ज्योतिष

Aaj ka Panchang आज का पंचांग बुधवार, 14 जून 2023

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
जय श्री हरि
🧾 आज का पंचांग 🧾
बुधवार 14 जून 2023

ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात ।।
☄️ दिन (वार) – बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से अर्थात तेल लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है धन लाभ मिलता है।
बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन हैं। बुधवार के दिन गणेश जी के परिवार के सदस्यों का नाम लेने से जीवन में शुभता आती है।
बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु
🌤️ मास – आषाढ़ मास
🌒 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – ज्येष्ठ मास कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि 08:48 AM तक उपरांत द्वादशी
✏️ तिथि स्वामी – एकादशी के देवता हैं विश्वेदेवगणों और विष्णु। इस तिथि को विश्वेदेवों पूजा करने से संतान प्राप्ति होती है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र अश्विनी 01:40 PM तक उपरांत भरणी
🪐 नक्षत्र स्वामी – अश्विनी नक्षत्र का स्वामी केतु ग्रह है। तथा । – इस नक्षत्र के देवता अश्विनी कुमार है।
📣 योग – अतिगण्ड योग 03:00 AM तक, उसके बाद सुकर्मा योग
प्रथम करण : बालव – 08:48 ए एम तक
द्वितीय करण – कौलव – 08:37 पी एम तक
🔥 गुलिक काल : – बुधवार को शुभ गुलिक 10:30 से 12 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – बुधवार को उत्तर दिशा में दिशा शूल होता है ।इस दिन कार्यों में सफलता के लिए घर से सुखा / हरा धनिया या तिल खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल : – बुधवार को राहुकाल दिन 12:00 से 1:30 तक । राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:13:00 A.M
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:47:00 P.M
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:02 ए एम से 04:43 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:22 ए एम से 05:23 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : कोई नहीं
🔯 विजय मुहूर्त : 02:41 पी एम से 03:37 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:19 पी एम से 07:39 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:20 पी एम से 08:20 पी एम
💧 अमृत काल : 06:26 ए एम से 08:02 ए एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:01 ए एम, जून 15 से 12:42 ए एम, जून 15
🚓 यात्रा शकुन-हरे फ़ल खाकर अथवा दूध पीकर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-किसी बटुक को हरे फल भेंट करें।
🌴 वनस्पति तंत्र उपाय-अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – योगिनी एकादशी व्रत (सर्वे.), गोपद्म व्रत उद्यापन, गुरु हरगोविंद सिंह जयन्ती, सुशांत सिंह राजपूत पुण्य तिथि, फकीर मोहन सेनापति स्मृति दिवस, श्रीपति चंद्रशेखर पुण्य तिथि, मनोहर मालगांवकर पुण्य तिथि, भारतीय शास्त्रीय संगीतकार हीराबाई बरोदकर जन्मोत्सव, वैज्ञानिक सतीश चंद्र दासगुप्ता जन्म दिवस, दूरदर्शन कलाकार शेखर सुमन जन्म दिवस, विश्व रक्तदान दिवस
