वन अधिकार समिति सशक्तिकरण कार्यशाला हुई सम्पन्न

सिलवानी । एकता परिषद द्वारा वनभूमि मान्यता कानून के अंतर्गत गांव गांव में गठित वन अधिकार समितियो का वनाधिकार के मुद्दों को लेकर सशक्त और अपने अधिकारो के प्रति जागरूक करने प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर महात्मा गांधी सेवा आश्रम ग्वालियर से आऐ प्रशिक्षक दीपक अग्रवाल ने बताया कि ग्राम स्तरीय वन अधिकार समितियो को अपने गांव में वनभुमि के मुद्दों पर बहुत सारे अधिकार दिए गए हैं जिसमें वन अधिकार समिति अपने गांव में वनभुमि पर काबिज लोगों के दावों कि जांच पड़ताल करेगी और लेखा जोखा रखेगी कि हमारे गांव में कितने लोग वनभुमि पर काबिज कितने वर्षों से है कितने रकवे पर है उन वनभुमि पर कब्जेदार है उसका दावा लेंगी और उन सबका निराकरण करेंगी साथ ही सामुदायिक दावों को लेकर समुदाय कहा कहां निस्तार करता था, कहां मवेशी चराता था कहां से चारा, लकड़ी, जड़ी बूटी, कद मुल, वनोपज, पुजा करने आदि स्थानों का मौका मुआयना कर दावा लेंगे ओर दावों का ग्रामसभा के माध्यम निराकरण करना ओर ब्लाक स्तर समिति को पहुंचना है। वही समुदाय दावों के अधिकार प्राप्ति पर जंगलों का रखरखाव कर सामुदाय की पहुंच कि व्यवस्था कर ग्रामीणों कि जंगलों से आजीविका सुनिश्चित करना है जैसे मुद्दों पर विस्तार से बताया।
इस अवसर पर सरपंच संघ के अध्यक्ष राजेश राय ने उपस्थित वन अधिकार समिति के पदाधिकारियों को सम्बोधित करते हुए कहां कि जंगलों से हम पीढ़ियों से अपनी आजिविका चला रहे हैं, जरुरत कि चीजें ला रहे हैं इसलिए जंगल अपना है इससे हमें सुरक्षित रखना है, जिससे पार्यावरण भी सुरक्षित रहे हमारी आनी वाली पीढ़ी भी सुरक्षित रहे इसलिए वन अधिकार मान्यता कानून के तहत सामुदायिक दावा करने में हम आप सब के साथ है आगे कहा कि सरकार कि मंशा के अनुरुप एक पेड़ मां के नाम लगाए तो बहुत अच्छा होगा हम सब सरकार कहे या ना कहें पर हमें अपने जीवन में पेड़ लगाना जरुरी है और जो अधिकार हमें दिए हैं उसको लेना और पालन करना भी जरूरी है।
प्रशिक्षण का संचालन सिलवानी समन्वयक टीकाराम ने किया। इस अवसर पर एकता परिषद के कार्यकर्ता विमलेश कानोड़िया, संतोष पधराम, ब्रजलाल भाई, कविता, बबली, वा वन अधिकार समिति के 18 गांव के अध्यक्ष, सचिव, सदस्य , मुखिया उपस्थित रहे।



