Aaj ka Panchang आज का पंचांग रविवार, 31 दिसम्बर 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचांग 🧾
रविवार 31 दिसम्बर 2023
भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।
🌠 रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें।
इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है।
रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें ।
रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर शिशर ऋतु
⛈️ मास – पौष मास
🌖 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – पौष मास कृष्ण पक्ष दिन रविवार चतुर्थी तिथि 11:56 AM तक उपरांत पंचमी
✏️ तिथि स्वामी : चतुर्थी तिथि के देवता हैं शिवपुत्र गणेश। इस तिथि में भगवान गणेश का पूजन से सभी विघ्नों का नाश हो जाता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र मघा – पूर्ण रात्रि तक
🪐 नक्षत्र स्वामी : शासक देवता: मघा नक्षत्र के शासक देवता पितर या पूर्वज हैं। तथा नक्षत्र का स्वामी केतु है।
🔕 योग : प्रीति योग 03:40 AM तक, उसके बाद आयुष्मान योग
⚡ प्रथम करण : बालव – 11:55 ए एम तक
✨ द्वितीय करण : कौलव – 01:09 ए एम, जनवरी 01 तक
🔥 गुलिक काल : रविवार को शुभ गुलिक काल 02:53 पी एम से 04:17 पी एम
🤖 राहुकाल (अशुभ) – सायं 16:34 बजे से 17:56 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
⚜️ दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो पान एवं घी खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:47:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:13:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:03 ए एम से 05:54 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 05:28 ए एम से 06:46 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:57 ए एम से 12:41 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:10 पी एम से 02:55 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:50 पी एम से 06:16 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 05:52 पी एम से 07:10 पी एम
💧 अमृत काल : 05:55 ए एम, जनवरी 01 से 07:42 ए एम, जनवरी 01
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:53 पी एम से 12:45 ए एम, जनवरी 01
🚓 यात्रा शकुन-इलायची खाकर यात्रा प्रारंभ करें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-विष्णु मंदिर में पीले फल चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – मार्गी गुरु गोचर/देवदर्शन मुहूर्त, नववर्ष की पूर्वसंध्या, राष्ट्रीय शैम्पेन दिवस, ज्ञान सिंह रानेवाला स्मृति दिवस, भारतीय इतिहासकार विश्वनाथ काशीनाथ राजवाडे पुण्य तिथि, मुख्यमंत्री कृष्ण बल्लभ सहाय जन्म दिवस, राज्यसभा सांसद डॉ. महेंद्र प्रसाद पुण्य तिथि, अभिनेता कादर ख़ान पुण्य तिथि, भारतीय अंतरिक्ष अन्वेषक डॉ. विक्रम साराभाई स्मृति दिवस
✍🏼 विशेष – चतुर्थी तिथि को मूली एवं पञ्चमी तिथि को बिल्वफल त्याज्य बताया गया है। इस चतुर्थी तिथि में तिल का दान और भक्षण दोनों त्याज्य होता है। इसलिए चतुर्थी तिथि को मूली और तिल एवं पञ्चमी को बिल्वफल नहीं खाना न ही दान करना चाहिए। चतुर्थी तिथि एक खल और हानिप्रद तिथि मानी जाती है। इस चतुर्थी तिथि के स्वामी गणेश जी हैं तथा यह चतुर्थी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह चतुर्थी तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभफलदायिनी मानी गयी है।
🗼 Vastu tips 🗽
बिस्तर के नीचे पानी रखने से अच्छी नींद को बढ़ावा मिलता है
इंसान के जीवन में नींद और सोना न उसे सिर्फ शारीरिक तौर पर आराम देता हैं बल्कि ये ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने में भी मदद करता हैं। शास्त्रों के अनुसार व्यक्ति का अवचेतन मस्तिष्क नींद के समय सबसे ज्यादा सक्रिय रहता हैं और अपने आस पास के वातावरण से ऊर्जा का एक्सचेंज करता हैं।
शरीर की इसी प्रक्रिया को ज्योतिष में उपाय के तौर पर प्रयोग किया जाता हैं। यदि आप बिस्तर के नीचे एक कटोरे में पानी रखते हैं तो यह अच्छी नींद को बढ़ावा देता है जिससे शारीरिक ऊर्जा भी बनी रहती है।
🗝️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
महिलाओं को क्यों लगती है ज्यादा ठंड
मसल्स मास कम होना- महिलाओं के शरीर में मसल्स मास कम होता है, जिसकी वजह से उन्हें ज्यादा ठंड लगती है। मांसपेशियां कम होनेके कारण लड़कियों का शरीर लड़कों के मुकाबले कम गर्मी पैदा करता है। जिसकी वजह से ठंड ज्यादा लगती है। महिलाओं के शरीर से पुरुषों के शरीर में 6-11 प्रतिशत फैट ज्यादा होता है। जिससे उनका शरीर गर्म रहता है।
