जिला शिक्षा अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी न्यायालय की आड़ लेकर शिक्षक को नहीं दे रहे शाला का प्रभार
डीईओ की भूमिका संदेह के घेरे में
हाई स्कूल पिंडरई का मामला
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । ढीमरखेड़ा तहसील के अंतर्गत शासकीय हाई स्कूल पिंडरई, संकुल शा.उ.मा.वि.ढीमरखेड़ा में पदस्थ प्रभारी प्राचार्य राकेश दुबे से जिला शिक्षा अधिकारी कटनी को इतना लगाव हो गया है कि अब डीईओ साहब न्यायालय के आदेश की गलत व्याख्या कर सुशील कुमार चौधरी को प्रभार नहीं दे रहे है। इसी संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी कटनी को संयुक्त संचालक लोक शिक्षण जबलपुर संभाग, जबलपुर के द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
स्मरण रहे कि पिंडरई स्कूल में सुशील कुमार चौधरी पदस्थ है लेकिन उनसे 9 वर्ष जूनियर शिक्षक राकेश दुबे को शाला संचालन की जिम्मेदारी सौंप दी गई है जो नियम विरुद्ध है। इस संबंध में सुशील कुमार चौधरी द्वारा एक प्रार्थना पत्र कार्यालय संयुक्त संचालक लोक शिक्षण जबलपुर, संभाग जबलपुर को प्रेषित कर बताया गया था कि वह शासकीय हाई स्कूल पिंडरई संकुल शा.उ.मा.विकाश खंड ढीमरखेड़ा में पदस्थ है लेकिन अधिकारियों द्वारा नियमों को ताक पर रखकर उनसे 9 वर्ष जूनियर शिक्षक को शाला प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंप दी गई जबकि वरिष्ठता के क्रम में उनको शाला का प्रभार सौंपना था लेकिन अधिकारियों द्वारा ऐसा करना उचित नहीं समझा गया। शिकायत में संज्ञान लेते हुये संयुक्त संचालक राम मोहन तिवारी ने दिनांक 03.02.2022 को जिला शिक्षा अधिकारी, जिला कटनी को संबंधित शाला का प्रभार सौंपने की टीप के साथ आदेश जारी किया था। संयुक्त संचालक के यहां से जारी पत्र क्रमांक/स्था/3/2022/845 के माध्यम से आदेश में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि म.प्र.शासन सामान्य प्रशासन विभाग मंत्राल, वल्लभ भवन भोपाल के परिपत्र क्रमांक/एफ 11/38/96/9/ एक भोपाल दिनांक 4 नवम्बर 1996 एवं शासन का परिपत्र क्रमांक/एफ/11/41/2014/1/9 भोपाल दिनांक 14.11.2014 का अवलोकन कर जारी दिशा निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराये। जारी पत्र में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित मामले में नियमानुसार कार्यवाही करें और आपके द्वारा क्या कार्यवाही की गई इस संबंध में एक सप्ताह के अंदर कार्यालय संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण संभाग जबलपुर को अवगत करावे। हैरानी की बात यह है कि संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण संभाग जबलपुर द्वारा पत्र जारी होने के बाद भी जिला शिक्षा अधिकारी कटनी द्वारा संबंधित शिक्षक को शाला प्रबंधन की जवाबदारी नहीं सौंपी गई और उपरोक्त मामला अखबारों की सुर्खियां बना गया। लिहाजा उपरोक्त मामले में दिनांक 25.02.2022 को जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र क्रमांक/स्था.3.2022/1120 के माध्यम से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया जिसमें तीन दिनों के अंदर स्पष्टीकरण चाहा गया है। जारी नोटिस में संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण संभाग जबलपुर द्वारा यह टीप भी अंकित की गई है कि इस मामले में आये दिन अखबारों में समाचार प्रकाशित हो रहे है जिस कारण से विभाग की छवि धूमिल हो रही है और नियमानुसार कार्यवाही न होने के कारण अनावश्यक रुप से विभाग की कार्यवाही पर प्रश्न चिन्ह अंकित हो रहा है। लिहाजा तीन दिनों में इस संबंध में कार्यवाही सुनिश्चित करें। लेकिन लापरवाही की पराकाष्ठा पर सवार जिला शिक्षा अधिकारी कटनी द्वारा संयुक्त संचालक लोक शिक्षण जबलपुर द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी होने के बाद भी उनके द्वारा संबंधित शिक्षक को शाला प्रबंधन की जवाबदारी नहीं सौंपी।
कर्मचारी नेता के इशारे पर चल रहे डीईओ
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार उपरोक्त मामले में एक कर्मचारी नेता की भूमिका है जिसके इशारे पर जिला शिक्षा अधिकारी कटनी चल रहे है और मामले में न्यायालय के आदेश की गलत व्याख्या कर प्रभार नहीं सौंप रहे है। बताया जाता है कि उक्त तथाकथित कर्मचारी नेता अधिकारियों से नियम विरूद्ध कार्य करवाने में माहिर है लेकिन कटनी डीईओ को यह नहीं दिखता है कि क्या सही है और क्या गलत है। क्या एक 9 वर्ष के जूनियर शिक्षक को शाला प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है या फिर तथाकथित कर्मचारी नेता ही तय करेगा कि किस कर्मचारी से कौन सा काम लिया जायेगा।
न्यायालय के आदेश को बना रहे आड़
उपरोक्त मामले में शिक्षक सुशील कुमार चौधरी के द्वारा जैसे ही इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया गया कि 9 वर्ष जूनियर शिक्षक राकेश दुबे को शाला प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई है इससे आग बाबूला होकर तथा कर्मचारी नेता के इशारे पर सुशील चौधरी का दूसरी जगह पर स्थानांतरण कर दिया गया। लिहाजा सुशील चौधरी द्वारा स्थानांतरण के विरुद्ध माननीय उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई जिसमें सुनवाई करते हुये मुख्य न्यायाधीश द्वारा दिनांक 12.11.2021 को उप सचिव स्कूल शिक्षा विभाग को 10 दिन में अभ्यावेदन प्रस्तुत करने के लिये आदेशित किया गया। इसके साथ ही याचिका का निराकरण कर दिया गया। वहीं इस संबंध में जब जिला शिक्षा अधिकारी कटनी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस संबंध में मामला न्यायालय में विचाराधीन है इसलिये किसी तरह का आदेश जारी नहीं किया जा सकता है जबकि उपरोक्त मामले का निराकरण कर दिया गया है।
इस संबंध में राम मोहन तिवारी, संयुक्त संचालक
लोक शिक्षण जबलपुर, संभाग, जबलपुर का कहना है कि पूर्व में इस संबंध में डीईओ कटनी को पत्र जारी किया गया था जिसका पालन न करने के कारण दिनांक 25.02.2022 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अभी तक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया है। जवाब आने के बाद आगे की कार्यवाही की जायेगी।



