बरसात ने निकाला पक्की सडको का कचूमर, घटिया निर्माण की खुलने लगी पोलें

रिपोर्टर : कुंदनलाल चौरसिया
गौरझामर । बरसात ने जिस तरह से सडको की शक्लें बिगाडी है इससे उनके भ्रष्टाचार व घटिया निर्माण की पोल खोल कर रख दी है सडको के बदहाल स्वरुप से वह अब चलने चलाने के लायक नही रह गई हैं यह मंजर एक दो जगह का नही है बल्कि भ्रष्टाचार की इबारत हर घटिया सडक ने लिख डाली है ग्रामीण सडको में फिलहाल प्रधान मंत्री ग्राम सडक योजना से बनी सडको ने कुछ कुछ लाज बचाके रखी है बरना आज हम आजादी के पहले के भारत का दीदार कर रहे होते, आज भी अनेको ग्रामीण सडके इस कदर कीचड दल-दल से सन गई है कि लगता नही है की यहां पक्की सडक भी है इन कीचढ से सनी सडको पर ग्राम वासियों व स्कूली छोटे-छोटे बच्चो का निकलना चलना बेहद कठिन हो गया है ग्रामवासियो का कहना है की जब सडक को पक्का बनाने के लिये सरकार लाखो करोडो रूपये पानी की तरह बहाती है तब सडके इस तरह की घटिया क्यों बनाई जाती है जबकि इनकी गुणबत्ता व परिपक्वता के लिये शासन ने प्रत्येक ब्लाक लेबल पर ओव्हरसियरो व एसडीओ को तैनात कर रखा है इन सबके होते हुए लोगो को खरे काम की जगह यदि घटिया काम मिलता है तो इसकी मौके पर ही खुली जांच होना चाहिए और यदि जांच नही होती है तो यह मान लिया जाना चाहिए की इस भ्रष्टाचार मे नीचे से लेकर ऊपर तक भ्रष्टाचार हुआ है लोगो ने प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री मा मोहन यादव से मांग की है की घटिया निर्माण से बनी सडको की जांच शीघ्र कराई जावे जिससे उन लोगो को सबक व दण्ड मिल सके जो घटिया सडक निर्माण के भ्रष्टाचार मे लिप्त थे।