लो मेटाबॉलिक रेट- पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में चयापचय दर कम होता है, जिसकी वजह से उन्हें ज्यादा ठंड लगती है। जिन लोगों का चयापचय धीमा होता है उनका शरीर कम गर्मी पैदा करता है। जबकि पुरुषों का मेटाबॉलिक रेट काफी अच्छा होता है जो उनके शरीर को गर्म रखता है।
प्रोजेस्टेरोन हार्मोन- महिलाओं के शरीर में प्रोजेस्टेरोन हार्मोन ज्यादा बनता है जिसकी वजह से उन्हें ज्यादा सर्दी लगती है। इससे त्वचा की रक्त वाहिकाएं संकुचित हो जाती हैं। शरीर के कुछ अंगों तक ठीक से ब्लड फ्लो नहीं हो पाता जिससे ठंड ज्यादा लगती है। ये हार्मोन शरीर में गर्मी कम पैदा करता है, लेकिन पीरियड और गर्भावस्था को बनाए रखने में मदद करता है।
🥂 आरोग्य संजीवनी 🍯
घरेलू उपाय होते हैं खतरनाक गर्म पानी ज्यादा पीने से कफ सूखने लगता है। नमक और पानी से गरारा करने से गले व कण्ठ में जख्म बन जाते हैं। हल्दी, अदरक, मुलेठी, तुलसी का भी अधिक सेवन स्वांस नाली में अवरोध उत्पन्न करते हैं।
कफ से छुटकारा पाने के लिए अधिक इलायची, प्याज, अनानास, अदरक, लहसुन और कालीमिर्च आदि लेना भी उचित नही होता।
कफ की बीमारी बहुत टफ होती है
फेफड़ों में गंदगी होने और प्राणवायु का ठीक से आवागमन न होने के कारण बार-बार छींके आना, अचानक सर्दी, खांसी, जुकाम, न्यूमोनिया, सास फूलना, दमा रोग, श्वांस नली का छोटा होना, श्वांस लेने में परेशानी, हांफना आदि अनेक असाध्य कफ विकारों का आगमन हो जाता है।
खांसी गले की फांसी
रसतन्त्रसार व सिद्ध प्रयोग संग्रह (प्रथम खण्ड) चिकित्सा चंद्रोदय, चिकित्सा तत्व प्रदीप आदि प्राचीन किताबों में कफ, खांसी को दूर करने वाली आयुर्वेदिक औषधियां ही कारगर बताई हैं।
📚 गुरु भक्ति योग 🕯️
सभी लोगों से अनुरोध है कम से कम 1 घंटा ध्यान करें?
ध्यान में मंत्र जाप ना करे
🪷एक मंत्र परमात्मा ने दिया है,वह श्वास है।🪷
लोग मुझसे पूछते हैं, कोई मंत्र दे दें। मैं उनसे कहता हूं मंत्र वगैरह न लें। एक मंत्र परमात्मा ने दिया है, वह श्वास है। उसको देखें। श्वास पहला मंत्र है। बच्चा पैदा होते ही पहला काम करता है श्वास लेने का। और आदमी जब मरता है, तो आखिरी काम करता है श्वास छोड़ने का। श्वास से घिरा है जीवन।
जन्म के बाद पहला काम श्वास है; वह पहला कृत्य है। आप श्वास लेकर ही कर्ता हुए हैं। इसलिए अगर आप श्वास को देख सकें, तो आप पहले कृत्य के पहले पहुंच जाएंगे। आपको उस जीवन का पता चलेगा, जो श्वास लेने के भी पहले था, जो जन्म के पहले था।
अगर आप श्वास को देखने में समर्थ हो जाएं, तो आपको पता चल जाएगा कि मृत्यु शरीर की होगी, श्वास की होगी, आपकी नहीं होने वाली। आप श्वास से अलग हैं।
बुद्ध ने बहुत जोर दिया है अनापानसती—योग पर, श्वास के आने—जाने को देखने का योग। वे अपने भिक्षुओं को कहते थे, तुम कुछ भी मत करो, बस एक ही मंत्र है, श्वास भीतर गई, इसको देखो; श्वास बाहर गई, इसको देखो।
और जोर से मत लेना। कुछ करना मत श्वास को, सिर्फ देखना। करने का काम ही मत करना। सिर्फ देखना।
आंख बंद कर ली, श्वास ने नाक को स्पर्श किया, भीतर गई, भीतर गई। भीतर पेट तक जाकर उसने स्पर्श किया। पेट ऊपर उठ गया। फिर श्वास वापस लौटने लगी। पेट नीचे गिर गया। श्वास वापस आई। श्वास बाहर निकल गई। फिर नई श्वास शुरू हो गई। यह वर्तुल है। इसे देखते रहना।
अगर आप रोज पंद्रह—बीस मिनट सिर्फ श्वास को ही देखते रहें, तो आप चकित हो जाएंगे, बुद्धि हटने लगी। साक्षी जगने लगा। आंख खुलने लगी भीतर की। हृदय के द्वार, जो बंद थे जन्मों से, खुलने लगे, सरकने लगे। उस सरकते द्वार में ही परमात्मा की पहली झलक उपलब्ध होती है।
❖ॐ∥▩∥श्री∥ஜ ۩۞۩ ஜ∥श्री∥▩∥ॐ❖
⚜️ चतुर्थी तिथि में तिल का दान और भक्षण दोनों भी त्याज्य है। आज गणपति, गजानन, विघ्नहर्ता श्री गणेशजी की पूजा का विशेष महत्त्व है। आज गणपति की पूजा के उपरान्त मोदक, बेशन के लड्डू एवं विशेष रूप से दूर्वादल का भोग लगाना चाहिये इससे मनोकामना की सिद्धि तत्काल होती है।
शास्त्रानुसार जिस व्यक्ति का जन्म चतुर्थी तिथि को होता है वह व्यक्ति बहुत ही भाग्यशाली होता है। चतुर्थी तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति बुद्धिमान एवं अच्छे संस्कारों वाला होता है। ऐसे लोग अपने मित्रों के प्रति प्रेम भाव रखते हैं तथा इनकी सन्तानें अच्छी होती है। इन्हें धन की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है और ये सांसारिक सुखों का पूर्ण उपभोग करते हैं।

