सड़क सुरक्षा पर लापरवाही: अभियान बेअसर, मंडी में बिना रेडियम पहुंचीं दर्जनों ट्रॉलियां

जिम्मेदार विभागों की चुप्पी, दुर्घटनाओं का बढ़ रहा खतरा
सिलवानी। सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन और पुलिस द्वारा समय-समय पर चलाए जाने वाले अभियान सिरे से बेअसर होते दिखाई दे रहे हैं। बुधवार को की गई पड़ताल में सिलवानी कृषि उपज मंडी का दृश्य चौंकाने वाला रहा। यहां सोयाबीन और अन्य उपजों से भरी दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बिना रेडियम पट्टी और बिना रिफ्लेक्टर के पहुंचीं, जिससे सड़क सुरक्षा के प्रति गंभीर लापरवाही उजागर हुई है।
ज्यादातर ट्रॉलियों पर नहीं रेडियम, रिफ्लेक्टर भी धूल में ढंके
मंडी परिसर में पहुंची ट्रॉलियों में केवल कुछ ही ट्रैक्टर-ट्रॉलियां रेडियम लगी हुई मिलीं, वह भी ऐसी स्थिति में कि अधिकतर रिफ्लेक्टर धूल-मिट्टी से ढंके हुए थे और उनका प्रभाव लगभग समाप्त हो चुका था। कई ट्रॉलियों पर पुराने अभियानों के दौरान लगाए गए रिफ्लेक्टर अब खराब हालत में दिखे।
सबसे चिंताजनक बात यह रही कि नई ट्रॉलियों पर भी रिफ्लेक्टर या रेडियम पट्टी बिल्कुल नहीं लगी थी। इससे यह साफ है कि ट्रॉली निर्माता और वाहन मालिक दोनों ही अपनी जिम्मेदारियों से बचते दिख रहे हैं।
हजारों ट्रॉलियां, लेकिन सुरक्षा के इंतजाम नदारद
क्षेत्र में हजारों ट्रैक्टर-ट्रॉलियां रजिस्टर्ड हैं और प्रतिदिन सैकड़ों संख्या में ट्रॉलियां कृषि उपज मंडी पहुंचती हैं, लेकिन सुरक्षा मानकों का पालन न करना गंभीर खतरा पैदा कर रहा है।
ग्रामीणों और ट्रक चालकों का कहना है,
“रेडियम पट्टी रात के समय जीवन रक्षक का काम करती है। यह दूर से ही वाहन की मौजूदगी दिखाती है, जिससे पीछे से आने वाले वाहन सावधानी बरत सकें। बिना रिफ्लेक्टर ट्रॉलियां अंधेरे में बड़े हादसों का कारण बन सकती हैं।”
अभियान ठंडे बस्ते में, कार्रवाई न होने से बढ़े हौसले
स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ समय पहले ट्रॉलियों पर रेडियम लगाने का अभियान तो शुरू किया गया था, लेकिन समय बीतने के साथ यह अभियान पूरी तरह ठंडा पड़ गया। यातायात पुलिस भी अब बिना रिफ्लेक्टर वाली ट्रॉलियों पर कार्रवाई नहीं कर रही, जिसके कारण वाहन मालिकों के हौसले बुलंद हैं और वे नियमों का पालन नहीं कर रहे।



