Aaj ka Panchang आज का पंचांग शुक्रवार, 03 नवम्बर 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शुक्रवार 03 नवम्बर 2023
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
🌌 दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।
शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें ।
शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।
शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर हेमंत ऋतु
⛈️ मास – कार्तिक मास
🌔 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – कार्तिक मास कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि 11:07 PM तक उपरांत सप्तमी
✏️ तिथी स्वामी – षष्ठी तिथि के देता हैं कार्तिकेय। तथा कार्तिकेय की पूजा करने से मनुष्य श्रेष्ठ मेधावी, रूपवान, दीर्घायु और कीर्ति को बढ़ाने वाला हो जाता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र : पुनर्वसु – पूर्ण रात्रि तक
🪐 नक्षत्र स्वामी – पुनर्वसु नक्षत्र का स्वामी गुरु बृहस्पति होता है। राशि स्वामी बुध हैं. नक्षत्र की देवी अदिति हैं।
🔕 योग – सिद्ध योग 12:53 PM तक, उसके बाद साध्य योग
⚡ प्रथम करण – गर – 10:24 ए एम तक
✨ द्वितीय करण – वणिज – 11:07 पी एम तक
🔥 गुलिक काल : – शुक्रवार को शुभ गुलिक प्रात: 7:30 से 9:00 तक ।
⚜️ दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दही में चीनी या मिश्री डालकर उसे खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -दिन – 10:30 से 12:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:28:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:32:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:35 ए एम से 05:25 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:00 ए एम से 06:15 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:37 ए एम से 12:23 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 01:54 पी एम से 02:40 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:44 पी एम से 06:09 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 05:44 पी एम से 06:59 पी एम
💧 अमृत काल : 05:21 ए एम, नवम्बर 04 से 07:05 ए एम, नवम्बर 04
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:35 पी एम से 12:25 ए एम, नवम्बर 04
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : पूरे दिन
❄️ रवि योग : पूरे दिन
🚓 यात्रा शकुन-शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-देवी मंदिर में जायफल चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – सर्वार्थसिद्धि योग/ औरंगजेब, मुगल सम्राट जन्म दिवस, (हिंदी फ्लिम कलाकार) पृथ्वीराज कपूर जन्म दिवस, संगीतकार लक्ष्मीकांत जन्म दिवस, अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन जन्म दिवस, भारतीय निशानेबाज़ मानवजीत सिंह संधू जन्मोत्सव, पनामा पृथक्करण दिवस, माइक्रोनेशिया स्वतंत्रता दिवस, डोमिनिका स्वतंत्रता दिवस, अरब अमीरात झंडा दिवस, खाद्य प्रसंस्करण सप्ताह (3 से 5 नवंबर)
✍🏼 विशेष – षष्ठी तिथि को तैल कर्म अर्थात शरीर में तेल मालिश करना या करवाना एवं सप्तमी तिथि को आँवला खाना तथा दान करना भी वर्ज्य बताया गया है। षष्ठी तिथि के स्वामी भगवान शिव के पुत्र स्वामी कार्तिकेय हैं तथा नन्दा नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल एवं कृष्ण दोनों पक्षों में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है। इस तिथि में स्वामी कार्तिकेय जी के पूजन से सभी कामनाओं की पूर्ति होती है। विशेषकर वीरता, सम्पन्नता, शक्ति, यश और प्रतिष्ठा कि अकल्पनीय वृद्धि होती है।
🗽 Vastu tips 🗺️
