Aaj ka Panchang आज का पंचांग शनिवार, 29 अप्रैल 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शनिवार 29 अप्रैल 2023
शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
☄️ दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से आयु का नाश होता है । अत: शनिवार को बाल और दाढ़ी दोनों को ही नहीं कटवाना चाहिए।
शनिवार के दिन प्रात: पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित मीठे जल का अर्ध्य देने और सांय पीपल के नीचे तेल का दीपक जलाने से कुंडली की समस्त ग्रह बाधाओं का निवारण होता है ।
शनिवार के दिन पीपल के नीचे हनुमान चालीसा पड़ने और गायत्री मन्त्र की àएक माला का जाप करने से किसी भी तरह का भय नहीं रहता है, समस्त बिग़डे कार्य भी बनने लगते है ।
शिवपुराण के अनुसार शनि देव पिप्लाद ऋषि का स्मरण करने वाले, उनके भक्तो को कभी भी पीड़ा नहीं देते है इसलिए जिन के ऊपर शनि की दशा चल रही हो उन्हें अवश्य ही ना केवल शनिवार को वरन नित्य पिप्लाद ऋषि का स्मरण करना चाहिए।
शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि देव की कृपा मिलती है, शनि की पीड़ा निश्चय ही शान्त हो जाती है ।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु
🌤️ मास – वैशाख मास
🌖 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – शुक्ल पक्ष नवमी तिथि 06:22 PM तक उपरांत दशमी है।
🖍️ तिथि स्वामी – नवमी तिथि की स्वामी देवी दुर्गा हैं ऎसे में जातक को दुर्गा की उपासना अवश्य करनी चाहिए.
💫 नक्षत्र : अश्लेशा – 12:47 पी एम तक
🪐 नक्षत्र स्वामी – नक्षत्र का स्वामी बुध है। अश्लेषा नक्षत्र के देवता नागों के राजा शेषनाग को माना गया है।
🔔 योग-गण्ड योग 10:31 AM तक, उसके बाद वृद्धि योग
⚡ प्रथम करण : कौलव – 06:22 पी एम तक
✨ द्वितीय करण – तैतिल – पूर्ण रात्रि तक
🔥 गुलिक काल : शनिवार का शुभ (गुलिक काल) :- 05:49 ए एम से 07:27 ए एम
⚜️ दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है ।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से अदरक खाकर, घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सुबह – 9:00 से 10:30 तक।राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:33:00 AM
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:27:00 PM
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:16 ए एम से 04:59 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 04:38 ए एम से 05:43 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:52 ए एम से 12:45 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:31 पी एम से 03:24 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:54 पी एम से 07:15 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 06:55 पी एम से 08:00 पी एम
💧 अमृत काल : 11:00 ए एम से 12:47 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:57 पी एम से 12:40 ए एम, अप्रैल 30
❄️ रवि योग : 12:47 पी एम से 05:42 ए एम, अप्रैल 30
☄️ यायीजय योग – 29 अप्रैल को दोपहर 12 बजकर 47 मिनट तक
🏎️ यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-शनि मंदिर में काली ध्वजा चढाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – श्री जानकी प्राकट्योत्सव (जानकी नवमी)/गुरु उदय पूर्वे, सीता नवमी, अंतर्राष्ट्रीय खगोल विज्ञान दिवस, विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस, अंतराष्ट्रीय नृत्य दिवस, राजा महेन्द्र प्रताप – भारत के सच्चे देशभक्त, क्रान्तिकारी शहीद दिवस, ज़ुबिन मेहता – भारत सरकार द्वारा ‘पद्म भूषण’ सम्मानित जन्म दिवस, दिल्ली (लालकिले) स्थापना दिवस
✍🏼 विशेष – नवमी तिथि को काशीफल (कोहड़ा एवं कद्दू) एवं दशमी को परवल खाना अथवा दान देना भी वर्जित अथवा त्याज्य होता है। नवमी तिथि एक उग्र एवं कष्टकारी तिथि मानी जाती है। इस नवमी तिथि की अधिष्ठात्री देवी माता दुर्गा जी हैं। यह नवमी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह नवमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। नवमी तिथि के दिन लौकी खाना निषेध बताया गया है। क्योंकि नवमी तिथि को लौकी का सेवन गौ-मांस के समान बताया गया है।
🌷 Vastu tips 🌸
