ज्योतिष

Aaj ka Panchang आज का पंचांग शनिवार, 29 जुलाई 2023

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शनिवार 29 जुलाई 2023

29 जुलाई 2023 दिन शनिवार को अधिक श्रावण मास के शुक्ल पक्ष कि एकादशी तिथि है। आज की इस एकादशी को पद्मिनी अथवा पुरुषोत्तमी एकादशी के नाम से जाना जाता है। आप सभी एकादशी व्रतियों को पुरुषोत्तमी एकादशी व्रत की हार्दिक शुभकामनायें। शास्त्रानुसार एकादशी सर्वश्रेष्ठ एवं सर्वाधिक पुण्यदायी व्रत होता है। इसे हर एक व्यक्ति को अवश्य करना चाहिये।।
शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
☄️ दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से आयु का नाश होता है । अत: शनिवार को बाल और दाढ़ी दोनों को ही नहीं कटवाना चाहिए।
शनिवार के दिन प्रात: पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित मीठे जल का अर्ध्य देने और सांय पीपल के नीचे तेल का दीपक जलाने से कुंडली की समस्त ग्रह बाधाओं का निवारण होता है ।
शनिवार के दिन पीपल के नीचे हनुमान चालीसा पड़ने और गायत्री मन्त्र की àएक माला का जाप करने से किसी भी तरह का भय नहीं रहता है, समस्त बिग़डे कार्य भी बनने लगते है ।
शिवपुराण के अनुसार शनि देव पिप्लाद ऋषि का स्मरण करने वाले, उनके भक्तो को कभी भी पीड़ा नहीं देते है इसलिए जिन के ऊपर शनि की दशा चल रही हो उन्हें अवश्य ही ना केवल शनिवार को वरन नित्य पिप्लाद ऋषि का स्मरण करना चाहिए।
शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि देव की कृपा मिलती है, शनि की पीड़ा निश्चय ही शान्त हो जाती है ।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर वर्षा ऋतु
⛈️ मास – श्रावण मास
🌖 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – श्रावण मास शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि 01:05 PM तक उपरांत द्वादशी
✏️ तिथि स्वामी – एकादशी के देवता हैं विश्वेदेवगणों और विष्णु। इस तिथि को विश्वेदेवों पूजा करने से संतान प्राप्ति होती है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र ज्येष्ठा 11:34 PM तक उपरांत मूल
🪐 नक्षत्र स्वामी – ज्येष्ठा नक्षत्र का स्वामी ग्रह बुध है। तथा ज्येष्ठा नक्षत्र के देवता देवराज इंद्र हैं ।
🔕 योग – ब्रह्म योग 09:34 AM तक, उसके बाद इन्द्र योग
प्रथम करण : विष्टि – 01:05 पी एम तक
द्वितीय करण – बव – 11:54 पी एम तक
🔥 गुलिक काल : – शुक्रवार को शुभ गुलिक प्रात: 7:30 से 9:00 तक ।
⚜️ दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दही में चीनी या मिश्री डालकर उसे खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -दिन – 10:30 से 12:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:13:39 AM
🌅 सूर्यास्त – सायं 19:15:04 PM
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:17 ए एम से 04:59 ए एम
🌌 प्रातः सन्ध्या : 04:38 ए एम से 05:41 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:00 पी एम से 12:55 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:43 पी एम से 03:37 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:14 पी एम से 07:35 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 07:14 पी एम से 08:17 पी एम
💧 अमृत काल : 03:16 पी एम से 04:47 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:07 ए एम, जुलाई 30 से 12:49 ए एम, जुलाई 30
