आरबीएसके और आयुष्मान योजना की मदद से बालक को मिला जीवनदान

सिलवानी । मध्यप्रदेश शासन की राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम योजना मासूम बच्चों के लिए वरदान साबित हो रही है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम और आयुष्मान भारत योजना की मदद से जिले के सिलवानी विकासखंड के ग्राम मगरमोली निवासी छोटू आदिवासी के एक वर्षीय पुत्र इशांत को नया जीवन मिला है, जो स्पाइना बिफिडा (Spina Bifida) रोग से ग्रस्त था।
आंगनवाड़ी से शुरू हुई जीवन की राह
नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान डॉ इजहार खान को बालक में बीमारी की पुष्टि हुई एवं बीएमओ सिलवानी डॉ आरएस पटेल और डीई आईसी टीम की तत्परता से बच्चे को तत्काल आगे के इलाज के लिए रेफर किया गया। बीमारी की पुष्टि होते ही प्रशासनिक मदद और योजनाओं के समन्वय से बच्चे का इलाज सुनिश्चित किया गया।
लाखों का इलाज हुआ बिल्कुल मुफ्त
जिस ऑपरेशन के लिए निजी अस्पतालों में भारी-भरकम खर्च आता है, वह राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम और आयुष्मान योजना के तहत पूर्णतः निःशुल्क संपन्न हुआ। बच्चा अब पूर्णतः स्वस्थ है और अपने घर लौट आया है। बालक के परिजन सरकार, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन का धन्यवाद देते हुए कहते हैं कि सरकार की योजनाओं की मदद से बालक स्वस्थ्य हो गया है। इस सहयोग के लिए सदैव अभारी रहेंगे।



