मध्य प्रदेश

भाजपा ने लहराया बीस साल बाद परचम . निर्दलीय उड़े हवा में, उपाध्यक्ष के लिए रस्साकशी

रिपोर्टर : विनोद साहू
बाड़ी ।
नगर परिषद के परिणाम भाजपा की सोच के प्रति अनुकूल ही रहे ..क्योंकि काँग्रेस ने भाजपा के नगर अध्यक्ष पद के उम्मीदवार ममता धर्मेंद्र चौहान को वार्ड क्रमांक 13 से वाक ओवर देकर भाजपा की नगर सत्ता की राह आसान कर दी थी और भाजपा इस जीत के बाद नगर में भाजपा के पक्ष में माहौल बनने से गदगद तो थी ही लेकिन उसने कोई जोखिम न उठाते हुए सभी वार्डों में पैनी नजर रखी और नो पार्षदों ने जीत हासिल की नगर की तीन वार्डों में काँग्रेस और भाजपा के उम्मीदवार जो दूसरी वार्डों से चुनाव लड़ रहे थे उन्होंने पार्टी के प्रति आस्था नहीं व्यक्ति विशेष के प्रति आस्था दिखाते हुए बहुत की कम अंतर से भाजपा को हार का सामना करना पड़ा ।
सुरेन्द्र पटवा के दौरे से दिखी एक जुट भाजपा ।
काँग्रेस के वाक ओवर से मिली संजीवनी से क्षेत्रीय विधायक सुरेन्द्र पटवा भी नगर में भाजपा को अजेय बढ़त दिलाने के लिए शहर के सभी वार्डों में नुक्कड़ सभाएँ कर भाजपा के पक्ष में आम जनता को भाजपा के पक्ष में मतदान करने की अपील की , और जनता ने भाजपा को निराश नहीं किया ।
निर्दलीय उड़े हवा में।
वार्ड क्रमांक 13 में जहाँ काँग्रेस को नुकसान और भाजपा को नगर सत्ता की राह आसान होने का नुकसान निर्दलीय उम्मीदवारों को नुकसान दायक साबित हुआँ .नगर में 27 निर्दलीय खड़े हुए और किसी ने भी सफलता प्राप्त नहीं की ..क्योंकि जनता ने भाजपा को स्पष्ट बहुमत दिया और विपक्ष में सत्ता पर नकेल कसने के लिए काँग्रेस के पाँच पार्षद नगर परिषद में भेजते हुए निर्दलीयों को इसलिए नकार दिया कि बह किसी भी प्रकार से विकास की और बढ़ते नगर में अपनी मनमानी न कर सके ।
उपाध्यक्ष के लिए रश्म अदायगी होगी रस्साकस्सी।
बैसे तो भाजपा का नगर अध्यक्ष तय माना जा रहा हैं ममता धर्मेंद्र चौहान की और भाजपा पार्टी का उपाध्यक्ष बनने में कोई अड़चन नजर नहीं आ रही लेकिन फिर भी शहर में आम चर्चा चल रही कि इस खेम से उपाध्यक्ष होगा उस खेमे से होगा यह चर्चाएं महज रस्म अदायगी भर पूरी करती हैं क्योंकि भाजपा किसी भी चुनाव को हल्के या किसी को मनमानी की इजाजत नहीं देती ..इसलिए उपाध्यक्ष पद भी आसानी से भाजपा की मर्जी से बनेगा ..अब देखना होगा कि क्या जितनी ऊपर से भाजपा की सत्ता आसान नजर आ रही क्या बह रह पायेगी या चुनाव से पूर्व बनाये समीकरणों की कीमत भी चुकानी होगी ।

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