बरेली बार में सरपंच पति की मनमानी चरम पर, बिना दुकान के लग रहे फर्जी बिल

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान | जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बरेली बार में सरपंच पति जयपालसिंह की मनमानी चरम पर हैं। ग्राम पंचायत बरेली बार की वर्तमान स्थिति ग्रामवासियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है। पंचायत में वास्तविक सरपंच निर्मला सिंह हैं, परंतु उनके पति जयपाल सिंह ने पंचायत की सारी बागडोर अपने हाथों में ले रखी है। ग्रामीणों का कहना है कि जयपालसिंह की मनमानी इस हद तक बढ़ गई है कि पंच और ग्राम वासियों के साथ उचित व्यवहार नहीं किया जा रहा है । इसके परिणाम स्वरूप पंचायत की निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव और विकास कार्यों में रुकावट आ रही है। जयपाल सिंह के इस प्रकार पंचायत पर कब्जा जमाने से कई समस्याएं उभरकर सामने आई हैं । ग्रामीणों की शिकायतें, विकास कार्यों की धीमी प्रगति और पारदर्शिता की कमी पंचायत की कार्यप्रणाली में स्पष्ट दिखाई देती है। इस स्थिति में आम लोगों को अपने अधिकारों से वंचित होना पड़ रहा है, और पंचायत के कार्यों में जनता की आवाज़ सुनी नहीं जा रही है।
*सरपंच निर्मला सिंह की निष्क्रियता*
निर्मला सिंह, जो कि वास्तविक सरपंच हैं, पंचायत के कार्यों में सक्रिय भूमिका नहीं निभा रही हैं । ऐसे में सवाल उठता है कि क्या उन्हें अपनी जिम्मेदारियों का भान नहीं है, या फिर वे स्वयं अपने पति के इस हस्तक्षेप को समर्थन दे रही हैं? यदि वे इस स्थिति से सहमत नहीं हैं, तो उन्हें ग्रामवासियों और पंचायत के अन्य सदस्यों का समर्थन लेकर पंचायत की कमान स्वयं संभालनी चाहिए। पंचायत में सभी निर्णय ग्राम सभा के माध्यम से लिए जाने चाहिए। ग्रामसभा में प्रत्येक व्यक्ति की राय का सम्मान किया जाना चाहिए, और इससे ही पंचायत की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी लेकिन ग्राम पंचायत बरेली बार सारे नियमों को ताक में रखकर कार्य किया जा रहा है। जिसकी दुकान नहीं हैं उसके भी फर्जी बिल लग रहे हैं अब सोचा जा सकता हैं कि जब दुकान नहीं हैं तो बिल किस माध्यम से लगाए जा रहे हैं जो कि सोच से परे हैं। ग्राम में निर्माण कार्य तो नहीं बल्कि फर्जी बिल जरूर लग रहे हैं।



