मध्य प्रदेश

सुरक्षित नही है गौ माता, इलाज के अभाव में तड़प तड़प मर रही गाये

प्रशासनिक अधिकारी की योजना दिखावे के लिये, न जाने कब जागरूक होगा मानव
ब्यूरो चीफ : मनीष श्रीवास
जबलपुर । जबलपुर जिले में वेटनरी कालेज के साथ साथ जहा पशुओं की सेवा सुरक्षा के लिए जाने माने ड्राक्टर उप्लब्ध हैं । वही ग्रामीण क्षेत्रों में हालात बहुत खराब बनी हुई है । जिसका मुख्य कारण है पशुओं का  समय पर ईलाज न मिलना ना ही गम्भीर बीमारी का लगातार इलाज न कर पाना, साथ उचित साधन की वयवस्था न रहने पर इन मुश्किलों में पशुओं को अपनी जान गवानी पड़ती हैं ।
गौ माता की बच्चा दानी निकली बाहर- सिहोरा थाना क्षेत्र के ग्राम  सिलौडी मार्ग के पास बनी लाल मिट्टी की खदान के पास शनिवार रात्रि को एक लावारिश गौ माता ने बछड़े को जन्म दिया था । पर बच्चा दानी बाहर निकल आई थी । जिससे पूरी रात गौ माता तड़प तड़प कर और ईलाज के अभाव में दम तोड़ दिया ।
जब गाय जीवित रही तो स्थानीय लोगों के साथ गौ सेवाक कार्यकर्ताओ ने पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ को फोन पर सूचना देकर ईलाज उप्लब्ध कराने की बात रखी पर कई घन्टे बीत जाने के बाद जब गाय का उपचार नहीं मिला तो पीड़ित गौ माता ने रविवार की सुबह 9:23 पर अन्तिम सास ली ।
ताजा मामला सामने आने पर क्या करे ड्राक्टर- इस प्रकार की घटना अगर अचानक से ड्राक्टर के पास आ जाये तो वह केवल फोन फोन पर बात करते करते समय का निदान चाहता है पर समय पर ईलाज उप्लब्ध नहीं करा पाता ।
ग्रामीण क्षेत्रों में में क्यो हैं अधिक परेशानी- जबलपुर के ग्रामीणो में विगत कई वर्षों से अधिक समय काल निकल गया हैं पर पशु चिकित्सा डॉ की नई भर्ती और वयवस्था जहा की तहा पर बनी हुई है ।
मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री और सासदो के अड़ियल रवैया के कारण कई गौ शालाओ की हालत बिगड़ी हुई हैं और पशुओं की सेवा सुरक्षा के लिए उपकरणों व ड्राक्टरो की भर्ती से हालत बिगड़े चले जा रहे हैं । अब इन सभी पशुओं की सेवा सुरक्षा के लिए केवल पशु पालक या फिर किसी घटना दुर्घटना के लिए गौ सेवाक कार्यकर्ता ओ की रह जाती हैं ।

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