खेलमध्य प्रदेश

सिलवानी में खेल स्टेडियम का सपना फिर अधर में, नई नीति बनी बड़ी बाधा

सिलवानी। खिलाड़ियों और खेलप्रेमियों का वर्षों पुराना सपना—एक आधुनिक खेल स्टेडियम—सरकारी नीतियों की उलझनों में फंसकर कहीं अधूरा ही ना रह जाए। नगर में खेल सुविधाओं को बढ़ावा देने की मांग लंबे समय से उठती रही है, लेकिन हाल ही में सरकार द्वारा बनाई गई नई स्टेडियम निर्माण नीति ने इस उम्मीद को और भी कमजोर कर दिया है।
पहले जहां 5 एकड़ भूमि पर स्टेडियम की स्वीकृति मिल जाती थी, वहीं अब नई नीति के तहत कम से कम 10 एकड़ जमीन अनिवार्य कर दी गई है। समस्या यह है कि नगर सीमा या आसपास इतनी विस्तृत और समतल भूमि उपलब्ध ही नहीं है। यही कारण है कि स्टेडियम निर्माण की प्रक्रिया वर्षों से ठप पड़ी हुई है और लोगों की उम्मीदें धीरे-धीरे क्षीण होती जा रही हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर में मौजूद सरकारी फार्महाउस जैसी जमीन स्टेडियम निर्माण के लिए बिल्कुल उपयुक्त हो सकती है, लेकिन जिम्मेदार विभागों द्वारा इस दिशा में कोई ठोस पहल दिखाई नहीं देती। वहीं दूसरी ओर, ऐसी जमीन तलाशने में भी कठिनाई हो रही है जो बच्चों और खिलाड़ियों के लिए आसानी से पहुंच योग्य हो तथा एक साथ पर्याप्त क्षेत्रफल उपलब्ध करा सके।
सिलवानी के युवा खिलाड़ी, कोच और स्थानीय संगठनों ने कई बार ज्ञापन सौंपकर अपनी मांग सरकार तक पहुंचाई है। बावजूद इसके, अब तक न कोई स्थल चयन हुआ और न ही कोई प्रस्ताव आगे बढ़ा। जनता में गहरा रोष इस बात को लेकर भी है कि जहां गल्ला मंडी के लिए कृषि भूमि तमाम प्रयासों के बाद उपलब्ध करा दी गई, वहीं खेल स्टेडियम के मामले में सरकार की कार्यशैली उदासीन ही नजर आती है।
स्थानीय खिलाड़ियों का कहना है कि यदि स्टेडियम बन जाता, तो न केवल सिलवानी के युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं का अवसर मिलता, बल्कि यह क्षेत्र खेल के क्षेत्र में नई पहचान भी हासिल कर सकता था। आधुनिक सुविधाओं वाला स्टेडियम बच्चों के संपूर्ण विकास और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होता।
फिलहाल, बदलती नीतियां और भूमि की अनुपलब्धता के कारण सिलवानी में खेल स्टेडियम का निर्माण टलता हुआ सपना बन चुका है। ऐसे में आवश्यक है कि सरकार और संबंधित अधिकारी इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल संज्ञान लें। यदि उपयुक्त भूमि का शीघ्र चयन कर स्टेडियम निर्माण की शुरुआत की जाती है, तो यह सिलवानी के हजारों युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने वाला कदम साबित होगा।

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