अभ्यंग स्नान का शुभ मुहूर्त, नरक चतुर्दशी, के दिन को छोटी दिवाली, का शुभ मुहूर्त

Astologar Gopi Ram : आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🔮 अभ्यंग स्नान का शुभ मुहूर्त, नरक चतुर्दशी, के दिन को छोटी दिवाली, का शुभ मुहूर्त
👉🏼 रूप चतुर्दशी और रूप चौदस के नाम से जाना जाता है। इस दिन सूर्योदय से पहले एक विशेष स्नान किया जाता है जिसे अभ्यंग स्नान कहते हैं। रूप चतुर्दशी का त्योहार वैसे दिवाली से एक दिन पहले मनाया जाता है लेकिन कभी-कभार ये त्योहार दिवाली के दिन भी पड़ जाता है। इस साल नरक चतुर्दशी यानी रूप चौदस का त्योहार 19 और 20 अक्टूबर दोनों ही दिन मनाया जाएगा। रूप चौदस पर यम दीपदान 19 अक्टूबर की रात में किया जाएगा तो वहीं अभ्यंग स्नान अनुष्ठान 20 अक्टूबर की सुबह में किया जाएगा। तो चलिए जानते हैं आचार्य श्री गोपी राम से कि रूप चौदस में क्या करना चाहिए और स्नान का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।
🏊🏻♀️ रूप चौदस अभ्यंग स्नान मुहूर्त
अभ्यंग स्नान मुहूर्त – 05:13 AM से 06:25 AM*
चन्द्रोदय का समय – 05:13 AM_*
चतुर्दशी तिथि प्रारम्भ – अक्टूबर 19, 2025 को 01:51 PM बजे
चतुर्दशी तिथि समाप्त – अक्टूबर 20, 2025 को 03:44 PM बजे
🤷🏻♀️ रूप चतुर्दशी के दिन क्या करें
धार्मिक मान्यताओं अनुसार रूप चौदस का पर्व तन और मन दोनों की सुंदरता को बढ़ाने का पर्व होता है। इस दिन लोग सुंदरता का वरदान पाने के लिए सूर्योदय से पहले उठकर बेसन, हल्दी, चंदन और दूध से बने उबटन को अपने शरीर पर लगाते हैं और फिर तिल के तेल से मालिश करने के बाद ‘ॐ रूपम देहि जयम देहि यशो देहि द्विषो जहि’ मंत्र का जप करते हुए पवित्र जल से स्नान करते हैं। सुबह अभ्यंग स्नान के बाद लोग शाम के समय सुख-सौभाग्य की कामना लिए दीपदान करते हैं।
🪔 छोटी दिवाली पर पूजा का शुभ मुहूर्त
छोटी दिवाली कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। पंचांग के अनुसार चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 19 अक्टूबर को दोपहर 1 बजकर 53 मिनट से होगी वहीं 20 तारीख को दोपहर 3 बजकर 46 मिनट पर इसकी समाप्ति होगी। छोटी दिवाली की पूजा सूर्यास्त के बाद ही की जाती है। इसलिए पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 47 मिनट से शुरू हो जाएगा। इसके बाद रात्रि 9 बजे तक आप पूजा-पाठ कर सकते हैं। इस दिन भगवान कृष्ण, माता लक्ष्मी, यमराज और हनुमान जी की पूजा का विधान है।
🕯️ छोटी दिवाली पर कितने दीपक जलाएं
वैसे तो छोटी दिवाली पर आप अपनी श्रद्धा के अनुसार कितने भी दीपक जला सकते हैं। लेकिन कोशिश करें कि उनकी संख्या 14 से कम न हो। दरअसल छोटी दिवाली के दिन 14 दीपक जलाने का विशेष महत्व माना जाता है जिसमें से हर दीपक एक विशेष स्थान पर रखा जाता है।
💁🏻♀️ छोटी दिवाली पर दीपक कहां-कहां जलाएं
एक दीपक यमराज के निमित्त दक्षिण दिशा में, दूसरा मां काली के लिए जलाएं, तीसरा भगवान श्री कृष्ण के लिए, चौथा घर के मुख्य द्वार पर जलाएं, पांचवा दीपक घर की पूर्व दिशा में रखें, छठवा दीपक घर की रसोई में, सातवां दीपक घर की छत पर, आठवां दीपक तुलसी के पौधे के समक्ष, नवां दीपक घर की बालकॉनी या घर की सीढ़ियों के पास, अन्य दीपक घर के इष्ट देव और अन्य देवी-देवताओं के नाम से जलाए जाने की परंपरा है।
🌊 अभ्यंग स्नान का महत्व
धार्मिक मान्यताओं अनुसार रूप चौदस पर किया जाने वाला अभ्यंग स्नान तन और मन दोनों को स्वस्थ और सुंदर बनाता है। कहा जाता है कि अभ्यंग स्नान से व्यक्ति के शरीर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और इसके शुभ प्रभाव से व्यक्ति का मन शुद्ध हो जाता है।
📜 रूप चौदस पूजा विधि_
इस दिन सुबह तिल का तेल लगा कर स्नान किया जाता है।
इसके अलावा इस दिन भगवान कृष्ण, हनुमान जी, यमराज और मां काली की पूजा की जाती है।
इस दिन पंचदेवों, श्रीगणेश, दुर्गा, शिव, विष्णु और सूर्यदेव की स्थापना की जाती है और पंचदेवों को गंगा जल से स्नान करा कर उन्हें रोली या चंदन का तिलक लगाया जाता है।
इसके बाद सभी देवों को जनेऊ, कलावा, वस्त्र और नैवेद्य चढ़ाए जाते हैं।
पूजा के अंत में आरती की जाती है।

