पिता को अपने घर में एक कंट्रोल रूम निर्माण कराना चाहिए जहां से अपने परिवार के सदस्यों पर कंट्रोल कर सके

रिपोर्टर : शिवकुमार साहू
सिलवानी । तहसील के ग्राम सांईखेड़ा में आयोजित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व.मुकद्दम लक्ष्मण प्रसाद साहू एवं स्व.श्री मति सरस्वती बाई साहू कि पुण्य स्मृति में मुकद्दम नीरज साहू यजमान किरण मधुसूदन साहू परिवार द्वारा आयोजित संगीतमय श्रीमद भागवत कथा साप्ताहिक ज्ञान यज्ञ के द्वितीय दिवस में श्री विपिन बिहारी दास के मुखारविंद से अमृत बर्षा में सती प्रसंग, ध्रुव चरित्र और ऋषभदेव के चरित्र का वर्णन किया, साथ ही भगवान की भक्ति और ज्ञान के महत्व पर प्रकाश डाला कथा वाचक ने बताया कि संसार में अशक्ति ही सुख-दुख का कारण है, लेकिन भगवान और उनमें भक्ति में अशक्ति होने पर मोक्ष का द्वार खुल जाता है सती के शील गुण से प्रसन्न होकर भगवान ने उन्हें दस हजार कानों की शक्ति प्राप्त करने का वरदान दिया, जिससे वे अर्धनिश प्रभु का गुणगान सुन सकें कथावाचक विपिन बिहारी दास जी ने बताया कि मनुष्य को ऋषभदेव जी जैसा आदर्श पिता होना चाहिए, जो अपने पुत्रों को दिव्य तप करने के लिए प्रेरित करें जिन्होंने अपने पुत्रों को समझाया कि इस मानव शरीर को पाकर दिव्य तप करना चाहिए, जिससे अंत:करण की शुद्धि हो तभी उसे अनंत सुख की प्राप्ति हो सकती है। कथावाचक ने भक्ति और ज्ञान के महत्व पर प्रकाश डाला और बताया कि भागवत कथा में भक्ति, ज्ञान, वैराग्य, ज्ञानयोग, कर्मयोग,समाजधर्म, स्त्रीधर्म और राजनीति का ज्ञान भरा है कथा वाचक ने कहा कि भागवत कथा का मूल मंत्र सदाचार है,जो इसे अपना लेता है, समाज उसे सम्मानित करता है और भगवान भी ऐसे व्यक्ति से प्रेम करते हैं आज साप्ताहिक ज्ञान यज्ञ के द्वितीय दिवस में श्री विपिन बिहारी जी के मुखारविंद से हजारों भक्तों ने कथा का रस पान किया।



