धार्मिक

भागवत कहने मात्र से मनुष्य के जीवन के भाग खुल जाते हैं : पंडित अभिषेक शास्त्री

सिलवानी । श्रीमद् भागवत महापुराण के प्रथम दिवस में बताया गया है किस श्रीमद् भागवत किसे कहते हैं बताया गया है की भागवत किसे कहते हैं भागवत में चार अक्षर होते हैं भ ग व त, भ कहने मात्र से मनुष्य के जीवन के भाग खुल जाते हैं ग कहने मात्र से व्यक्ति का गुमान गिर जाता है गुमान यानी होता है अहंकार यानी ग कहने मात्र से व्यक्ति का अहंकार गिर जाता है व कहने मात्र से व्यक्ति की वाणी पवित्र हो जाती और त कहने से व्यक्ति का जीवन तर आता हे इस तरह भागवत नाम की महिमा बतलाइए भगवान के नाम के बारे में बतलाया गया कि भगवान क्या स्वरूप है बताया गया है कि भगवान सत्य स्वरूप है इस संसार में कुछ भी सत्य नहीं है केवल परमात्मा सत्य है हम लोग कहते हैं कि राम नाम सत्य है परंतु कहते तो हैं परंतु मानते नहीं। उक्त वाणी नगर में श्रीमद भागवत महापुराण कथा संगीतमय साप्ताहिक ज्ञान यज्ञ एवं सिंहवाहनी दरबार स्थापना समारोह मंच से कथा व्यास अभिषेक शास्त्री ने व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि भागवत जी के माध्यम से बतलाया गया की सत्य केवल परमात्मा है दूसरा भगवान का नाम बतलाया गया है चित भगवान चित स्वरूप है चित यानी होता है प्रकाश भगवान प्रकाश स्वरूप तीसरा नाम भगवान का बताया गया है आनंद तो भगवान आनंद स्वरूप है लेकिन व्यक्ति आनंद किसी और को कहते हैं भगवान को नहीं जिस तरह व्यक्ति को रसगुल्ला खाने को मिल जाए खीर हलवा खाने को खाने के बाद में व्यक्ति का देता है की आनंद आ गया तो उसको आनंद नहीं कहा जाता आनंद केवल परमात्मा है इस तरह भगवान नाम की महिमा बतलाई गई।
कथा 17 जून 2024 सोमवार से प्रारंभ होकर 23 जून 2024 रविवार को समापन, पूर्णाहुति एवं प्रसादी वितरण होगा। कथा प्रतिदिन 1 बजे से 4 बजे तक कथा व्यास पंडित श्री अभिषेक शास्त्री श्रीधाम वृन्दावन सिलवानी वालो के मुखारविंद से हो रही है।
आयोजक सिंहवाहनी दरबार के पंडा विनोद वर्मा एवं मंदिर समिति ने अभी भक्तजनो से सहपरिवार पधार कर कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित करने का आग्रह किया है।

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