कृषिमध्य प्रदेश

घटेरा वनवार खरीदी केंद्र में जमकर लूट खसोट, औचक निरीक्षण में अमानक धान रिजेक्ट

ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
दमोह । पहले तो मध्य प्रदेश सरकार ने धान खरीदी से इनकार किया था बाद में विषय की गंभीरता का मंथन किया गया ओर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सरकार द्वारा धान खरीदी का निर्णय लिया। इन दिनों दमोह में कुल 32 केन्द्रो पर धान खरीदी चल रही है जिनमे से अधिकांश केंद्रो पर बारदाने की समस्या चल रही है जिससे समय पर किसानों के माल की तुलाई नहीं हो पा रही जिन वेयर हॉउस में तुलाई चल रही है उनमे से अधिकांश में पहले से ही मूंग भरी है,
समय से परिवहन नहीं होने से केंदो के बाहर लगी लंबी कतारे
एक तरफ बारदाने की अपर्याप्तता ओर दूसरी तरफ समय से परिवहन ना होने से सुचारु रूप से माल की तुलाई नहीं हो पा रही जिससे किसानों को काफ़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ऐसे में आपदा को अवसर बनाने बाले लोभी समिति प्रबंधको की चांदी है ताज़ा मामला वनबार केंद्र का देखने मिला जहाँ किसानों ने नाम ना उजागर करने की शर्त पर बताया पिछले 3 वर्षो में केंद्र का संचालन राजेश सिंह लोधी कर रहे है ओर बिना पैसे लिए माल पास नहीं करते प्रति क्विंटल ₹50 देना पड़ता है किसानों का कहना है जब हम कहते है की तुलाई निशुल्क है तब राजेश सिंह लोधी (राजू ) यह कहकर धौंस दिखाते है की खरीदी हम कर रहे है पर कई जगह कमीशन देना पड़ता है,जो की गंभीर समस्या है इसकी जाँच जरुरी है।
नोडल अधिकारी के निरीक्षण के दौरान पाया गया अमानक माल हुआ रिजेक्ट
घटेरा वनवार खरीदी केंद्र पर मंगलवार को नोडल अधिकारी का निरीक्षण चल रहा था जिसमे केंद्र में कुछ ढ़ेरो की बोरियो में टैग ना जाना पाया गया जिसपर समिति प्रबंधक को फटकार लगी साथ ही कुछ अमानक मालभी पाया गया जिसे निरीक्षण के दौरान रिजेक्ट कराया गया जिसपर निरीक्षण अधिकारी द्वारा समिति प्रबंधक को समझाइए दी गई के केवल उचित गुणवत्ता के माल को ही केंद्र पर पास किया जाए पुनः ऐसी गलती पाए जाने पर आप पर कार्यवाही की जाएगी।
पिछले वर्षों में भी लग चुके घटेरा बनवार समिति पर भ्रष्टाचार के आरोप
ज्ञात हो घटेरा बनवार खरीदी केंद्र दमोह जिले के बदनाम खरीदी केदो में से एक हैं जिनमें लगातार कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों, पोर्टल और न्यूज़ चैनलों पर भ्रष्टाचार की खबरें चलाई जा चुकी हैं परंतु समिति प्रबंधक और समिति पर कार्यवाही न होने के चलते आज भी समिति का संचालन पिछले वर्षों की तरह रजेश सिंह लोधी ही कर रहा है जो समिति में चल रहे भ्रष्टाचार की अहम वजह है प्रशासन को इस पर ध्यान देते हुए समिति प्रबंधक पर तत्काल कार्यवाही कर केंद्र से पृथक करना चाहिए साथ ही जिले की ऐसी अन्य समितियां जिम लंबे समय से एक ही समिति प्रबंधक खरीदी कर रहा है उन्हें भी आपस में अन्य केदो पर खरीदी के दौरान चार्ज सपना चाहिए जिससे किसानों के साथ ल खसोट और भ्रष्टाचार कुछ हद तक रुक सके।

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