धार्मिक

तन मन से शुद्ध एवं प्रसन्नचित होकर आदरपूर्वक शिवपुराण की कथा श्रवण करना चाहिये : राम कृपालु शर्मा

सिलवानी। बक्शी पिपरिया में चल रही शिव पुराण कथा में व्यास पीठ से पंडित रामकृपालु शर्मा बीकलपुर ने कहा कि शिवपुराण का संपूर्ण फल पाने के लिए नियमों का पालन करना भी जरूरी है। शिवपुराण में ही इसके नियमों का वर्णन है। शिवपुराण को पढ़ने या सुनने से पूर्व, तन और मन शुद्ध करें। नए अथवा साफ स्वच्छ वस्त्र धारण करें। मन में भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और आस्था रखें।
किसी की निंदा चुगली न करें, अन्यथा पुण्य समाप्त हो जाते हैं। गरीब रोगी, पापी, भाग्यहीन एवं निःसंतानी को शिवपुराण की कथा जरूर सुननी चाहिए। शिवपुराण का पाठ करने वालों को व्रत का पालन करना चाहिए। ब्रह्मचर्य व्रत का पालन करें, किसी भी तरह का नशा ना करे। कथा सुनने से पहले या बाद में रोगी, विधवा, अनाथ, गाय आदि का दिल दुखाने वाला व्यक्ति पाप का भागी बनता है, और उसे सत्कर्मों का नाश हो जाता है।काम, क्रोध से दूर रहकर पाठ करने वाले सत्य, दया, मौन, सरलता, विनय तथा हार्दिक उदारता का इन सद्गुणों को सदा अपनाएं। सुनने वाला निष्काम हो या सकाम, वे नियमपूर्वक कथा सुनने से काम पुरुष अपनी अभीष्ट कामना को प्राप्त करता है, और निष्काम पुरुष मोक्ष को पा लेता है। भगवान की भक्ति नियमित रूप से अपनाने वाले व्यक्ति को यश प्राप्त होता है। इस उपाय के साथ ही प्रतिदिन सुबह के समय शिवलिंग पर जल, दूध, चावल आदि पूजन सामग्री अर्पित करना चाहिए।।

Related Articles

Back to top button