पशुओं के कारण सड़क हादसा हुआ तो पशु मालिक पर होगी कार्रवाई: जिला पंचायत सीईओ ने जारी किया आदेश

रायसेन । अक्सर पशुपालक अपने पशुओं को खुला छोड़ देते हैं, जो सड़कों पर घूमते रहते हैं और दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। बारिश में यह परेशानी और ज्यादा बढ़ जाती है। इसे लेकर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है।
संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया है कि ग्राम पंचायतों के माध्यम से डोंडी पिटवाकर लोगों को सूचित करें कि गौ माता की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है। इसलिए उन्हें खुला ना छोड़ें, अगर फिर भी किसी ने खुला छोड़ा और पशुओं के कारण सड़क पर दुर्घटनाएं होती हैं तो संबंधित पशुपालकों पर कार्रवाई होगी।
जिला पंचायत ने भी आदेश जारी कर गौपालकों को अपने पालतू पशु सड़क पर नहीं छोड़ने के निर्देश दिए हैं। सीईओ के निर्देश पर बाड़ी और उदयपुरा जनपद सीइओ ने अपने क्षेत्रों में पशु पालकों को निर्देश जारी किए है।
जिला पशु चिकित्सा अधिकारी आरके शुक्ला ने बताया जिले में सड़कों पर बैठने वाले पशुओं से सुरक्षा को लेकर 4 सेक्टर बनाए गए हैं। इसमें बिलखिरिया से टोल नाका सेहतगंज तक, दूसरा औबेदुल्लागंज-मंडीदीप से टोल नाका विशन खेड़ा तक, तीसरा सुल्तानपुर जोड़ से खरगोन टोल नाका हरसिली तक, तथा चौथा खरगोन से देवरी यहां टोल नाका तक सेक्टर बनाया गया है। इन सेक्टर में पेट्रोलिंग गाड़ियां रहेंगी, जिनमें गौशाला के लोग रहेंगे।
हाईवे पर कोई भी पशु बैठे पाए गए तो उन्हें तत्काल गोशाला या कांजी हाउस पहुंचाया जाएगा। इसके लिए ग्राम पंचायतों को विशेष तौर पर निर्देशित किया गया है कि संबंधित लोग अपने पशुओं को घरों में बांधकर रखें। इस कार्य में ग्राम पंचायतें, नगर पंचायतें, नगर पालिका प्रशासन पूरा सहयोग करेंगे। इसके बाद भी पशुपालक अपने पशुओं को बांधकर नहीं रखेंगे तो दुर्घटनाएं होने पर संबंधित पशु मालिकों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।



