आरटीओ की निष्क्रिय कार्य प्रणाली से जनता मे आक्रोश, अनफिट जानलेवा खटारा बसे दौड रही है सडको पर
रिपोर्टर : कुंदनलाल चौरसिया
गौरझामर । आज के वैज्ञानिक युग मे जहा इन्सान चांद पर कुलाचे भर रहा हैं ऐसे मे यदि हम सोलहवी सदी की दुहाई दे तो बात कुछ अटपटी सी लगती है हम यहा जिक्र कर रहे है उन निजी यात्री बसो की जो शासकीय परमिट पर राज्य परिवहन बसो के बन्द होने पर विकल्प स्वरुप चलाई गई है इन बसो के संचालन मे शासन प्रशासन आरटीओ पुलिस की भूमिका व प्रबंधन खामियो पर कही दूर तक जबाबदेही दिखाई ही नही दे रही है निजीकरण के बावजूद यात्रियों को नई नई व आरामदेह बसो की जगह पुरानी उम्रदराज खटारा बेनूर अनफिट बसो मे पूरा और मनमाना किराया देकर सफर करना पड रहा है बसे इतनी अविश्वसनीय कंडम व खस्ताहाल चल रही है की इनमे यात्री भगवान भरोसे ही सफर करता हैं बस बीच रास्ते मे कहा पर बिगड जाय अड जाये कुछ भी कहना मुश्किल है। बतादे की इन निजी यात्री बसो मे कुछ बसे तो इतनी पुरानी चल रही जो सडक पर चलने की पात्रता ही खो चुकी है कुछ की छत टपक रही हैं तो कुछ के काच ही गायब हैं यात्रियो ने बताया है की अधिकाँश बसो मे चलने बाले चालक परिचालक क्लीनर के वैध लाइसेंस नेम प्लेट बैज बिल्ला नही होने के बाबजूद उन्हें बसो मे चलाया जाता है जो यात्रियो के लिये घातक है इनकी भी हर समय औचक जाच होनी चाहिये जो नही होती है बसो के फिटनेश बीमा परमिट इत्यादि कागजो की जाच बीच रास्ता मे की जाये जिससे हकीकत का सही पता चल सके, बस यात्रियो की शिकायत सुनने के लिये भी अलग अधिकारी की नियुक्ति की जावे जो यात्री बस यात्रा के दौरान पीडित परेशान रहते हैं उनकी भी शिकायत परेशानियो को सुना जाने व उन पर कठोरता से कार्यवाही हो व वांछित परिणाम मिल सके।



