शराब पीकर स्कूल आने वाला शिक्षक निलंबित, बच्चियों से अश्लील हरकतों के भी आरोप थे
मृगांचल एक्सप्रेस की खबर पर लगी मोहर
जांच में दोषी पाए गए स्कूल प्रभारी बृजलाल सल्लाम
जांच प्रतिवेदन पर डीईओ ने किए आदेश जारी
सिलवानी । आदिवासी बाहुल्य विकासखंड सिलवानी के जन शिक्षा केंद्र कीरतपुर अंतर्गत आने वाले शासकीय प्राथमिक शाला उचेरा के शाला प्रभारी शिक्षक बृजलाल सल्लाम को निलंबित कर दिया। जिला शिक्षा अधिकारी ने बुधवार को जनपद शिक्षा केन्द्र सिलवानी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन के आधार पर यह कार्रवाई की है।
ज्ञातव्य हो कि शिक्षक की लापरवाही की खबर *मृगांचल एक्सप्रेस* ने 12 अगस्त को *शिक्षा का मंदिर शर्मसार, शिक्षक बच्चियों से करता कक्षाओं में अश्लीलता* शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित की गई। जिस पर प्रशासन द्वारा संज्ञान लेकर दोषी शिक्षक पर कार्यवाही होने से *मृगांचल एक्सप्रेस* की खबर पर मोहर लग गई।
रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने जिला शिक्षा अधिकारी डी.डी.रजक को स्कूल जांच के निर्देश दिए थे। जनपद शिक्षा केन्द्र सिलवानी से भेजे जांच दल में राजेश धुर्वे, सौरभ जैन, दशरथ गौर जनशिक्षक शामिल थे। जांच दल शासकीय प्राथमिक शाला उचेरा पहुंचा और बच्चों और पालकों से घर घर जाकर बयान लिए। जनशिक्षकों ने जांच प्रतिवेदन जनपद शिक्षा केन्द्र को सौंपा और जनपद शिक्षा केन्द्र ने प्रतिवेदन को वरिष्ठ कार्यालय अग्रेषित कर दिया।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी सिलवानी द्वारा प्रस्तुत जांच रिपोर्ट में यह पाया गया कि बृजलाल सल्लाम विद्यालय समय में शराब के नशे में स्कूल आते थे, जिससे विद्यालय का वातावरण दूषित हुआ और छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हुई। साथ ही शाला के अकादमिक एवं भौतिक स्तर में भी गुणवत्ता की कमी देखी गई। और स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों में भी दिए गए निर्देशों की अनदेखी की।
ग्रामीणों और अभिभावकों का आरोप है कि शिक्षक बीते दो वर्षों से स्कूल में पढ़ने वाली मासूम बच्चियों के साथ अश्लील हरकतें कर रहा है। परिजनों के अनुसार, वह अक्सर नशे में मोबाइल पर अश्लील गाने चलाकर बच्चियों को नचाता है
कलेक्टर द्वारा कराई गई जांच रिपोर्ट में शिक्षक के खिलाफ आरोप सही पाए जाने पर शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर मुख्यालय सिलवानी विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय सिलवानी नियत किया गया है।
जांच प्रतिवेदन के अनुसार बृजलाल सल्लाम का आचरण मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 का उल्लंघन है, और इसे गंभीर कदाचरण की श्रेणी में रखा गया है।
नतीजतन, म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, सिलवानी निर्धारित किया गया है, तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
इस कार्रवाई को लेकर शिक्षा विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शिक्षक पद की गरिमा के विपरीत आचरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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शिक्षा का मंदिर शर्मसार, शिक्षक बच्चियों से करता कक्षाओं में अश्लीलता




