ज्योतिष

Aaj ka Panchang आज का पंचांग सोमवार, 06 मार्च 2023

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦•• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
सोमवार 06 मार्च 2023

महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
🌝 06 मार्च 2023 दिन सोमवार को फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष कि चतुर्दशी तिथि है। परन्तु स्नान-दान एवं व्रत की पूर्णिमा आज ही होगी। क्योंकि आज ही व्रत की पूर्णिमा होने से होलिका दहन आज ही किया जायेगा। परन्तु होलिका दहन भद्रा के उपरान्त किया जायेगा। आज भद्रा दिन में 03:56 PM से शुरू होकर अगले दिन प्रातः 04:48 AM तक रहेगी। इसलिए 06 मार्च की रात्री 12 बजे के उपरान्त 07 मार्च को प्रातः 04:48 AM के बाद होलिका दहन किया जायेगा। परन्तु 07 मार्च को कुछ भी नहीं होगा। आज से जैनियों का अष्टाह्निका व्रत का आरम्भ हो जायेगा। आप सभी सनातनियों को होलिका दहन की हार्दिक शुभकामनायें।।
☄️ दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है।
सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।
जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है ।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन – उत्तरायण
🌦️ ऋतु – सौर बसन्त ऋतु
🌤️ मास – फाल्गुन माह
🌖 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – चतुर्दशी 15:56 PM बजे तक उपरान्त पूर्णिमा तिथि है।
✒️ तिथि स्वामी : चतुर्दशी तिथि इसके स्वामी भगवान शिव हैं। चतुर्दशी तिथि में भगवान देवदेवेश्वर सदाशिव हैं।
💫 नक्षत्र – मघा 23:53 PM तक उपरान्त पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र है।
🪐 नक्षत्र स्वामी : मघा नक्षत्र का स्वामी केतु है,नक्षत्र के देवता होते हैं पितर।
🔊 योग – सुकर्मा 20:56 PM तक उपरान्त धृति योग है।
प्रथम करण : वणिज – 04:17 पी एम तक
द्वितीय करण : विष्टि – 05:15 ए एम, मार्च 07 तक
⚜️ दिशाशूल – सोमवार को पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई दर्पण देखकर घर से प्रस्थान कर सकते है।
🔥 गुलिक काल : सोमवार का (अशुभ) गुलिक काल 02:00 पी एम से 03:28 पी एम
🤖 राहुकाल (अशुभ) – सुबह 07:30 बजे से 09:00 बजे तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:11:38
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:49:32
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:03 ए एम से 05:52 ए एम
🌌 प्रातः सन्ध्या : 05:28 ए एम से 06:41 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:09 पी एम से 12:56 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:30 पी एम से 03:16 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:21 पी एम से 06:46 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:24 पी एम से 07:37 पी एम
💧 अमृत काल : 09:25 पी एम से 11:12 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:08 ए एम, मार्च 07 से 12:57 ए एम, मार्च 07
❄️ रवि योग : 06:41 ए एम से 12:05 ए एम, मार्च 07
🚓 यात्रा शकुन- मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏻 आज का मंत्र-ॐ सौं सोमाय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-किसी विप्र को श्वेत वस्त्र भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – मूल समाप्त/व्रत पूर्णिमा, महान क्रांतिकारी योद्धा अंबिका चकव्रती स्मृति दिवस, मुग़ल साम्राज्य का शासक बाबर के बेटे हुमायूँ जन्म दिवस, नासिरुद्दीन मुहम्मद हुमायूँ जन्म दिवस, राष्ट्रीय नायकों और परोपकारी दिवस, राष्ट्रीय दंत चिकित्सक दिवस, राष्ट्रीय जमा हुआ खाद्य दिवस, मिसौरी समझौता दिवस, राष्ट्रीय ओरियो दिवस, राष्ट्रीय पोशाक दिवस, पूर्णिमा प्रारंभ शाम 04.17