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के मुख्य दरवाजे पर खिड़की बनवाना अच्छा रहता है। मुख्य दरवाजे पर खिड़की बनवाने से घर में माहौल अच्छा बना रहता है और घर में सुख-शांति रहती है। घर बनवाते समय मुख्य दरवाजे, यानि मेन गेट के दोनों तरफ समान आकार की खिड़कियां बनवानी चाहिए। मुख्य दरवाजे के दोनों ओर खिड़कियां बनवाने से एक चुम्बकीय चक्र का निर्माण होता है, जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार खिड़की खुलने व बंद होने का तरीका भी घर की सुख-शांति बनाएं रखने में बेहद अहमियत रखता है। खिड़कियां हमेशा इस तरह से बनवानी चाहिए कि ये घर के अंदर की तरफ ही खुले न कि बाहर की तरफ। इसके साथ ही खिड़कियां खोलते व बंद करते समय खिड़कियों का आवाज करना भी अच्छा नहीं माना जाता। इसका प्रभाव घर की सुख-शांति पर पड़ता है और इसके कारण परिवार के सदस्यों का ध्यान भंग होता है, इसलिए अगर खिड़कियों में इस तरह की कोई भी समस्या है तो उसे तुरंत ठीक करवा लें।
🔰 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
कैल्शियम और फास्फोरस की कमी से क्या होता है-फास्फोरस की कमी से बच्चों में रिकेट्स और बड़ों में ऑस्टियोमलेशिया जैसे हड्डी रोग हो सकते हैं। फॉस्फोरस और कैल्शियम का असंतुलन ऑस्टियोपोरोसिस का कारण बन सकता है। इसके अलावा अकेले सिर्फ कैल्शियम की कमी से ही हड्डियां और मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं, दांत कमजोर हो सकते हैं, नाखून खराब हो सकते हैं और आपके जोड़ों में दर्द रह सकता है। इसलिए इन दोनों की कमी से बचने के लिए डाइट में इन चीजों को शामिल करें।
कैल्शियम और फास्फोरस युक्त खाद्य पदार्थ-कैल्शियम से भरपूर दूध और जूस इसकी कमी को दूर कर सकते हैं। फास्फोरस की कमी को दूर करने के लिए आप चोकर युक्त अनाज, बादाम, काजू, पनीर, ड्राई फ्रूट्स, अंडा, लहसुन, फलियां, दाल, मांस, दूध, मूंगफली, तिल और सूरजमुखी के बीज खा सकते हैं। तो, इन दो विटामिन की कमी से बचें और अपनी हड्डियों की सेहत का ख्याल रखें।
🍁 आरोग्य संजीवनी ☘️
बीपी की समस्या से कैसे बचें? ब्राह्मी, शंखपुष्पी और जटामासी को 2-2 ग्राम मिलाकर पानी से लें। अगर आपको लो बीपी की समस्या है तो अश्वगंधारिष्ट 2 चम्मच रोजाना पिएं। लो बीपी वाले लोग अश्वगंधा, शतावर आधा चम्मच दूध के साथ लें।
सर्दी,जुकाम,बुखार होने पर क्या करें? गिलोय, चिरायता, तुलसी का काढ़ा बनाकर ठंडा करके पीएं। कप होने पर मुलेठी, तुलसी, गिलोय को पानी में उबालकर उबालकर पीएं।
📗 गुरु भक्ति योग 🕯️
भगवान गणेश जी के हाथी की गर्दन लगाने के बाद उनके सिर का क्या हुआ?
यह जानने के लिए आपको उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में स्थित एक गुफा के अंदर जाना होगा। इस गुफा में आने के बाद आपको न सिर्फ गणेश जी के कटे हुए सिर दिखेंगे बल्कि कई ऐसी चीजें दिखेंगी जो आपको हैरत में डालने के लिए काफी है। इस रहस्यमयी गुफा की खोज धरती पर भगवान शिव के अवतार आदिगुरू शंकराचार्य ने की थी।
यह गुफा पहाड़ी से करीब 90 फीट अंदर पाताल में मौजूद है। इसमें प्रवेश के लिए श्रद्धालुओं को जंजीर का सहारा लेकर अंदर जाना पड़ता है। इस रहस्यमयी गुफा में आप जाएंगे तो देखकर हैरान रह जाएंगे कि गुफा में सभी 33 कोटि(प्रकार) के देवी-देवता मौजूद हैं।
यह गुफा अपने आप में पूरा का पूरा देवलोक है। इसी गुफा में एक स्थान पर गणेश जी का कट हुआ सिर भी रखा हुआ है। इस गुफा का नाम है पाताल भुवनेश्वर गुफा यानी संसार के मालिक ईश्वर की गुफा। भगवान शिव ने अपने पुत्र के कटे हुए सिर की तृप्ति के लिए यहां सहस्रकमल दल की स्थापना की है ऐसी मान्यता है।
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⚜️ षष्ठी तिथि आपके उपर यदि मंगल कि दशा चल रही हो और आप किसी प्रकार के मुकदमे में फंस गये हों तो भगवान कार्तिकेय का पूजन करें। मुकदमे में अथवा राजकार्य से सम्बन्धित किसी कार्य में सफलता प्राप्ति के लिये षष्ठी तिथि के सायंकाल में शिवमन्दिर में छः दीप दान करें। कहा जाता है, कि स्वामी कार्तिकेय को एक नीला रेशमी धागा चढ़ाकर उसे अपने भुजा पर बाँधने से शत्रु परास्त हो जाते हैं एवं सर्वत्र विजय कि प्राप्ति होती है।
जिस व्यक्ति का जन्म षष्ठी तिथि को होता है, वह व्यक्ति सैर-सपाटा पसंद करने वाला होता है। इन्हें देश-विदेश घुमने का कुछ ज्यादा ही शौक होता है अत: ये काफी यात्राएं करते रहते हैं। इनकी यात्रायें मनोरंजन और व्यवसाय दोनों से ही प्रेरित होती हैं। इनका स्वभाव कुछ रूखा जैसा होता है और छोटी छोटी बातों पर भी लड़ने को तैयार हो जाता हैं।