✍🏼 विशेष – एकादशी तिथि को चावल एवं दाल नहीं खाना चाहिये तथा द्वादशी को मसूर नहीं खाना चाहिये। यह इस तिथि में त्याज्य बताया गया है। एकादशी को चावल न खाने अथवा रोटी खाने से व्रत का आधा फल सहज ही प्राप्त हो जाता है। एकादशी तिथि एक आनन्द प्रदायिनी और शुभफलदायिनी तिथि मानी जाती है। एकादशी को सूर्योदय से पहले स्नान के जल में आँवला या आँवले का रस डालकर स्नान करना चाहिये। इससे पुण्यों कि वृद्धि, पापों का क्षय एवं भगवान नारायण के कृपा कि प्राप्ति होती है।
🗺️ Vastu Tips 🗽
घरेलू उपचार में और नाई की दुकान पर फिटकरी का उपयोग होते तो आपने कई बार देखा होगा, लेकिन इसके वास्तु उपाय के बारे में आपने नहीं सुना होगा। घर में ऐसी कई चीजें होती हैं जो घरेलू उपाय के साथ-साथ वास्तु उपाय के लिए भी उपयोग में लाई जा सकती है। अगर आपके घर या ऑफिस में किसी भी प्रकार की वास्तु संबंधी समस्या है तो उसे दूर करने को लिए आज ही 50 ग्राम फिटकरी का टुकड़ा लेकर उसे घर या ऑफिस के हर कमरे या कोने में रख दें। इससे विभिन्न वास्तु संबंधी समस्याओं से होने वाली परेशानियों में कमी आएगी और सुख-शांति के साथ धन-संपदा में भी वृद्धि होगी।
भय से मुक्ति के लिए इसके अलावा अगर सोने से पहले काले कपड़े में फिटकरी बांधकर सिरहाने पर तकिये के नीचे रखें तो बुरे सपने नहीं आते और अज्ञात भय से मुक्ति मिलती है। ऐसे ही दुकान या ऑफिस में बरकत के लिए और नकारात्मक ऊर्जा से छुटकारा पाने के लिए भी आप इस उपाय का प्रयोग कर सकते हैं।
आर्थिक स्थिति के लिए धन लाभ के लिए भी फिटकरी का उपाय कारगर हो सकता है। इसके लिए घर पर पोछा लगाते समय फिटकरी का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके साथ ही कभी-कभी नहाने वाले पानी में भी फिटकरी डाल सकते हैं।
🗝️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
नाक में सरसों तेल डालने के फायदे- ड्राई नोज की समस्या में-ड्राई नोज की समस्या में, नाक में सरसों तेल डालना फायदेमंद है। दरअसल, कई बार डिहाइड्रेशन के कारण हमारी नाक अंदर से सूख जाती है और ब्लीडिंग भी होने लगती है। ऐसे में नाक में सरसों तेल डालना ल्यूब्रिकेशन का काम करता है और इस समस्या में कमी लाता है।
सर्दी-जुकाम में- सर्दी-जुकाम की समस्या में नाक में तेल डालना कई प्रकार से फायदेमंद माना जाता है। दरअसल, जब आपको सर्दी-जुकाम होता है तो नाक में सरसों तेल डालने से बलगम को तोड़ने, बंद नाक को खालने और बेहतर सांस लेने में मदद मिलती है।
एलर्जी में- जैसा कि आप जानते हैं कि सरसों का तेल एंटीबैक्टीरियल, एंटी फंगल और एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है। ऐसे में एलर्जी में आप इस तेल को आरान से लगा सकते हैं। ये बार-बार आती छींक से राहत दिलाएगी और आप कुछ ही देर में बेहतर महसूस करेंगे।
💉 आरोग्य संजीवनी 🩸
नसों में दर्द किसकी कमी से होता है- नसों में दर्द विटामिन बी12 की कमी के कारण हो सकता है। दरअसल, विटामिन बी12 पेरिफेरल न्यूरोपैथी, का कारण बनता है। इससे मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी से जुड़े नसों में दर्द होता है। इससे अक्सर कमजोरी, सुन्नता और रह-रहकर दर्द की समस्या होती है। ये आमतौर पर हाथों और पैरों में होता है। यह पाचन, पेशाब और ब्लड सर्कुलेशन सहित शरीर के कई कार्यों को प्रभावित करता है।
