मध्य प्रदेश

गुणवत्ता की हुई अनदेखी से आए दिन फूट रही लाइन

मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना का पिछड़ा काम, वर्षों बाद भी लोगों के घर तक नहीं पहुंचा नर्मदा जल
ठेकेदार पर कार्यवाही करने में असक्षम साबित हो रहा प्रशासन
कार्यवाही के नाम पर प्रशासन मात्र नोटिस जारी कर लूट रहा बाहवाही

सिलवानी।
नगर परिषद की बीती परिषद के कार्यकाल में लगभग 18 करोड़ रुपये की लागत से नर्मदा जल पाइप लाइन के जरिये नगर में लाकर पानी की टंकियों और पाइप लाइन द्वारा लोगों के घर तक ले जाने की योजना लाई गई। गुजरात की एक कंपनी के माध्यम से नप ने ठेके पर यह कार्य कराया। पूरे नगर की पक्की सीमेंट की सड़कों को पाइप लाइन डालने के नाम पर वाइब्रेटर के माध्यम से खोद कर कबाड़ा किया गया। पाइप लाइन डालने के बाद सड़कों को दिखावटी सीमेंट की परत से सुधार कार्य कराया गया। जो अब भी अनेक जगह उखडने से गड्ढे हो रहे हैं। वहीं जगह-जगह पाइप लाइन फूटने से और टेस्टिंग के दौरान अधूरे कनेक्शन के पाइपों से आये दिन पेयजल की बर्बादी होती रहती है। उल्लेखनीय है पहले अक्टूबर 2017 तक नगर के प्रत्येक घर में नर्मदा जल आने का दावा किया जा रहा था। लेकिन अब भी लोगों के घर कनेक्शन पूरे नहीं हो पाए हैं। केवल पाइप लाइन से पाइप जोड़कर घरों के बाहर छोड़ दिए गए हैं। योजना काम नहीं होने से नगर में अब भी ट्यूबवेल से ही वाटर सप्लाई होती है। ऐसे में लग नहीं रहा कि मार्च 2022 में भी लोगों को योजना का जल मिलेगा। लेकिन जब से यह योजना आरंभ हुई है, नगर वासियों की परेशानियों का सबब बनी है। नगर भर की खुदी सड़कें, आये दिन लीकेज से तालाबनुमा नजारे और दुर्घटनाओं का अंदेशा बना हुआ है। ज्ञात रहे लोग शुरुआत से ही गुणवत्ता पर आरोप लगाते रहे हैं। बहरहाल अभी भी तय नहीं है कि करोड़ों रुपये की योजना का जल कब तक लोगों को मुहैया होगा।
इनका कहना है…
ब्रिज के कारण मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना का कार्य डिले हुआ है, अभी टेसटिंग चल रही है। जैसे ही हम इनको बिजली की सप्लाई देंगे इनको तीन महीने ट्रायलवन प्रीरियड सकसेसफुली रन करना पडेगा।
रितु मेहरा, सीएमओ

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