धार्मिक

पूजा-व्रत : नर्मदा नदी सहित जलाशयों में डुबकी लगाकर महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए रखेंगी व्रत

तीन सोमवती अमावस्या…
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस वर्ष तीन अमावस्याओं पर सोमवार का दिन पड़ेगा। पहली सोमवती अमावस्या फाल्गुन में 20 फरवरी रविवार को है। दूसरी श्रावण मास में 17 जुलाई को पड़ेगी। साल की तीसरी और अंतिम सोमवती अमावस्या कार्तिक मास में 13 नवंबर को पड़ेगी।
शिवयोग में पड़ेगी पहली सोमवती अमावस्या….

रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। हिन्दू सनातन मान्यता के अनुसार सोमवती अमावस्या का विशेष महत्व माना गया है। इस वर्ष तीन सोमवती अमावस्या पड़ेगी। वर्ष की पहली सोमवती अमावस्या 20 फरवरी रविवार को है। इस दिन विशेष शुभफलदायी शिव योग भी बन रहा है। इस दिन पूजा-पाठ, दान और तर्पण का विशेष फल मिलता है। सोमवती अमावस्या पर विवाहित स्त्रियां पति की लम्बी आयु की कामना के लिए व्रत रखेंगी। व्रत रखने के बाद बरगद, पीपल, तुलसी आदि पवित्र वृक्षों की पूजा-अर्चना कर सौभाग्य सामग्री से 108 फेरी भी लगाती हैं। दान-पुण्य, पितृ तर्पण और कालसर्प योग के निवारण के उपाय भी होंगे।
परिधि और शिव योग होगा शुभ…..
सोमवती अमावस्या 19 फरवरी को शाम 4.18 बजे शुरू होकर अगले दिन दोपहर 12.35 बजे समाप्त होगी। पूजा का मुहूर्त सुबह 9.50 बजे से 11.15 बजे तक रहेगा। इस दिन भोलेनाथ की साधना, मंत्र जाप, तप, श्राद्ध कर्म आदि से घर में सुख-समृद्धि का वास होगा। इस दिन शुभफलदायी परिध व शिव योग भी बन रहे हैं। 20 फरवरी को सुबह 11.03 बजे तक परिधि योग होगा। इसके बाद शिव योग शुरू होगा, जो 21 फरवरी की सुबह 6.57 बजे तक रहेगा।
स्नान का मुहूर्त…
स्नान के लिए उत्तम मुहूर्त 20 फरवरी रविवार को सुबह 6.57 मिनट से 8.21 मिनट तक रहेगा। इसके बाद सुबह 11.58 मिनट से दोपहर 12.48 बजे तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा। इस मुहूर्त में अन्न, वस्त्र या धन का दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।

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