विटामिन बी12 की कमी को कैसे दूर करें- अगर आप विटामिन बी-12 की कमी के शिकार हैं तो आपको इन फूड्स का सेवन करना चाहिए। आपको अपने खाने में ज्यादा से ज्यादा फॉर्टिफाइड फूड्स को शामिल करना चाहिए जिसमें कि विटामिन बी12 को ऊपर से मिलाया गया है। इसके अलावा आपको दूध, अंडा, सीफूड और मीट खाना ताहिए। ये तमाम चीजें इस कमी आसानी से कम करेंगी।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
👉🏽 कल का शेष
शंका या संदेह करने से उपाय का प्रभाव निष्फल हो जाता है । तंत्र शास्त्र के अनुसार तांत्रिक उपाय बहुत जल्दी असर दिखाने वाले होते हैं । यदि कोई व्यक्ति सही तरीके से इन उपायों का प्रयोग करें तो ।
इससे उसके घर की दशा ही बदल जाती है । ऐसा ही एक चमत्कारी उपाय है, नहाते समय करने वाला यह उपाय । इस उपाय के अनुसार जिस बाल्टी में हम नहाने का पानी लेते हैं उस पानी पर यह उपाय करना होगा ।
इस उपाय से आपके आसपास की नकारात्मक शक्तियां निष्क्रीय हो जाती हैं और यदि आपके ऊपर किसी की बुरी नजर है तो वह भी उतर जाती है । इसके साथ ही कार्यों में आपको सफलता मिलने लगती है और मेहनत का सही फल प्राप्त होता है ।
इस उपाय के साथ ही इष्टदेवी-देवताओं का भी पूजन-अर्चन करते रहना चाहिए । यह तो तांत्रिक उपाय है लेकिन शास्त्रों के अनुसार नहाते समय देवी-देवताओं के नामों का या उनके मंत्रों का उच्चारण भी किया जा सकता है ।
यह उपाय बहुत ही लाभदायक होता है और इससे स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्यायें भी समाप्त हो जाते हैं । यदि कोई व्यक्ति किसी नदी में स्नान करता है तो उसे पानी पर ऊँ लिखकर पानी में तुरंत डुबकी मार लेना चाहिए ।
इस उपाय से भी नदी में स्नान का अधिक पुण्य प्राप्त होता है । इसके अलावा आपके आसपास की नेगेटिव एनर्जी भी समाप्त हो जाती है । शास्त्रों के अनुसार प्रात:काल ब्रह्म मुहूर्त में नहाना श्रेष्ठ फल प्रदान करता है ।
इसी वजह से हमेशा स्नान सूर्योदय से पहले ही करना चाहिए । नहाने के बाद प्रतिदिन सूर्य को जल अर्पित करना चाहिए । सूर्य को जल चढ़ाने से मान-सम्मान की प्राप्ति होती है ।
नहाते समय सबसे पहले सिर पर पानी डालना चाहिए इसके बाद पूरे शरीर पर । इसके पीछे भी वैज्ञानिक कारण है, इस प्रकार नहाने से हमारे सिर एवं शरीर के ऊपरी हिस्सों की गर्मी पैरों से निकल जाती है ।
काफी लोग नहाने से पहले शरीर की अच्छी मालिश करते हैं । मालिश से स्वास्थ्य और त्वचा दोनों को ही लाभ प्राप्त होता है और त्वचा की चमक बढ़ती है । इस संबंध में यह ध्यान रखना चाहिए कि मालिश के आधे घंटे बाद शरीर को रगड़-रगड़ कर नहाना चाहिए ।
इति समाप्ति
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⚜️ एकादशी तिथि के देवता विश्वदेव होते हैं। नन्दा नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। एकादशी तिथि एक आनंद प्रदायिनी और शुभ फलदायी तिथि मानी जाती है। इसलिये आज दक्षिणावर्ती शंख के जल से भगवान नारायण का पुरुषसूक्त से अभिषेक करने से माँ लक्ष्मी प्रशन्न होती है एवं नारायण कि भी पूर्ण कृपा प्राप्त होती है।
एकादशी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है वो धार्मिक तथा सौभाग्यशाली होता है। मन, बुद्धि और हृदय से ऐसे लोग पवित्र होते हैं। इनकी बुद्धि तीक्ष्ण होती और लोगों में बुद्धिमानी के लिए जाने जाते है। इनकी संतान गुणवान और अच्छे संस्कारों वाली होती है, इन्हें अपने बच्चों से सुख एवं सहयोग भी प्राप्त होता है। समाज के प्रतिष्ठित लोगों से इन्हें मान सम्मान मिलता है।

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