भागवत कथा के पूर्व निकाली कलश यात्रा
सिलवानी। ग्राम सियरमउ में आयोजित होने वाली श्रीमद् भागवत कथा का बुधवार को कलश यात्रा के साथ शुभारम्भ किया गया। बड़ी संख्या में कन्याएं और महिलाएं एकत्रित हुई जिसके बाद हनुमान मंदिर में पूजन अर्चन करने के बाद कलश यात्रा निकाली गई। जिसमें मुख्य यजमान अपने सिर पर श्रीमद् भागवत गीता को रखकर चल रहे थे। वहीं सबसे आगे युवा ढोल की थाम पर भाव विभोर होकर नृत्य करते हुए चल रहे थे। कलश यात्रा का श्रद्धालुओं ने कई जगहों पर पुष्पवर्षा से स्वागत किया। नगर भ्रमण के बाद कलश यात्रा कथा स्थल पहुंची और विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की गई। कथा का आयोजन प्रभुदयाल षाह षिक्षक, विजय ष्षाह, विक्रम ष्षाह सरपंच सियरमउ द्वारा कराया जा रहा है।
भागवत कथा को सुनना और पढ़ना जरूरी
कथा व्यास आचार्य पं. पंकज षास्त्री उज्जैन ने श्रीमद् भागवत कथा की महिमा का महत्व बताते श्रोताओं को बताया कि भागवत सुनने और पढ़ना क्यों जरूरी है। भागवत कथा का नियमित पाठ करने से व्यक्ति के सारे पाप कट जाते हैं और दैनिक दिनचर्या भी उसके मन मुताबिक चलने लगती है। सारे ग्रंथों का सार है श्रीमद् भागवत कथा है, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म से ही अपनी बाल लीलाओं के जरिए श्रृष्टि को बताया कि जब भी धर्म पर अत्याचार होगा तो उसका अंत निश्चित है। उन्होंने सभी से सत्कर्म कर जीवन को सफल बनाने की अपील की है।



