रफी अहमद पूर्व प्राचार्य को तीसरी बरसी पर शिद्दत से किया याद

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । नगर की गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल के पूर्व प्राचार्य रफी अहमद साहब जिन्हें हिंदी उर्दू और अंग्रेजी पर महारत हासिल थी उन्होंने अपने कार्यकाल में तालीम के क्षेत्र में अहम किरदार अदा किया और बेगमगंज में अपने कार्यकाल के दौरान शिक्षा की वह अलख जगाई की उनकी सरपरस्ती में सन 1986 से 1994 तक जिन बच्चियों ने या बच्चों ने तालीम हासिल की वह आज कई ऊंचे पदों पर हैं। रफी अहमद साहब को उर्दू और अंग्रेजी साहित्य पर अच्छी पकड़ थी, पीएचडी करने वाले लोग उनसे मशवरा लेने आते थे वह अपनी याददाश्त के आधार पर बिना किताब देखें उन्हें मय किताब का नाम और पेज नंबर बता कर आश्चर्यचकित कर देते थे कि फला कुटेशन उस किताब में लिखा हुआ है। उनसे बड़े-बड़े विद्वानों ने फैज़ हासिल किया और उच्च पदों पर पहुंचे।
उक्त बात उनकी तीसरी बरसी पर उन्हें शिद्दत से याद करते हुए रिटायर्ड शिक्षक मो. सलीम खान ने कही। उन्होंने कहा कि रफी अहमद जी 19 मई 2021 को इस फ़ानी दुनिया को अलविदा कह गए। उनका जन्म 12 अक्टूबर 1936 को हुआ था।
शिक्षक दीपक सोनी ने बताया कि हर कोई उनके कार्यकाल को, उनकी हिंदू मुस्लिम एकता के प्रतीक कार्यशैली को याद करके आज भी अश्कबार हो जाता है। उनके कार्यकाल में सेवाकाल के दौरान बिताए हुए पल हमेशा नजरों के सामने रहते हैं।
इस अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े कणधारों, साहित्य से जुड़े कवियों और शायरों सहित समाजसेवी संस्थाओं ने रफी अहमद जी को शिद्दत से याद करते हुए खिराजे अकीदत पेश की है।



