लोकमाता अहिल्याबाई की जयंती हर्षोल्लाहस के साथ मनाई जाएगी

रिपोर्टर : मनीष यादव
पलेरा । लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी की 299 वी जयंती के उपलक्ष में टीकमगढ़ जिला अध्यक्ष पहलाद पाल ने गांव गांव जाकर लोगों को जनसंपर्क कर रहे हैं और उन्हें लोकमाता अहिल्यावाई जी के बारे में बता रहे हैं और उनको अहिल्याबाई होल्कर जी की जयंती में आने के लिए सादर आमंत्रित कर रहे हैं। सभी क्षेत्र वासियों को अधिक से अधिक संख्या में पलेरा कार्यक्रम में पधारे की अपील की है कि हर वर्ष की भांति इस बार भी लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की बड़े ही धूमधाम से जयंती मनाई जाएगी और विशाल बाइक रैली भव्य शोभायात्रा निकली जायेगी। जिला अध्यक्ष पाल सेना टीकमगढ़, सहित लोकेंद्र पाल जितेंद्र पाल जयकरण पाल संतोष पाल, रानी पाल, पाल समाज की महिलाए एवं स्वजातीय बंधु कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे गौरतलब है कि लोकमाता मातेश्वरी देवी अहिल्या बाई होलकर जी का जन्म 31 मई सन 1725 में ग्राम चौड़ी तहसील जामखेड़ जिला अहमद नगर महाराष्ट्र में हुआ था अहिल्या बाई होलकर जी का विवाह अल्पआयु में सन 1733 ई. में होलकर राजघराने में मल्हार राव होलकर के पुत्र खंडेराव के साथ हुआ था उसके पश्चात पति एव पुत्र का निधन होने के बाद मातेश्वरी देवी अहिल्या बाई जी होलकर राज्य की बागडोर 1766 ई. आपने हाथों में ले ली थी ।
निर्माण कार्य अहिल्याबाई होल्कर जी ने संपूर्ण भारतवर्ष में कई तीर्थ स्थानो का निर्माण कराया हिमाचल की वादी से समुद्र के सागर तट तक उनके निर्माण कार्यों की छटा दिखाई पड़ती है आतत्ताईयो द्वारा खंडित पूजा स्थलों का भी उन्होंने जीर्णों द्वार कराया मंदिर घाट बावड़ी कुएं धर्मशालाएं मुख्य मार्गों पर वृक्षारोपण आदि कार्य करवाए गए मंदिरों में कलात्मक मूर्तियां का भी उन्होंने स्थापना करवाई उनके राज्य में पत्रों के माध्यम से प्राप्त सूचनाओं के द्वारा समाधान हेतु अधिकारियों के पास पहुंचने की व्यवस्था थी।
अहिल्याबाई होल्कर जी एक न्याय प्रिय शासिका थी उस समय न्यायालय की व्यवस्था नहीं थी वे स्वम ही राज दरबार में लोगों की प्रार्थना सुनकर न्याय देती थी।