आमतौर पर देखा गया है कि लोग अपने हाथ में पहनी जाने वाली घड़ी को सोते समय अपने तकिए के नीचे रखकर सोते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार घड़ी को कभी भी तकिए के नीचे रखकर नहीं सोना चाहिए। तकिए के नीचे घड़ी रखकर सोने से उसकी आवाज़ नींद में खलल तो डालती ही है, साथ ही उससे निकलने वाली इलेक्ट्रो मैग्नेटिक तरंगें हमारे दिमाग और हृदय पर बुरा प्रभाव भी डालती हैं। इन तरंगों के चलते पूरे कमरे में नेगेटिव ऊर्जा पैदा हो जाती है जो आपकी मन की शांति को भंग कर देती है।
साथ ही आपकी विचारधारा को नकरात्मक बना देती है। वास्तु शास्त्र में ये थी चर्चा कलाई में पहनी जाने वाली घड़ी के बारे में। उम्मीद है आप इस वास्तु टिप्स को अपनाकर जरुर लाभ उठाएंगे।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
घमौरियों हों तो
नीम के 20 ग्राम फूल व थोड़ी मिश्री पीसकर पानी में मिला के खाली पेट पी लें | इससे घमौरियाँ शीघ्र गायब हो जायेंगी |
नारियल तेल में नींबू-रस मिलाकर लगाने से घमौरियाँ गायब हो जाती हैं |
मुलतानी मिट्टी लगा के कुछ मिनट बाद स्नान करने से गर्मी और घमौरियों का शमन होता है |
🩸 आरोग्य संजीवनी 💊
क्या न करें
नमक, खमीरीकृत, मैदे व दूध से बने ( दही, पनीर, मावा आदि ) एवं पचने में भारी पदार्थ, फास्ट फ़ूड, विरुद्ध आहार, टमाटर, अचार, चाय, कॉफ़ी व मिठाई का सेवन न करें | प्रोसेस्ड फ़ूड ( जैसे – ब्रेड, केक, बिस्कुट आदि) का सेवन न करें |
एल्युमिनियम व नॉन -स्टिक बर्तनों में भोजन न बनाये | रिफाइंड तेल का उपयोग न करें |
अनुचित समय पर सोने व जागरण से गुर्दों की कार्यक्षमता पर विपरीत प्रभाव पड़ता है | दिन में न सोयें |
मूत्र के वेग को न रोकें व पानी कम मात्रा में न पियें | पर्याप्त पानी न पीने से गुर्दों से विषैले पदार्थ बाहर न निकलने से पथरी तथा एनी रोग हो जाते है | (अत: पुरे दिन में कम-से-कम 2 लीटर पानी अवश्य पियें |)
जिन्स आदि भारी, तंग कपड़े न पहने | शुद्ध सूती कपड़े पहने, जिससे पसीना निकलता रहे और गुर्दों पर दबाव कम पड़े |
📚 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी राम ने अपने ग्रंथ नीति शास्त्र में संतान से जुड़ी कई नीतियां वर्णित की हैं। एक श्लोक में उन्होंने बताया है कि आखिर माता-पिता को अपनी संतान को गुणवान बनाने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। आचार्य श्री गोपी राम की नीतियां आज भी प्रासंगिक हैं। कहते हैं कि जिन लोगों ने हमारी नीतियों को अपनाया उन्हें सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं।
लालनाद् बहवो दोषास्ताडनाद् बहवो गुणाः।
तस्मात्पुत्रं च शिष्यं च ताडयेन्न तु लालयेत् ॥
इस श्लोक का अर्थ है कि लाड़-दुलार से पुत्रों में बहुत से दोष पैदा हो जाते हैं। उनकी ताड़ना करने से अर्थात दंड देने से उनमें गुणों का विकास होता है। इसलिए पुत्रों और शिष्यों को अधिक लाड़-दुलार नहीं करना चाहिए, उनकी ताड़ना करते रहनी चाहिए।
यह ठीक है कि बच्चों को लाड़-प्यार करना चाहिए, लेकिन ज्यादा लाड़-प्यार करने से बच्चों में कई दोष भी पैदा हो सकते हैं। माता-पिता का ध्यान प्रेमवश उन दोषों की ओर नहीं जाता। इसलिए बच्चे अगर कोई गलत काम करते हैं तो उन्हें पहले ही समझा-बुझाकर उस गलत काम को दूर रखने का प्रयत्न करना चाहिए। बच्चे के द्वारा गलत काम करने पर उसे नजरअंदाज करके लाड़-प्यार करना उचित नहीं। बच्चे को डांटना भी चाहिए। किए गए अपराध के लिए दंडित भी करना चाहिए। ताकि उसे सही-गलत की समझ आए।
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⚜️ नवमी तिथि में माँ दुर्गा कि पूजा गुडहल अथवा लाल गुलाब के फुल करें। साथ ही माता को पूजन के क्रम में लाल चुनरी चढ़ायें। पूजन के उपरान्त दुर्गा सप्तशती के किसी भी एक सिद्ध मन्त्र का जप करें। इस जप से आपके परिवार के ऊपर आई हुई हर प्रकार कि उपरी बाधा कि निवृत्ति हो जाती है। साथ ही आज के इस उपाय से आपको यश एवं प्रतिष्ठा कि भी प्राप्ति सहजता से हो जाती है।
आज नवमी तिथि को इस उपाय को पूरी श्रद्धा एवं निष्ठा से करने पर सभी मनोरथों कि पूर्ति हो जाती है। नवमी तिथि में वाद-विवाद करना, जुआ खेलना, शस्त्र निर्माण एवं मद्यपान आदि क्रूर कर्म किये जाते हैं। जिन्हें लक्ष्मी प्राप्त करने की लालसा हो उन्हें रात में दही और सत्तू नहीं खाना चाहिए, यह नरक की प्राप्ति कराता है।
नवमी तिथि को जन्म लेने वाला व्यक्ति भाग्यशाली एवं धर्मात्मा होता है। इस तिथि का जातक धर्मशास्त्रों का अध्ययन कर शास्त्रों में विद्वता हासिल करता है। ये ईश्वर में पूर्ण भक्ति एवं श्रद्धा रखते हैं। धनी स्त्रियों से इनकी संगत रहती है तथा इसके पुत्र गुणवान होते हैं।