✍🏼 विशेष – चतुर्दशी तिथि को शहद त्याज्य होता है। चतुर्दशी तिथि को एक क्रूरा तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं चतुर्दशी तिथि को उग्रा तिथि भी माना जाता है। यह चतुर्दशी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह चतुर्दशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ और कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। इस चतुर्दशी तिथि के देवता भगवान शिवजी हैं।
🌷 Vastu tips 🌸
वास्तु शास्त्र में आचार्य श्री गोपी राम से ने बताया कि घर या ऑफिस में पानी से भरा हुआ घड़ा हमेशा उत्तर दिशा में रखना अच्छा माना जाता है। जानिए इसके लाभ। वास्तु शास्त्र के अनुसार पानी से भरे मिट्टी के घड़े या मटके को रखने के लिये उत्तर दिशा को सबसे श्रेष्ठ माना गया है। इससे आपको उत्तर दिशा से संबंधित शुभ फलों की प्राप्ति होगी। इससे आपके ऊपर वरूण देव का आशीर्वाद बना रहता है। साथ ही आपको किसी तरह का भय नहीं सताता, यानी आपको किसी चीज़ से डर नहीं लगता है।
आपको बता दूं कि परिवार में इसका सबसे ज्यादा लाभ परिवार के मंझले बेटे को मिलता है। अगर स्वास्थ्य के संदर्भ में बात करें, तो उत्तर दिशा में जल संबंधी चीज़ें रखने से हमारे शरीर में सबसे ज्यादा लाभ हमारे कानों को मिलता है। इससे हमारी सुनने की क्षमता मजबूत रहती है।
⏹️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
जीवन में तनाव है तो इस मंत्र को जपें
यदि आप किसी वजह से मानसिक तनाव में रहते हैं अथवा किसी अज्ञात भय से पीड़ित हैं, अपने आपको असु‍रक्षित महसूस करते हैं तो उसके लिए 11 बुधवार लगातार 1 नारियल नीले वस्त्र में लपेटकर किसी भिखारी को दान करें।
अपने शयनकक्ष में तांबे का एक पिरामिड स्थापित करें।
नित्य मानसिक रूप से निम्न मंत्र का जाप अवश्य किया करें।
मंत्र : ॐ अतिक्रकर महाकाय, कल्पान्त दहनोपम
भैरवाय नमस्तुभ्यमनुज्ञां दातुमहसि!!
इस उपरोक्त उपाय से एक ओर जहां आपको मानसिक तनाव/ भय/ दबाव इत्यादि से मुक्ति मिलेगी वहीं परिवार में अगर कोई नकारात्मक‍ विचारधारा का है तो उसके विचारों में भी परिवर्तन आना आरंभ होगा।
💉 आरोग्य संजीवनी 🩸
कैसे ठीक करें खर्राटों की समस्या?
खर्राटों से बचने के कई अलग-अलग उपाय हैं.ये उपाय इस बात पर निर्भर करते हैं कि आप किस पेथी के माध्यम से अपना इलाज करा रहे हैं. फिलहाल हम यहां आपको एक आयुर्वेदिक नुस्खा बता रहे हैं, जिसके जरिए आपको सिर्फ 21 दिन में ही शानदार बदलाव दिखेगा. फिर आप इस उपचार को अगले 3 महीने तक उपयोग में ला सकते हैं और अपनी समस्या को पूरी तरह कंट्रोल कर सकते हैं…
दो बूंद देसी घी लेकर सोते समय अपनी नाक के सुरो (नॉस्टल्स) में एक-एक बूंद डाल लें. इसे डालने के बाद कुछ देर के लिए सीधे यानी पीठ के बल ही लेटे रहना है, इसके बाद आप करवट लेकर सो सकते हैं. ये आसान-सा उपाय आपकी खर्राटों की समस्या को लगभग गायब कर देगा. यह घी देसी गाय के दूध से बना हुआ पूरी तरह शुद्ध घी होना चाहिए.
हालांकि कुछ लोगों को इस उपाय का जल्दी असर दिख सकता है, जबकि कुछ लोगों को आराम आने में समय लग सकता है. लेकिन 21 दिन से 3 महीने के अंदर आपको फर्क जरूर दिखेगा.
