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16 या 17 सितंबर कब है विश्वकर्मा पूजा? जानें शुभ मुहूर्त और विधि

Astologar Gopi Ram : आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
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🔮 16 या 17 सितंबर कब है विश्वकर्मा पूजा? जानें शुभ मुहूर्त और विधि
🔘 HIGHLIGHTS
◼️ विश्वकर्मा पूजा पूरे भारत में धूमधाम के साथ मनाई जाती है।
◼️ यह दिन ब्रह्मांड के दिव्य वास्तुकार भगवान विश्वकर्मा को समर्पित है।
◼️ इस दिन लोग अपने वाहन, मशीन, औजार, कलपुर्जे, दुकान आदि की पूजा करते हैं।
📅 2024 :जीवन में धन, सुख-समृद्धि की मनोकामनापूर्ति के लिए विश्वकर्मा पूजा का बेहद महत्व है। धार्मिक मान्यता है कि भगवान विश्वकर्मा ने श्रृष्टि के निर्माण में ब्रह्माजी की सहायता की दी। भगवान विश्वकर्मा दुनिया के पहले शिल्पकार माने जाते हैं। कलाकार,बिजनेसमेन और शिल्पकार के लिए इस दिन का बड़ा महत्व है। पंचांग के अनुसार, इस वर्ष 16 सितंबर को रवि योग और सुकर्मा योग में विश्वकर्मा पूजा की जाएगी। इस दिन विश्वकर्मा भगवान को वस्त्र,शस्त्र से उन्हें सजाया जाएगा। ज्योतिष आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार, 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा की जाएगी। इस विशेष दिन कारीगरों, बढ़ई, शिल्पकारों, मशीनरी, लोहार, औक श्रमिकों द्वारा भगवान विश्वकर्मा की पूजा की जाती है। आइए जानते हैं आचार्य श्री गोपी राम से विश्वकर्मा पूजा की सरल पूजन विधि.
🤷🏻‍♀️ कब है विश्वकर्मा पूजा
आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार, इस साल विश्वकर्मा पूजा के लिए जरूरी कन्या संक्रांति 16 सितंबर को है। इस दिन सूर्य देव शाम को 07 बजकर 53 मिनट पर कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। परिवर्तन के समय को ही कन्या संक्रांति कहा जाता है। हिंदू धर्म में उदया तिथि मान्य होती है, इसलिए विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर यानी मंगलवार के दिन मनाई जाएगी।
🙇🏻‍♀️ विश्वकर्मा पूजा मुहूर्त 2024

विश्वकर्मा पूजा सुबह 06 बजकर 07 मिनट से 11 बजकर 44 मिनट तक कर सकते हैं।
💮 रवि योग में है विश्वकर्मा पूजा
इस बार की विश्वकर्मा पूजा रवि योग का निर्माण हो रहा है। आपको बता दें कि 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा के दिन रवि योग सुबह 6 बजकर 7 मिनट से शुरू हो रहा है, जो दोपहर 1 बजकर 52 मिनट तक रहेगा।
🗣️ विश्वकर्मा पूजा के दौरान कौन-कौन से मंत्रों का जाप किया जाता है?
विश्वकर्मापूजा के दौरान ‘ऊँ विश्वकर्मणे नमः’ और ‘ऊँ भगवते विश्वकर्मणे नमः’ जैसे मंत्रों का जाप किया जाता है। यह पूजा को सफल और प्रभावी बनाने के लिए किया जाता है।
📖 विश्वकर्मा जयंती पूजा विधि

विश्वकर्मा जयंती के दिन पूजा करने के लिए आप अपने कामकाज में उपयोग होने वाली चीजों की सबसे पहले साफ सफाई करें. कंप्यूटर, मशीनरी, पेन, कॉपी, कागज आदि चीजों को अच्छी तरह से साफ करें. इसके बाद ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने के बाद भगवान विष्णु के साथ ही विश्वकर्मा जी की प्रतिमा स्थापित करें. अगर आपके पास उनकी कोई तस्वीर है, तो इसकी विधिवत पूजा अर्चना करनी चाहिए. ऋतु फल, मिष्ठान, पंचमेवा, पंचामृत का भोग लगाएं. धूप दीप आदि जलाकर देवताओं की आरती उतारें और अपने कार्य क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली सभी चीजों का तिलक कर उनकी पूजा करें और भगवान विश्वकर्मा से आराधना करें कि हमारा काम इसी तरह से उन्नति करता रहे और आगे बढ़ता रहे.
💁🏻 कौन हैं भगवान विश्वकर्मा
शास्त्रों में भगवान विश्वकर्मा को वास्तुकार और शिल्पकार बताया गया है। साथ ही भगवान विश्‍वकर्मा ने ही इंद्रपुरी, द्वारिका, हस्तिनापुर, स्‍वर्गलोक, लंका और जगन्‍नाथपुरी का निर्माण किया था। शास्त्रों के अुनुसार उन्‍होंने ही भगवान शिव का त्रिशूल और विष्‍णु भगवान का सुदर्शन चक्र तैयार किया था। इस वजह से ही विश्वकर्मा जयंती पर शस्त्रों की पूजा अर्चना की जाती है।
👉🏼 आर्थिक तंगी दूर करने के उपाय

यदि आपको आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है, या घर में सुख-शांति की कमी है तो आपको प्रात: काल स्नान आदि कार्य करने के बाद घर के मंदिर में भगवान विश्वकर्मा की तस्वीर स्थापित करनी चाहिए। इसके बाद उनके सामने कलश रखें। इस कलश में जल भरें और देवता को अक्षत, फल, फूलों से बनी माला, चंदन, सुपारी और पीली सरसों आदि अर्पित करें। इस उपाय को सच्चे मन से करने से जल्द ही आपकी सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं।
विश्वकर्मा जयंती के दिन भगवान विश्वकर्मा की सच्चे मन से उपासना करने के बाद हाथ में फूल और अक्षत लें। इसके दौरान विश्वकर्मा जी को समर्पित मंत्रों का तीन बार जाप करें और फिर हाथ में मौजूद अक्षत का घर की चारों दिशाओं में छिड़काव कर दें। ऐसा करने से घर में सकारात्मकता का वास होगा और घरवालों का स्वास्थ्य भी बेहतर रहता है।
🤷🏻 विश्वकर्मा पूजा का महत्‍व_
विश्वकर्मा पूजा न सिर्फ मजदूरों और कामगारों बल्कि हम सभी के लिए भी जरूरी मानी जाती है। आज के युग में हर व्‍यक्ति मोबाइल और लैपटॉप के बिना अपना काम नहीं कर पाता है। इसलिए ये भी एक प्रकार की मशीन हैं और इनका प्रयोग करने वाले सभी लोगों के लिए भी विश्वकर्मा पूजा का महत्‍व बहुत खास माना गया है। इसलिए विश्‍वकर्मा पूजा के दिन हम सभी को पूजा करनी चाहिए और साथ ही यह भी प्राार्थना करनी चाहिए कि हम जिस भी मशीन से जुड़ा काम करते हैं साल भर वह मशीन ठीक से सुचारू रूप से कार्य करे, ताकि हमारे रोजाना के काम में बाधा न आएं।

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