विराजमान हैं। शनि उदय के समय आपको मित्रों और रिश्तेदारों का पूरा सहयोग मिलेगा। शनि के उदय होते ही निवेश की योजनाएं आपको दीर्घकालीन लाभ देंगी। ख़र्चे थोड़े बढ़ेंगे, लेकिन आमदनी के स्रोतों से काफ़ी धन का आगमन होगा। शनि के उदय होते ही लोगों से आपकी निकटता बढ़ेगी, लेकिन किसी पर भी आंख मूंदकर भरोसा करने से आपको बचना होगा। इस दौरान ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का जाप करें और शनि से सुख-समृद्धि की कामना करते रहें।
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⚜️ सप्तमी के स्वामी भगवान सूर्य देव हैं। इस दिन आदित्यह्रदय स्रोत्र का पाठ अवश्य करें।
सप्तमी तिथि को शुभ प्रदायक माना गया है, इस तिथि में जातक को सूर्य का शुभ प्रभाव प्राप्त होता है ।
सप्तमी के दिन भगवान सूर्य देव के मन्त्र “ॐ सूर्याय नम:”।। की एक माला का जाप अवश्य ही करें ।
सप्तमी की दिशा वायव्य मानी गयी है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सप्तमी तिथि को मां कालरात्रि की पूजा का भी दिन माना जाता है, जो समस्त संकटों का नाश करने वाली हैं। अत: इस दिन माँ काली की आराधना, स्मरण अवश्य करें ।
सप्तमी के दिन माँ काली जी के मन्त्र “ॐ क्रीं काल्यै नमः” का जाप करने से समस्त भय और संकट दूर होते है।
सप्तमी को काले, नीले वस्त्रो को धारण नहीं करना चाहिए। सप्तमी का विशेष नाम ‘मित्रपदा’ है।