🚓 यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-किसी विप्र को इमरती भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – कमला एकादशी/ पुरुषोत्तमा एकादशी व्रत (सर्वे), मुहर्रम (ताजिया), भारतीय राष्ट्रीय पशु दिवस, भारतीय विज्ञान संगठन स्थापना दिवस, स्वाधीनता सेनानी ईश्वर चन्द्र विद्यासागर स्मृति दिवस, अभिनेता संजय दत्त जन्मोत्सव, जहाँगीर रतनजी दादाभाई टाटा जयंती, जयपुर की महारानी गायत्री देवी स्मृति दिवस, अभिनेता जॉनी वॉकर पुण्य तिथि, ‘भारतीय स्वतंत्रता संग्राम’ अरूणा आसफ अली स्मृति दिवस, अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस
✍🏼 विशेष – एकादशी तिथि को चावल एवं दाल नहीं खाना चाहिये तथा द्वादशी को मसूर नहीं खाना चाहिये। यह इस तिथि में त्याज्य बताया गया है। एकादशी को चावल न खाने अथवा रोटी खाने से व्रत का आधा फल सहज ही प्राप्त हो जाता है। एकादशी तिथि एक आनन्द प्रदायिनी और शुभफलदायिनी तिथि मानी जाती है। एकादशी को सूर्योदय से पहले स्नान के जल में आँवला या आँवले का रस डालकर स्नान करना चाहिये। इससे पुण्यों कि वृद्धि, पापों का क्षय एवं भगवान नारायण के कृपा कि प्राप्ति होती है।
🗺️ Vastu Tips 🗽
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में कभी भी टूटा शीशा या कांच नहीं रखना चाहिए और न ही कभी टूटे शीशे का इस्तेमाल करना चाहिए। क्योंकि इससे परिवार में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। साथ ही इससे मां लक्ष्मी भी रूष्ट हो जाती हैं जिसकी वजह से घर में दरिद्रता आती है। इसलिए घर में टूटा शीशा या शीशे की टूटी चीज बिल्कुल भी न रखें।
टूटे-फूटे बर्तन का न करें इस्तेमाल
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में टूटे व दरार वाले बर्तनों को कभी भी नहीं रखनी चाहिए। क्योंकि ये अशुभ माना जाता है। वास्तु कहता है कि घर में ऐसे बर्तनों को रखने से दरिद्रता आती है जिससे कई बार कर्ज लेने तक की नौबत आ जाती है। ऐसे में अगर आप ऐसे बर्तन को घर में रखेंगे तो इससे मां लक्ष्मी नाराज हो जाएंगी। इसलिए कभी भी टूटे या दरार वाले बर्तनों के अलावा टूटी हुई खाट का उपयोग करने से भी बचना चाहिए।
वास्तु कहता है कि कभी भी घर में खराब घड़ी नहीं रखना चाहिए। कहा जाता है कि घर में खराब घड़ी रखने से घर-परिवार की उन्नति में बाधा आती है। साथ ही ही घर में पॉजिटिव एनर्जी कम होने लगती है और नेगेटिव एनर्जी का संचार अधिक होने लगता है। जिसकी वजह से घर में तनाव का माहौल उत्पन्न होता है। इसलिए आपके घर में बंद घड़ी हो तो उसे तुरंत हटा दें।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
खड़े होकर पूजा करना ज्यादा शुभ होता है या फिर बैठकर?
पौराणिक शास्त्रों के अनुसार खड़े होकर पूजा करना सही नहीं माना जाता है। इस प्रकार पूजा करने से कोई फल नहीं मिलता है। घर में पूजा करते समय खड़े होकर पूजा न करें और न ही सीधे जमीन पर बैठकर पूजा करें। पूजा करने से पहले हमेशा आसन बिछाएं और आसन पर बैठकर ही पूजा करें। इसके साथ ही बिना सिर ढके पूजा नहीं करनी चाहिए। महिला हो या पुरुष, पूजा करते समय सिर को हमेशा दुपट्टा या रुमाल से ढंकना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि बिना सिर ढके पूजा करने से सभी लाभ और पुण्य बेकार चला जाता है।
🍶 आरोग्य संजीवनी 🍯
दांत के दर्द से तुरंत राहत कैसे पाएं आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार, दांत में दर्द होने पर बहुत समस्या होती है। इस दर्द से राहत दिलाने में पिप्पली फायदा करती है। दांत दर्द के लिए आप 1-2 ग्राम पीपली के पाउडर में सेंधा नमक, हल्दी और सरसों का तेल मिलाकर दांतों पर लगाएं। इससे दांतों के दर्द में आपको तुरंत आराम मिल सकता है। इसके अलावा आप पीप्पली चूर्ण में शहद और घी मिलाकर पेस्ट बनाएं और इस पेस्ट को दांतो पर लगाएं, इससे आपको दर्द से राहत मिलेगी।
