240 फीट ऊंचे BSNL टावर पर चढ़े शरारती तत्व फहराया हरा झंडा

पैर स्लिप होने पर हो सकती थी गंभीर घटना
पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी
ब्यूरो चीफ: शब्बीर अहमद
बेगमगंज । शहादत का पर्व मोहर्रम चल रहा है ऐसे में रायसेन जिले के बेगमगंज में बीएसएनएल के सूने परिसर में रात के समय कुछ शरारती तत्व दीवाल फांद कर अंदर घुसे और करीब 240 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ गए और टावर की चोटी पर हरा झंडा फहराकर गायब हो गए।
सुबह जब लोगों ने देखा तो बीएसएनल टावर की चोटी पर हरा झंडा फहरा रहा था। जानकारी लगते ही मीडिया के लोग तो पहुंचे ही अन्य लोगों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मामला संज्ञान में लेते ही आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल कर शरारती तत्वों का पता लगाने का प्रयास शुरू कर दिया है वहीं झंडे को उतारने के लिए बीएसएनएल टावर पर चढ़ने वालों की तलाश में जुटी हुई है।
जब इस संबंध में बीएसएनएल टावर के कर्मचारियों से बात की उनका कहना था कल छुट्टी थी और छुट्टी वाले दिन कोई कर्मचारी नहीं था रात में कुछ लोग दीवार फांदकर अंदर घुसी होंगे और टावर पर चढ़कर झंडा फहराकर चले गए हमने वरिष्ठ अधिकारियों को खबर कर दी है सवाल यह उठता है जान हथेली पर रखकर ऐसे शरारत करने वाले लोग कौन है। वह पकड़े जाना चाहिए चढ़ते समय रात के अंधेरे में हाथ या पैर स्लिप हो जाता तो ऊंचाई से गिरने पर मौत भी हो सकती थी। वही जन चर्चा है कि यह काम किसी एक आदमी का नहीं हो सकता तीन-चार लोग इसमें शामिल होना चाहिए।
बीएसएनएल कार्यालय में ड्यूटी पर उपस्थित कर्मचारियों का कहना है कि टावर इतना अधिक ऊंचा है कि हम में से कोई भी टावर पर चढ़ने की हिम्मत नहीं कर पाता।
गौर करने वाली बात है कि बीएसएनएल टावर परिसर के चारों तरफ बाउंड्री वॉल बनी हुई है यह शरारत रात मैं होने का अनुमान लगाया जा रहा है खुदा ना खास्ता अगर टावर पर चढ़ने वाले का पैर फिसल जाता है तो ऊंचाई से गिरता तो जान चली जाती इसका जिम्मेदार कौन होता।
आखिरकार बीएसएनएल की भोपाल से आई हुई टीम ने टावर पर चढ़कर उक्त झंडे को उतार कर अलग कर दिया।
बीएसएनएल कार्यालय में मौजूद कर्मचारी शहजाद खान का कहना है कि परिसर में कोई चौकीदार नहीं है कार्यालय में ताला डाला हुआ था रात के समय किसी ने घटना को अंजाम दिया है। कैटरीना की जानकारी से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करा दिया गया था।



