40 हजार के भुगतान की जांच अटकी, सीईओ के आदेश के बावजूद सहायक यंत्री ने नहीं दी रिपोर्ट

सीईओ ने दो दिन में जांच प्रतिवेदन मांगा था, समय बीतने के बाद भी रिपोर्ट लंबित
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान। जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा की ग्राम पंचायत धरवारा में सीवर लाइन निर्माण कार्य के बकाया 40 हजार रुपये के भुगतान को लेकर की गई शिकायत की जांच अब तक पूरी नहीं हो सकी है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा सहायक यंत्री को दो दिवस में जांच कर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बाद भी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं किए जाने का मामला सामने आया है ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पचपेढ़ी निवासी शैलेश बाजपेयी ने शिकायत में बताया कि ग्राम पंचायत धरवारा में सरपंच अमित गर्ग एवं पंचायत सचिव की लिखित सहमति के आधार पर वर्ष 2025 में भल्लू कुम्हार के घर से पुलिया तक सीवर लाइन का निर्माण कार्य कराया गया था । शिकायतकर्ता के अनुसार कार्य पूर्ण होने के बाद उन्हें 2 लाख रुपये का भुगतान किया गया, जबकि 40 हजार रुपये की राशि अब भी बकाया है ।
शैलेश बाजपेयी का आरोप है कि बकाया राशि के भुगतान के लिए उन्होंने कई बार सरपंच एवं सचिव से मांग की, लेकिन भुगतान नहीं किया गया । उनका कहना है कि लंबे समय से राशि अटके होने के कारण उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है ।
शिकायत पर संज्ञान लेते हुए जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने 29 जुलाई को सहायक यंत्री को मामले की जांच कर दो दिवस के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे । हालांकि, शिकायतकर्ता के अनुसार निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद भी ग्राम पंचायत धरवारा से संबंधित जांच रिपोर्ट सीईओ कार्यालय में प्रस्तुत नहीं की गई है ।
शैलेश बाजपेयी ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि निर्माण कार्य और भुगतान से संबंधित दस्तावेजों के आधार पर 40 हजार रुपये की राशि बकाया है, तो नियमानुसार उसका भुगतान कराया जाए । वहीं, सीईओ के निर्देश के बावजूद जांच रिपोर्ट लंबित रहने से विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं ।
अब देखना होगा कि जनपद पंचायत द्वारा मामले में जांच रिपोर्ट कब प्रस्तुत कराई जाती है और शिकायत में लगाए गए 40 हजार रुपये के बकाया भुगतान के आरोपों की जांच के बाद क्या कार्रवाई की जाती है ।



