बीच चौराहा पर गांधी प्रतिमा लगाने की मांग

प्रशासन की लापरवाही से अस्तित्व समाप्त हो रहा गांधी चबूतरा का
अतिक्रमण के चलते नहीं दिखती गांधी प्रतिमा
साल में तीन बार याद किए जाते है पूज्य बापू
सिलवानी। देश को अंग्रेजों की दासता से मुक्ती दिलाने में अहम योगदान देने वाले पूज्य बापू महात्मा गांधी के नाम पर बनाया गया गांधी चबतूरा तथा चबूतरा पर स्थापित की गई गांधी प्रतिमा प्रशासन की अनदेखी के कारण बदहाली के दौर से गुजर रही है। अतिक्रमण के कारण चबूतरा अपनी पहचान खोता जा रहा है। वहीं दूर से देखने में गांधी प्रतिमा दिखाई ही नहीं देती है। जानकारी के अनुसार प्रशासन के द्वारा वर्षों पूर्व गांधी चौक पर गांधी चबूतरा का निर्माण कराया गया था। निर्माण के बाद करीब 15 वर्ष पूर्व तत्कालीन ग्राम पंचायत प्रशासन के द्वारा इस गांधी चबूतरा पर महात्मा गांधी की प्रतिमा स्थापित की गई थी। लेकिन चबूतरा निर्माण व प्रतिमा स्थापना के बाद प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लिया। चबूतरा के आसपास गंदगी एवं अतिक्रमण होने से गांधी प्रतिमा का अस्तित्व ही समाप्त होता जा रहा है। दूर से देखने पर न तो चबूतरा और न ही प्रतिमा नजर आती है।
वर्तमान में नगर के आमापानी से बजरंग चौराहे तक फोरलेन सड़क का निर्माण किया जा रहा है। नागरिकों ने मांग की है कि राष्टपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा को बीच चौराहे पर लगाकर चौराहे का सौन्द्रयकरण किया जाये। गांधी जी विशाल प्रतिमा एवं फब्बारा और लाइटिंग की जाये जिससे नगर गांधी चौराहा की पहचान मिले और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का भी सम्मान बढ़़ सके। वर्तमान में गांधी जी की प्रतिमा उपेक्षा की शिकार है।
मांग करने वालों में महेन्द्रसिंह रघुवंशी, मुकेश साहू, अनिल राजौरिया, लक्ष्मीनारायण, बाबूलाल, कृष्णकांत, राजेन्द्रकुमार, तरूण शर्मा, दीपक सोनी हरिशंकर आदि प्रमुख है।



