ज्योतिष

Aaj ka Panchang आज का पंचांग शनिवार, 25 नवम्बर 2023

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शनिवार 25 नवम्बर 2023

25 नवम्बर 2023 दिन शनिवार को कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। मूलतः तो आज प्रदोष की तिथि है, परंतु निशीथ व्यापीनि चतुर्दशी होने के कारण आज वैकुंठ चतुर्दशी व्रत है। आज रात्री के निशीथकाल में भगवान नारायण श्रीमहाविष्णु की पूजा का विधान है। साथ ही प्रातः काल मणिकर्णिका घाट काशी में स्नान करना चाहिए। साथ ही श्रीविश्वेश्वर पूजन करना चाहिए। आज नर्मदेश्वर भगवान शिव के लिंग पर तुलसी समर्पण करना चाहिए। कहा गया है, कि – बिनाहरि पूजां तु कुर्याद् रुद्रस्यचार्चनम्। वृथातस्य भवेत्पूजासत्यमेतद्वचोमम्।। आप सभी सनातनियों को “वैकुंठ चतुर्दशी व्रत” की हार्दिक शुभकामनायें।।
शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
☄️ दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से आयु का नाश होता है । अत: शनिवार को बाल और दाढ़ी दोनों को ही नहीं कटवाना चाहिए।
शनिवार के दिन प्रात: पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित मीठे जल का अर्ध्य देने और सांय पीपल के नीचे तेल का दीपक जलाने से कुंडली की समस्त ग्रह बाधाओं का निवारण होता है ।
शनिवार के दिन पीपल के नीचे हनुमान चालीसा पड़ने और गायत्री मन्त्र की एक माला का जाप करने से किसी भी तरह का भय नहीं रहता है, समस्त बिग़डे कार्य भी बनने लगते है ।
शिवपुराण के अनुसार शनि देव पिप्लाद ऋषि का स्मरण करने वाले, उनके भक्तो को कभी भी पीड़ा नहीं देते है इसलिए जिन के ऊपर शनि की दशा चल रही हो उन्हें अवश्य ही ना केवल शनिवार को वरन नित्य पिप्लाद ऋषि का स्मरण करना चाहिए।
शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि देव की कृपा मिलती है, शनि की पीड़ा निश्चय ही शान्त हो जाती है ।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर हेमंत ऋतु
⛈️ मास – कार्तिक मास
🌖 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – कार्तिक मास शुक्ल पक्ष वार शनिवार त्रयोदशी तिथि 05:22 PM तक उपरांत चतुर्दशी
✏️ तिथी स्वामी : त्रयोदशी के देवता हैं शिव। इस दिन भगवान शंकर और माता पार्वती की विधि- विधान से पूजा की जाती है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र अश्विनी 02:55 PM तक उपरांत भरणी
🪐 नक्षत्र स्वामी : अश्विनी नक्षत्र का स्वामी केतु होता है। नक्षत्र के देवता अश्विनी कुमार है।
🔕 योग : वरीयान योग 03:52 AM तक, उसके बाद परिघ योग
प्रथम करण : तैतिल – 05:22 पी एम तक
द्वितीय करण : गर – 04:35 ए एम, नवम्बर 26 तक
🔥 गुलिक काल : – शनिवार को शुभ गुलिक प्रातः 6 से 7:30 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है ।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से अदरक खाकर, घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सुबह – 9:00 से 10:30 तक।राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:40:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:20:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:44 ए एम से 05:35 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:10 ए एम से 06:26 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:41 ए एम से 12:25 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 01:55 पी एम से 02:40 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:37 पी एम से 06:03 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:40 पी एम से 06:56 पी एम
💧 अमृत काल : 08:03 ए एम से 09:35 ए एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:38 पी एम से 12:29 ए एम, नवम्बर 26
