शिक्षा का मंदिर बना भ्रष्टाचार का अड्डा, एफआईआर होने के बावजूद कुर्सी पर पदस्थ ?

प्रधानमंत्री की मंशा पर लगा रहे पलीता
रिपोर्टर : विनोद साहू
बाड़ी । शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली साल दर साल विकृत होती जा रही हैं । वर्तमान दौर में अधिकार प्राप्त कुर्सीनसीन अपनी कुटिल मानसिकता, साजिश, षड्यंत्रों के बलबूते विभाग में भ्रष्टाचार की जड़ें मजबूत करने में जुटे हैं । प्रधानमंत्री के न खाऊंगा,न खाने दूंगा की मंशा पर पलीता लगाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं ।
तगड़ी भेंट पूजा से “ऊपरवाले” की इन पर कृपा बनी हुई हैं।
कभी भ्रष्ट आचरण और रिश्वतखोरी घोटालों से अछूता रहकर नैतिकता, परोपकार, सदाचार, सत्य की शिक्षा देने वाला शिक्षा विभाग आज भ्रष्टाचार, रिश्वत खोरी, साजिश, षड्यंत्र का घिनौना दलदल बन गया हैं । अधिकारों का बेजा इस्तेमाल करने वाले दागदारों को पदच्युत करने की बजाय महत्वपूर्ण पदों पर आसीन कर दिया गया हैं। जहां वे अपने अधिकारों का दुरपयोग कर सरकार के…. खाऊंगा न खाने दूंगा …की मंशा पर पलीता लगाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं । सिलवानी विकास खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में हुआ अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक घोटाला इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। इस आर्थिक घोटाले की गूंज शिक्षा मंत्री तक भी पहुंची लेकिन घोटाले में संलिप्त
पर …. ऊपर वाले ….की कृपा होने से मामला बेआवाज होकर रह गया ।
आश्चर्यजनक है कि प्रधानमंत्री की मंशा को अमलीजामा पहनाने वाले समर्थक भी इस मामले में चुप्पी साध गए। घोटाले के आरोपी यथावत कुर्सियों पर जमे हुए हैं और रोज नित नित तिकड़म लगा रहे हैं कि पैसे कैसे कमाएं जाए । विभाग में मनमानी, अनियमित्ताओं का ऐसा आलम है कि कई शिक्षक -शिक्षिकाएं शाला ही नहीं जाते , इनमें कई ऐसे हैं जो अन्यत्र स्थानों पर अपना निजी व्यवसाय कर रहे हैं । लेकिन कुर्सीसीन की जेब गरम करने से विभागीय अभिलेखों में इमानदारी से डुयूटी कर रहे हैं, तो कई सत्ताधारियों की चापलूसी कर मौज कर रहे हैं, तै कहीं भाड़े के कर्मचारी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। ऐसी बात नहीं हैं कि इन सबसे कुर्सी सीन अनभिज्ञ हो, अनजान हो मगर नियमित होती भेंट पूजा के बल पर सब निर्बाध चल रहा है। सख्ती और षड्यंत्र का इस्तेमाल वहां किया जा रहा हैं जहां से दक्षिणा नहीं आ पा रही हैं।
लिहाज़ा डराने धमकाने धमकाने के लिए साजिश और षड्यंत्रों का सहारा लिया जा रहा है।