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
आपने कई बार ऑनलाइन चैटिंग के दौरान लोगों को यह सफाई जरूर दी होगी कि ‘मेरा वो मतलब नहीं था’. ऐसा तब होता है जब हमारे विचार या बातें दूसरों तक उस तरह में नहीं पहुंचते, जिस तरह से उन्हें कहा गया होता है. कई बार इसकी वजह से रिश्तों के बिगड़ने की स्थिति पैदा हो जाती है. फेस-टू-फेस कम्युनिकेशन में कई बातों को कहने के लिए काफी साहस की जरूरत होती है, जबकि ऑनलाइन चैटिंग में कई बार सीमा पार हो जाती है. हम आपको 5 ऐसे डिस्कशन्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जो भूलकर भी आपको ऑनलाइन चैटिंग पर नहीं करनी चाहिए।
टेक्स्ट पर कभी न करें ये 5 डिस्कशन्स
माफी मांगना: अगर किसी बात के लिए आपको किसी से माफी मंगनी है तो हमेशा फेस-टू-फेस कम्युनिकेशन के दौरान ही ऐसा करें. क्योंकि कई बार ऐसा देखा जाता है कि टेक्स्ट पर माफी मंगने पर या तो सामने वाला रूड बिहेवियर दिखाता है या आपके मैसेज को इग्नोर कर देता है. वो आपकी भावनाओं को ठीक तरह से नहीं समझ पाता, क्योंकि उसको आपके फेशियल एक्सप्रेशन नहीं दिख रहे होते हैं।
अपमान: जब लोग गुस्से में होते हैं या किसी बात से परेशान होते हैं तो वो अक्सर टेक्स्ट के जरिए आप पर अपना रोष व्यक्त कर सकते हैं या दुख पहुंचाने वाली बातें कह सकते हैं. हालांकि फेस-टू-फेस कम्युनिकेशन में सामने वाले को देखकर उसकी स्थिति का अंदाजा लगाना आसान हो जाता है. हम समझ पाते हैं कि सामने वाला व्यक्ति दुखी है या टूटा हुआ है, इसलिए ऐसा व्यवहार कर रहा है. लेकिन अक्सर टेक्स्ट में किसी के रूड होने की वजह कई बार समझ ही नहीं आती
सीक्रेट: कोई राज़ यानी सीक्रेट हमेशा फेस-टू-फेस कम्युनिकेशन के दौरान ही खोला जाना चाहिए. क्योंकि टेक्स्ट में कई बातें तब तक सेव रहती हैं, जब तक कि उनको डिलीट ना किया जाए. ऐसे में अगर आपका कोई राज़ किसी के चैट लिस्ट में मौजूद है तो इसका डर हमेशा बना रहेगा कि उसे कहीं कोई और ना पढ़ ले.
फ्रस्ट्रेशन: फ्रस्ट्रेशन को निकालने के लिए कभी-भी टेक्स्ट का चुनाव नहीं करना चाहिए. क्योंकि ऐसे में आपको सामने वाला व्यक्ति गलत समझ सकता है. वो आपके बारे में ऐसे विचार पैदा कर सकता है, जिनका संबंध आपसे है ही नहीं.
आर्ग्युमेंट: किसी भी बात पर बहस करने के लिए टेक्स्ट अक्सर एक अच्छा ऑप्शन साबित नहीं होता. क्योंकि दोनों ही लोग अपनी-अपनी बात कह रहे होते हैं और एक-दूसरे की बात पर गौर नहीं करते. फेस-टू-फेस कम्युनिकेशन में आपको एक-दूसरे की बातों को समझने का अवसर मिलता है.
●●●●●★᭄ॐ नमः श्री हरि नम: ★᭄●●●●●
⚜️ चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव का ज्यादा-से-ज्यादा पूजन, अर्चन एवं अभिषेक करना करवाना चाहिये। सामर्थ्य हो तो विशेषकर कृष्ण पक्ष कि चतुर्दशी तिथि को विद्वान् वैदिक ब्राह्मणों से विधिवत भगवान शिव का रुद्राभिषेक करवाना चाहिये। आज चतुर्दशी तिथि में भगवान् शिव का रुद्राभिषेक यदि शहद से किया करवाया जाय तो इससे मारकेश कि दशा भी शुभ फलदायिनी बन जाती है। जातक के जीवन कि सभी बाधायें निवृत्त हो जाती है और जीवन में सभी सुखों कि प्राप्ति सजह ही हो जाती है।
जिस व्यक्ति का जन्म चतुर्दशी तिथि को होता है वह व्यक्ति नेक हृदय का एवं धार्मिक विचारों वाला होता है। इस तिथि को जन्मा जातक श्रेष्ठ आचरण करने वाला होता है अर्थात धर्म के मार्ग पर चलने वाला होता है। इनकी संगति भी उच्च विचारधारा रखने वाले लोगों से होती है। ये बड़ों की बातों का पालन करते हैं तथा आर्थिक रूप से सम्पन्न होते हैं। देश तथा समाज में इन्हें उच्च श्रेणी की मान-प्रतिष्ठा प्राप्त होती है।

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