मच्छरो की भरमार, लोगो का जीना हुआ हराम, मलेरिया के मरीजो मे भारी इजाफा

मलेरिया विभाग कुम्भकर्णी निद्रा मे लीन
रिपोर्टर : कुंदनलाल चौरसिया
गौरझामर । इन दिनों गौरझामर वासियों का सुख-चैन मच्छरो ने इस कदर उडा दिया है कि उनके रात और दिन एक हो गये है चाहे दिन हो या रात सोते जागते समय मच्छरो के आतंक के साये में निकल रहे है। मच्छरो के काटने से लोगो के पूरे शरीर मे तुरन्त ही चक्कते आ जाते है व तेज खुलजाहट होने लगती हैं उसके बाद तेज बुखार के साथ व्यक्ति मलेरिया की चपेट मे आ जाता है। यह सिलसिला पूरे नगर मे चल रहा है जिसका उपचार कराने निजी अस्पताले खचाखच भरी हुई है डेगूं मलेरिया, चिकनगुनिया के जनक निर्दयी मच्छरो पर एक घर या एक व्यक्ति नियन्त्रण नही कर सकता इसके लिये जिला व तहसील के स्वास्थ्य विभाग, मलेरिया विभाग, शासन प्रशासन व ग्राम पंचायत को युध्द स्तर पर मुहिम चलाना पडेगी तभी एक साथ मच्छर नाशक डीडीटी पाउडर का छिडकाव गांव गांव घर घर मे होने से नियन्त्रण सम्भव है। साथ ही ग्राम पंचायत मे फागिंग मशीन की व्यवस्था उपलब्धता सुनिश्चित की जावे जिससे हर महीने पन्द्रह दिनो में मच्छरो को मारने के लिए घर घर अभियान चलाकर मच्छर नाशक धुआ का छिड़काव प्रेसर किया जा सके। इस सम्बंध मे लोगो की गम्भीर शिकायत है की मच्छर व मलेरिया उन्मूलन हेतु जब शासन ने मलेरिया विभाग अलग से बनाया हुआ है तो वह विभाग आखिर है कहां? केवल औपचारिकता निभाने व प्रचार वाहन घुमाने, डीडीटी पाउडर के ब्लैक करने मात्र से कुछ नही होगा मच्छरो की यह एक गम्भीर राष्ट्रीय समस्या है जिससे मुश्तैदी से ही निपटा जा सकता है प्राय देखा जाता है की मच्छरो के कारण हर वर्ग परेशान है जिसमे गरीब पिछडा व मध्यम वर्गीय तबका सबसे ज्यादा परेशान है जिसे खुले मे सोना पसंद है वह मच्छरो के काटने से सबसे ज्यादा मलेरिया डेंगू नामक संक्रामक रोगो से पीडित होता है शासन इस ओर शीघ्र ध्यान दे।



