मध्य प्रदेश

लाखो रूपये का टैक्स बकाया फिर भी बरस रही एआरटीओ की कृपा

शासन को अंधेरे में रखकर अवैध बसों का करवाया जा रहा संचालन, करोड़ों की आर्थिक क्षति
अवैध बस संचालक पर दर्ज नहीं हुआ मामला
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान. कटनी ।
कोरोना कॉल में एक ओर सरकार की आर्थिक स्थितियां गड़बड़ा रही है वहीं दूसरी ओर यह देखने में आया है कि बसों पर लाखों रूपये का टैक्स भी बकाया है इसके बाद भी खुलेआम बसों का संचालन किया जा रहा है जिसमें कार्यवाही की जहमत एआरटीओ कटनी श्रीमती रमा दुबे नहीं उठा पा रही है।
उल्लेखनीय है कि सोमवार को बस क्रमांक-सीजी-11,ए-4167 जो अवैध रूप से बिना परमिट के कटनी से स्लीमनाबाद के बीच चल रही थी जिसमें दिखावटी कार्यवाही करते हुये एआरटीओ कटनी द्वारा स्लीमनाबाद थाने में खड़ा करवाया गया है लेकिन अभी तक उक्त बस संचालक पर मामला दर्ज न होना गंभीर है। सूत्रों ने बताया कि वाहन स्वामी मधु ठाकुर की बस क्रमांक-1. सीजी-04, ई-0853, बकाया टैक्स 1,44,,599 रूपये 2. सीजी-11, ए-4167 बकाया टैक्स 1,05,054 रूपये, 3. एमपी-20, पीए-0616 बकाया टैक्स 9,15,329 बकाया इस प्रकार कुल-11, 65, 380 रूपये बकाया है। वहीं इनके पति राजकुमार ठाकुर जिनकी बस क्रमांक- 1. एमपी-17, सी-4845 बकाया टैक्स 8,08,221 रूपये इस प्रकार पति पत्नी के नाम से जो बसों का संचालन किया जा रहा है उसमें कुल- 19,73,601 रूपये का टैक्स बकाया है इसके बाद भी कटनी एआटीओ को यह दिखता नहीं है या फिर इनका हिस्सा इनके पास पहुंच रहा है जिस कारण से मैडम महोदया कार्यवाही करने से घबरा रही है। बरहाल मामले में वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया है और यह जानकारी दी गई है कि किस तरह से कटनी एआरटीओ के द्वारा जानकारी होने के बावजूद शासन को जानबूझकर आर्थिक क्षति कारित करवाई जा रही है। इससे एक ओर तो शासन को आर्थित क्षति हो ही रही है वहीं दूसरी ओर वे यात्री भी खतरे में है जो बिना परमिट या बिना फिटनेस के अवैध रूप से बसों में बैठते है। चूंकि यदि भविष्य में किसी तरह की दुर्घटना कारित होती है ऐसे में यात्रियों को किसी तरह का मुआवजा नहीं मिलेगा क्योकि इस तरह की बसे ही अवैध है और आरटीओ द्वारा इन्हें अधिकृत नहीं किया गया है।
बिना परमिट के दौड़ रही बसें
ग्रामीण क्षेत्रों में बस संचालकों द्वारा किस तरह से शासन के नियमों को रौंदा जा रहा है इसकी बानगी देखना हो तो जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है। सूत्रों ने बताया कि जिले में कुछ तथाकथित बस संचालकों द्वारा नेताओं और अधिकारियों के संरक्षण में शासन को राजस्व की क्षति करवाते हुये अपनी जेबे भरी जा रही है। इससे शासन को राजस्व की हानी तो हो ही रही है वहीं दूसरी ओर इन बसों में यात्रा करने वाले यात्री भी सुरक्षित नहीं है। इस संबंध में कुछ दिनों पूर्व एक गोपनीय शिकायत परिवहन आयुक्त को भेजी गई है इस मामले में देखना होगा कि उनके द्वारा क्या कार्यवाही की जाती है। चूंकि जिले में एआरटीओ किस तरह से काम रहीं है यह किसी से छिपा नहीं है और इनके कार्यकाल में खुलेआम अवैध बसों का संचालन किया जा रहा है।

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