विश्व की सुख-समृद्धि के लिए 25वें वर्ष निकलेगी माँ नर्मदा तट बौरास पदयात्रा

संक्रांति पर सिलवानी से बौरास तक 38 किलोमीटर की आस्था यात्रा
पूजा, अर्चना व भंडारे का होगा आयोजन
सिलवानी। वसुंधरा कुटुंबकम् की भावना से विश्व में सुख, शांति और समृद्धि की कामना को लेकर नगर से एक बार फिर आस्था और श्रद्धा की पदयात्रा निकलने जा रही है। नगर के युवा समाजसेवी एवं पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष मुकेश राय के नेतृत्व में माँ नर्मदा तट बौरास तक की पदयात्रा इस वर्ष अपने 25वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर आयोजित यह पदयात्रा 14 जनवरी बुधवार को नगर के माँ विजयासन मंदिर से प्रारंभ होकर लगभग 38 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए माँ नर्मदा तट बौरास में संपन्न होगी।
जानकारी के अनुसार यह पदयात्रा वर्ष 2000 से निरंतर आयोजित की जा रही है। प्रारंभिक वर्षों में यह यात्रा व्यक्तिगत संकल्प के रूप में शुरू हुई थी, लेकिन समय के साथ इसमें श्रद्धालुओं और युवाओं की सहभागिता बढ़ती चली गई। आज यह पदयात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बन चुकी है, बल्कि सामाजिक एकता और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश भी दे रही है। पदयात्री मुकेश राय ने बताया कि यात्रा की शुरुआत बुधवार सुबह माँ विजयासन मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ की जाएगी। इसके पश्चात पदयात्री पूरे उत्साह और श्रद्धा भाव के साथ माँ नर्मदा तट बौरास की ओर प्रस्थान करेंगे। यात्रा मार्ग में नर्मदा मैया की जय के जयघोष और भक्ति गीतों से वातावरण भक्तिमय रहेगा। उन्होंने बताया कि बौरास पहुँचने के बाद माँ नर्मदा की पूर्ण विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके साथ ही श्रद्धालुओं और ग्रामीणों के लिए भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें सभी वर्ग के लोग सहभागी बनेंगे। यह आयोजन आपसी भाईचारे, सेवा भावना और सामाजिक समरसता को भी मजबूत करता है। नगरवासियों में इस पदयात्रा को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। कई युवा एवं श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करने को आतुर हैं। 25 वर्षों से निरंतर चली आ रही यह पदयात्रा सिलवानी नगर की धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है। आस्था, संकल्प और सेवा भाव से जुड़ी यह पदयात्रा एक बार फिर यह संदेश देगी कि सामूहिक प्रयास और श्रद्धा से समाज व देश के लिए सकारात्मक वातावरण निर्मित किया जा सकता है।