❄️ रवि योग : 02:56 पी एम से 06:27 ए एम, नवम्बर 26
🚓 यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-शनि मंदिर में काले तिल चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – वैकुंठ चतुर्दशी (पंचांग भेद)/मूल समाप्त/रवियोग, श्रीविश्वेश्वर पूजन, वैकुंठ चतुर्दशी उपवास, भरणी दिपम् (द. भा), महिलाओं के खिलाफ हिंसा उन्मूलन के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस, पूर्व तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी जन्म दिवस, विश्व मांसाहार निषेध (रोकथाम) दिवस, सूरीनाम स्वतंत्रता दिवस, संयुक्त राष्ट्र संघ के पूर्व महासचिव ऊ थांट पुण्य तिथि
✍🏼 विशेष – त्रियोदशी को बैगन नहीं खाना चाहिए , त्रियोदशी को बैगन खाने से पुत्र को कष्ट मिलता है।शास्त्रों में चतुर्दशी को हिंसा, अनैतिक कार्य, मांस-मदिरा का सेवन, तिल का तेल, लाल रंग का साग, काँसे के बर्तन में भोजन एवं शारीरिक संबंध बनाना मना किया गया है।
🗼 Vastu tips 🗽
ठीक करवाएं टपकता नल यदि आपके घर में कोई नल टपकता है, तो आपको उसे तुरंत ठीक करवाना चाहिए। यह अच्छे स्वास्थ्य के लिए जरूरी माना गया है, क्योंकि वास्तु शास्त्र में माना गया है कि टपकता हुआ नल आपके स्वास्थ्य को खराब कर सकता है। लगातार बूंदों का शोर आपके जीवन में कई समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
सोते समय दिशाओं का रखें ध्यान वास्तु के अनुसार हमेशा दक्षिण या पूर्व दिशा में सिर करके सोना चाहिए। भूलकर भी आपके पैर दक्षिण दिशा में रखकर न सोएं। क्योंकि ऐसा करने पर आप तमाम तरह के मानसिक तनाव से घिर सकते हैं। यह आपके स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डाल सकता है। वास्तु के अनुसार अगर आप स्वस्थ रहना चाहते हैं और चैन की नींद लेना चाहते हैं तो सोते समय दिशाओं का ध्यान जरूर रखें।
न करें ये काम कई लोगों की आदत होती है कि वह सीढ़ियों के नीचे की जगह पर कुछ-न-कुछ रख देते हैं। वास्तु शास्त्र में इसे ठीक नहीं माना गया, क्योंकि ऐसा करने से आप कई बीमारियों से घिर सकते हैं। अच्छे स्वास्थ्य के लिए वास्तु में सीढ़ियों के नीचे की जगह को साफ और अव्यवस्था मुक्त रखने की सलाह दी जाती है।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
दाढ़ी किस – किस दिन बनानी चाहिए ?
रविवार, बुधवार, शुक्रवार को दाढ़ी बाल नाखून काटने चाहिए।
लेकिन एकादशी, द्वादशी, चतुर्दशी को एक पुत्र वाले को और पुत्राभिलाषी को सोमवार को, गुरुदीक्षा प्राप्त व्यक्ति को गुरुवार को, भद्रा काल मे, व्यातिपात योग मे दाढ़ी बाल नाखून नहीं काटने कटवाने चाहिए।
यह सारे प्रतिबंध नाई के घर या दूकान पर जाकर कटवाने पर हैं। घर पर जो लोग दाढ़ी बाल नाखून स्वयं बनाते हैं। उनके लिए यह प्रतिबंध नहीं है।
💉 आरोग्य संजीवनी 🩸
पान का रस , अदरख का रस, अनार का रस, प्याज का रस, लहसन का रस, पिक्कार का रस 100-100 ग्राम; पीपर 100 ग्राम, काली मिर्च 60 ग्राम। इनको मिला कर रखें।
मदार के 25 पीले पत्तों पर बराबर मात्र में चूना और सेंध नमक पानी में घोलकर पत्तो पे लेप करके, छाया में सुखालें। इसे एक मिट्टी की हांड़ी में बंद करके कन्डो से भरे एक गज लम्बे चौरे गहरे गड्ढे में डालकर फूँक दें।
ठंडा होने पर यह भस्म निकालकर ऊपर की सामग्री में मिलाकर आग पर चढ़ाएं और इसमें 2 किलो बूरा डालकर गधा शरबत बना लें।
मात्रा – इसमें से एक बार चम्मच गरम पानी में मिलाकर पियें। तीन बार।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
डायन विद्या सीखना आज का युग में क्यों जरूरी है?
डिजिटल युग में, डायन विद्या सीखने का महत्व और जरूरत बढ़ रही है। यह मुख्य रूप से निम्नलिखित कारणों से है:

  1. आत्मरक्षा: डायन विद्या से आपको अपनी और दूसरों की सुरक्षा करने की शक्ति प्राप्त होता है।
  2. बढ़ता अपराध: दुनिया में बलात्कार की अपराध की संख्या दोगुनी हो गई है। बहुत सारे नियम कानून होने के बाद भी अपराधी में डर नहीं है इसका दो उदाहरण है दिल्ली का निर्भया कांड और दक्षिण भारत के डॉक्टर बेटी- दूसरों की जान बचा रही थी पर खुद की जान नहीं बचा पाई।
  3. मारो या मरो: अपनी जीवन का रक्षा करना कानूनी हक है। इस हक को कोई आपसे छीन्ना ना चाहता है तो उसको आप मार डालो या खुद मर जाओ इन दोनों में से एक को आपको चुनना होगा।
  4. डायन विद्या की खासियत: इस विद्या से बहुत कुछ काम किया जा सकता है। जैसे कि मारन वशीकरण उच्चाटन इत्यादि । इस विद्या में ज्यादातर मारण क्रिया को प्राथमिकता दिया जाता है। आदमी खत्म काम खत्म। बस एक उंगली हिला और आदमी का काम तमाम।
  5. स्वतंत्रता और स्वावलंबन: डायन विद्या सीखने से आप खुद को स्वतंत्र बनाने और स्वावलंबी बनाने का तरीका सीख सकते हैं। यह आपको नये योग्यताओं का विकास करके आपकी स्वावलंबनता में सुधार कर सकता है। बिना डरे बिना घबराए रात को अपने घर सेही सलामत पहुंच सकती है।
    इन कारणों से डायन विद्या सीखना आज का युग में बहुत जरूरी है और यह आपकी व्यक्तिगत विकास के लिए अनिवार्य है। यह मेरा निजी विचार है इसको मानना ना मानना यह आपकी ऊपर निर्भर करता है।
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    ⚜️ त्रयोदशी तिथि के देवता मदन (कामदेव) हैं। शास्त्रानुसार भगवान कृष्ण और रुक्मिणी के पुत्र हैं भगवान कामदेव। कामदेव प्रेम और आकर्षण के देवता माने जाते हैं। जिन पुरुषों अथवा स्त्रियों में काम जागृत नहीं होता अथवा अपने जीवन साथी के प्रति आकर्षण कम हो गया है, उन्हें आज के दिन भगवान कामदेव का उनकी पत्नी रति के साथ पूजन करके उनके मन्त्र का जप करना चाहिये। कामदेव का मन्त्र – ॐ रतिप्रियायै नम:। अथवा – ॐ कामदेवाय विद्महे रतिप्रियायै धीमहि। तन्नो अनंग: प्रचोदयात्।।
    आज की त्रयोदशी तिथि में सपत्निक कामदेव की मिट्टी कि प्रतिमा बनाकर सायंकाल में पूजा करने के बाद उपरोक्त मन्त्र का जप आपका वर्षों का खोया हुआ प्रेम वापस दिला सकता है। आपके चेहरे की खोयी हुई कान्ति अथवा आपका आकर्षण आपको पुनः प्राप्त हो सकता है इस उपाय से। जो युवक-युवती अपने प्रेम विवाह को सफल बनाना चाहते हैं उन्हें इस उपाय को करना चाहिये। जिन दम्पत्तियों में सदैव झगडा होते रहता है उन्हें अवश्य आज इस उपाय को करना चाहिये।

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