संसार के मूल में शिव तत्व ही विद्यमान है : पंडित राजेंद्र प्रसाद शास्त्री
सिलवानी। तहसील के ग्राम मुआर में सप्त दिवसीय शिव महापुराण का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन ग्राम के प्राचीन खिरका मंदिर पर किया जा रहा है। शिव महापुराण की महिमा का वर्णन करते हुए पंडित राजेंद्र प्रसाद शास्त्री चौरास ने तृतीय दिवस कहा कि यह संसार परमात्मा की इच्छा से निर्मित हुआ है। संपूर्ण जीव चराचर की संरचना में भगवान शिव ही समाहित हैं, वही इस संसार के मूल तत्व के रूप में विद्यमान हैं, उन से परे कुछ भी नहीं है। शिव तत्व का ज्ञान मानव को अपने जीवन में प्राप्त करके शिव की शरण में स्वयं को संलग्न करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति शिवपुराण की कथा का श्रवण करता है, उसे अपने आप भगवान शिव की कृपा अनुभूति प्राप्त हो जाती है। इस विकराल कलिकाल में शिव महापुराण ही भगवान शिव का विग्रह स्वरूप है, इसकी कथा सुनने से व्यक्ति के जीवन में सुख, समृद्धि, यश वैभव अपने आप प्राप्त हो जाता है। व्यक्ति को चाहिए कि बहुत निष्ठा के साथ भगवान शिव के कथामृत का दिव्य पान बड़े मनोयोग से करें। कथा आयोजकों ने धर्म प्रेमी सज्जनों से माताओं बहनों से अधिक से अधिक संख्या में कथा में सम्मिलित होने का आग्रह किया है।