दांतों की सेंसिटिविटी का इलाज दांतों की सेंसिटिविटी या ठंडा लगना एक बड़ी समस्या होती है। जिससे राहत पाने के लिए पिप्पली का प्रयोग किया जाता है। दांतों में सेंसिटिविटी के लिए आप 3 ग्राम पिप्पली पाउडर में 3 ग्राम शहद और घी मिलाकर दिन में 3-4 बार दांतों पर लगाएं। इस पेस्ट को लगाने से दांतों की सेंसिटिविटी की समस्या कम होती है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
हिंदू धर्म में पूजा-पाठ का विशेष महत्व है। देवी-देवताओं को प्रसन्न करने के लिए लोग कई तरह के उपाय अपनाते हैं। विधि-विधान के साथ ईश्वर की उपासना करने से मन की हर मुराद पूरी होती है। हिंदू धर्म में धूप-दीप के अलावा लोबान का भी काफी महत्व है। खासतौर से मां दुर्गा की पूजा में लोबान का उपयोग जरूर किया जाता है। कहते हैं लोबान जलाने से किस्मत के द्वार खुल जाते हैं। इसके अलावा लोबान जलाने से घर से हर तरह की नकारात्मक शक्तियां दूर हो जाती हैं। वहीं लोबान का इस्तेमाल पूजा-पाठ के अलावा तंत्र मंत्र में भी किया जाता है।
मान्यताओं के मुताबिक, लोबान भगवान शनि देव को अत्यंत प्रिय है। लोबान के धुएं से सूर्य पुत्र शनि काफी प्रसन्न होते हैं। ऐसे में शनि दोष से मुक्ति पाने के लिए शनिवार दिन शनि देव के सामने लोबान जरूर जलाएं। वहीं कहा जाता है कि शनिवार के दिन नकारात्मक शक्तियां अधिक उग्र रहती हैं ऐसे में लोबान के धुएं से अपने घर के वातावरण को शुद्ध कर सकते हैं। लोबान के धुएं से नकारात्मक शक्ति के कुप्रभाव दूर होते हैं।
मान्यताओं के अनुसार, शनिवार के दिन लोबान की धूनी से हवन करने से सभी देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है। घर में लोबान जलाने से धन-धान्य में वृद्धि होती है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। लोबान धुआं आपके जीवन की समस्त समस्याओं से छुटकारा दिला सकता है।
🤷🏻‍♀️ जरूर अपनाएं लोबान के ये उपाय
गुरुवार और रविवार के दिन एक कंडा (गोबर का उपला) जलाकर उसपर लोबान, गुड़ और देसी घी डाल दें। इस उपाय को करने से नौकरी और व्यापार में तरक्की मिलेगी।
मिट्टी के बर्तन में कंडा जलाकर उसपर केसर, जावित्रि और लोबान डाल दें। प्रतिदिन सुबह-शाम लगातार 21 दिन तक ऐसा करते रहे। आपकी पैसों से जुड़ी सारी दिक्कतें दूर हो जाएंगी।
घर से नकारात्मक शक्तियां और वास्तु दोष को दूर करने के लिए घर में लोबान जलाएं। इसके धुएं से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
रोजाना घर में लोबान जलाने से मानसिक शांति मिलती है। मन से हर तरह के नकारात्मक विचार दूर होते हैं।
घर में हर रोज लोबान जलाने से परिवार के सदस्यों में आपसी प्रेम बना रहता है। घर-परिवार में खुशहाली छाई रहती है।
◄┉┉┉┉┉┉༺✦ᱪ✦༻┉┉┉┉┉┉►
⚜️ एकादशी तिथि के देवता विश्वदेव होते हैं। नन्दा नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। एकादशी तिथि एक आनंद प्रदायिनी और शुभ फलदायी तिथि मानी जाती है। इसलिये आज दक्षिणावर्ती शंख के जल से भगवान नारायण का पुरुषसूक्त से अभिषेक करने से माँ लक्ष्मी प्रशन्न होती है एवं नारायण कि भी पूर्ण कृपा प्राप्त होती है।
एकादशी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है वो धार्मिक तथा सौभाग्यशाली होता है। मन, बुद्धि और हृदय से ऐसे लोग पवित्र होते हैं। इनकी बुद्धि तीक्ष्ण होती और लोगों में बुद्धिमानी के लिए जाने जाते है। इनकी संतान गुणवान और अच्छे संस्कारों वाली होती है, इन्हें अपने बच्चों से सुख एवं सहयोग भी प्राप्त होता है। समाज के प्रतिष्ठित लोगों से इन्हें मान सम्मान मिलता है।

Related Articles

Back to top button