मध्य प्रदेश

सीईओ ने 15वें वित्त की राशि व्यय नहीं करने पर जताई नाराजगी

10 ग्राम पंचायतों को पत्र जारी कर मांगा जबाव
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति को मिले कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे। निर्माण कार्य गुणवत्ता पूर्ण होने के साथ-साथ नियत समय सीमा में हो। जिला प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें। इस आशय के निर्देश ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत के सीईओ यजुवेंद्र कोरी ने शुक्रवार को जनपद पंचायत सभा कक्ष में देर शाम तक चली समीक्षा बैठक में सचिव, रोजगार सहायक, तकनीकी अधिकारियों और योजना प्रभारियों को दिए। मनरेगा योजना की समीक्षा करते हुए श्रमिक नियोजन में वृद्धि, लेबर बजट, जिओ टैगिंग, विगत वर्षों के अपूर्ण कार्यों की समीक्षा, कृषि आधारित कार्यों पर व्यय, 15 वें वित्त की राशि से 2024-25 में किए गए व्यय की समीक्षा, सांसद, विधायक निधि, जनपद स्तर एवं अन्य योजनाओं से स्वीकृत कार्यों आंगनबाड़ी भवन, सीएससी आदि की प्रगति की समीक्षा, जलदूत ऐप, समग्र और पेंशन ई केवाईसी, जनमन आवास, जनसुनवाई सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों और आवेदनों के प्रकरणों की समीक्षा, संबल योजना के आवेदनों की समीक्षा, तिरंगे झंडे की राशि और निरस्त कार्यों के संबंध में ग्राम पंचायत वार विस्तार से समीक्षा की। सीईओ यजुवेंद्र कोरी ने ग्राम पंचायत के सचिवों, रोजगार सहायकों, उपयत्रियों, शाखा प्रभारी, शिकायतों के नोडल अधिकारियों को सतत रूप से निगरानी करते हुए वंचित प्रगति लाने के निर्देश दिए।
ऐसे निर्देश भी दिए
सीईओ ने निर्माण कार्यों में 15 वे वित्त, जिला, जनपद, सांसद, विधायक, डीएमएफ, स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत सीएससी और आँगनवाड़ी क़े प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा ग्राम पंचायतो से प्रत्यश रूप से की । उन्होंने अद्यतन स्थिति क़े साथ कार्यों को पूर्ण करने की समय सीमा निधारित करते हुए लापरवाही करने वाली ग्राम पंचायतों को शो काज नोटिस जारी किये। सीईओ ने सहायक यंत्री और उपयंत्री को निर्माण कार्यों को निर्धारित समय अवधि में पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
10 ग्राम पंचायतों को पत्र जारी कर मांगा जवाब
जनपद सीईओ यजुवेंद्र कोरी ने 15 में वित्त के अंतर्गत वर्ष 2024- 25 की राशि व्यय नहीं करने के लिए नाराजगी व्यक्त करते हुए 10 ग्राम पंचायत के सरपंच सचिवों को पत्र लिखकर जवाब मांगा है। उन्होंने कहा है कि नियमानुसार तीन दिवस में कार्यों में राशि को व्यय करते हुए अवगत करावे अन्यथा किस्त रोकने सहित योजना के प्रति गंभीर नहीं होने के फलस्वरुप उत्तरदाई मानते हुए विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी । ये 10 ग्राम पंचायतें बिछुआ, भमका, घुघरी, पिपरिया शुक्ल, नेगई, देवरी मारवाड़ी, खंदवारा, दादर सिंहुड़ी, गुड़ा और गौरा है जिन्होंने 15 में वित्त आयोग मद की राशि खर्च करने में गंभीरता नहीं दिखाईं है।

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