महान संत श्रीराम बाबा जी का देह त्याग, अंतिम शोभायात्रा सोमवार 9 सितंबर को

रिपोर्टर : अशोक साहू
उदयपुरा । परमहंस श्रीराम बाबाजी का देह त्याग बौरास नर्मदा तट स्थित बगीचा में हो गया। मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा, छत्तीसगढ़ समेत भारत के कई राज्यों में उनके भक्त थे। परमहंस श्रीराम बाबाजी की अंतिम शोभायात्रा सोमवार 9 सितंबर को सुबह 11 बजे नर्मदा तट बौरास के लिए प्रस्थान करेगी। परमहंस श्रीराम बाबा पूर्ण विरक्त, मुक्त आध्यात्मिक संत थे। निरंजनी अखाड़े से सम्बद्ध श्रीराम बाबाजी का दुनिया में कोई आश्रम, परम्परा व्यवस्था से अन्य संपत्ति नहीं थी। वे आजीवन पूर्ण परमात्मा पर निर्भर परम्परा के सन्यासी रहे। इस परम्परा के आदि भगवान शिव को माना जाता है, जिनका अस्तित्व ही प्रकृति है और प्रकृति ही परमात्मा।
परमहंस श्रीराम बाबा के देवलोक गमन पर समूचे भक्तमण्डल में रामजप भाव है। परमहंस श्रीराम बाबाजी सदैव शोकमुक्त, परम तत्वदर्शी सम्प्रदाय के जनक और अनंत आनंद के प्रेरक रहे हैं। उनके निर्वाण पर सभी में रामजप भाव है।



