धार्मिक

चेहरे की चमक, यह काया शरीर भगवान शिव कृपा की देन है -पण्डित प्रदीप मिश्रा

विश्व विख्यात पण्डित मिश्रा ने रायसेन के कथा पंडाल में शिवभक्तों को दिलाई रायसेन दुर्ग के मन्दिर के तालों में कैद सोमेश्वर महादेव की रिहाई के लिए दिलाया संकल्प,
केंद की मोदी सरकार मप्र की शिवराज सरकार से कैद में शिवलिंग की रिहाई के लिए उठाई मांग, रायसेन किले के सोमेश्वर महादेव बम भोले भंडारी के जयकारों से गूंज उठा दशहरे मैदान का कथा पंडाल

रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। विश्व विख्यात त्रिपुण्ड शिव महापुराण कथा वाचक कुबरेश्वर धाम सीहोर के पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा उनके श्रीमुख से त्रिपुण्ड शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। संगीतमयी शिव महापुराण कथा का आयोजन श्री अमरनाथ सेवा समिति रायसेन के बैनर तले कराया जा रहा है। मंच से शिव कथा वाचक पंडित मिश्रा ने मंगलवार को तीसरे दिवस केंद्र की मोदी सरकार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मामा और गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा से रायसेन के ऐतिहासिक किले स्थित सोमेश्वर महादेव सालों से तालों जंजीरों की बेड़ियों में कैद हैं। शिव मंदिर के ताले खोले जाने के लिए पहल करते हुए शिवभक्तों को संकल्प दिलाया। केंद्र और प्रदेश की सरकारों से मंच से यह अपील भी की कि बरसों से तालों में कैद सोमेश्वर महादेव की रिहाई का अब समय आ चुका है। ताकि शिवभक्त नियमित उपासना पूजन आरती कर सकें।उल्लेखनीय है कि साल में सिर्फ एक बार महाशिवरात्रि के त्यौहार पर शिव मंदिर के पट सुबह 7 से शाम 7 बजे खुलते हैं। यहां वार्षिक मेला भी लगता है। बाद में सोमेश्वर धाम शिवमंदिर के ताले डालकर एसडीएम तहसीलदार रायसेन जिला कोषालय के दफ्तर में चाबी रख देते हैं ।
पंडित मिश्रा ने कथा को विस्तारित करते हुए कहा कि पहला सुख निरोगी काया वास्तव में जो शिव भोले का परम भक्त होता है काल भी उसका क्या बिगड़ेगा जो भक्त होगा महाकाल का।दूसरों के आगे नहीं बल्कि भगवान सदाशिव की चरणों में जो व्यक्ति शीश झुकाकर उलझन सुलझाने की आराधना करते हैं तो समझों उसके जीवन में उसका सुधार होने निश्चित ही है। संसार के लोगों के सामने श्रद्धालुओं को कोई जरूरत नहीं मेरे भोले भंडारी विश्नाथ के सामने झुकने की आदत डाल लें तो दुनिया की बड़ी सेबड़ी उलझन सुलझने में देरी नहीं होगी। भगवान बम बम भोले की कृपा उपासना से सब समस्याएं उलझन सुधर जाएगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि गुलाब का फूल कांटों के बीच खिलता है। लेकिन वह देवी देवताओं के चरणों में पूजन आरती में चढ़ता है।गुलाब जामुन पेट में चली जाती हैं।आपके जीवन में यदि थोड़ा सा भी कष्ट आ जाए तो मानो परमपिता परमात्मा भोलेनाथ तुम्हें अपनी ओर खींचना चाहते हैं।
मतलब परस्त लोग जीवन में कहीं भी सुख नहीं पाते…..
पँडित मिश्रा ने शिवकथा में बोले कि स्वार्थी लोग जीवन में कहीं भी सुख नहीं पाते हैं। यह मतलबी लोग तब ही चिपके रहेंगे जब तक व्यक्ति के पास धन दौलत और वैभव यश कीर्ती रहती है।धनवान व्यक्ति के पास उक्त सारी सुख सुविधाएं कम हो जाती हैं तो मतलबी लोग पहले ही खिसक कर चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि स्वार्थी किस्म के लोग इंसान के बुरे वक्त आने पर उसे छोड़कर चले जाते हैं।सब मतलब के हैं यार…. बस इस संसार में एक सहारा तू है शंभूनाथ बाकी सब बेकार हैं …भजन पर श्रद्धालु जमकर झूमे नाचे।

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