ज्योतिषधार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग सोमवार, 19 जनवरी 2026

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
सोमवार 19 जनवरी 2026
19 जनवरी 2026 दिन सोमवार को माघ मास के शुक्ल पक्ष कि प्रतिपदा तिथि है। आज से तीन दिन का स्थान माघ स्नान के लिए संकल्प करके उन्हें करना चाहिए जो अशक्त हो तो उन्हें सम्पूर्ण माघ स्नान का फल प्राप्त हो जाता है। आज बल्लभाचार्य जी की जन्म जयन्ती है। आज से गुप्त नवरात्रि (नाडता) का भी प्रारम्भ होता है जो नव दिन तक चलेगा। आज यायीजययोग भी है। आज परसर्वार्थसिद्वि योग भी है। आप सभी सनातनियों को “गुप्ता नवरात्रि” की हार्दिक शुभकामनायें।।
महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
☄️ *दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं । *सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है।
*सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है। *जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है।
*सोमवार के दिन शिव पुराण के अचूक मन्त्र “श्री शिवाये नमस्तुभ्यम’ का अधिक से अधिक जाप करने से समस्त कष्ट दूर होते है. निश्चित ही मनवाँछित लाभ मिलता है। 🔮 *शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल* 🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
👸🏻 शिवराज शक 352 प्रारम्भ
☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
☸️ काली सम्वत् 5126_

🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – उत्तरायण
🌧️ ऋतु – सौर शिशिर ऋतु
⛈️ मास – माघ मास
🌒 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📅 तिथि – सोमवार माघ माह के शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि 02:14 AM तक उपरांत द्वितीया
🖍️ तिथि स्वामी – प्रतिपदा तिथि के देवता हैं अग्नि। इस तिथि में अग्निदेव की पूजा करने से धन और धान्य की प्राप्ति होती है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र उत्तराषाढ़ा 11:52 AM तक उपरांत श्रवण
🪐 नक्षत्र स्वामी – उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का स्वामी ग्रह सूर्य है, इसके देवता विश्वेदेव हैं।
⚜️ योग – वज्र योग 08:45 PM तक, उसके बाद सिद्धि योग
प्रथम करण : किस्तुघन 01:51 PM तक
द्वितीय करण : बव 02:14 AM तक, बाद बालव
🔥 सोमवार का शुभ गुलिक कालः-शुभ गुलिक काल 01:42:00 P.M से 02:59:00 P.M बजे तक
⚜️ दिशाशूलः- आज के दिन पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से दर्पण देखकर या दूध पीकर जायें।
🤖 राहुकालः- आज का राहु काल 08:26:00 A.M से 09:39:00 A.M बजे तक
🌞 सूर्योदयः – प्रातः 06:54:00
🌅 सूर्यास्तः – सायं 05:30:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त – 05:27 ए एम से 06:21 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त – 12:11 पी एम से 12:53 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त – 02:18 पी एम से 03:00 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त – 05:47 पी एम से 06:14 पी एम
🎆 सायाह्न सन्ध्या – 05:49 पी एम से 07:10 पी एम
💧 अमृत काल – 02:10 ए एम से 03:51 ए एम, जनवरी 20
🗣️ निशिता मुहूर्त – 12:05 ए एम से 12:59 ए एम, जनवरी 20
🚓 यात्रा शकुन-मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ सौं सौमाय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-शिवजी का दुग्धाभिषेक करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – गुप्त नवरात्रि प्रारम्भ/ माघ नवरात्रि/ इष्टि/ सर्वार्थ सिद्धि योग/ आडल योग/ विडाल योग/ राष्ट्रीय कल्पना दिवस, साहित्यकार विष्णु सखाराम खांडेकर जन्म दिवस, फिल्म अभिनेता सौमित्र चटर्जी जन्म दिवस, राष्ट्रीय पॉपकॉर्न दिवस, साहित्यकार देवेन्द्रनाथ टैगोर स्मृति दिवस, धर्मगुरु आचार्य रजनीश स्मृति दिवस, राजपूत राजा राणा प्रताप सिंह पुण्य तिथि, भारतीय विचारक और धर्मगुरु ओशो स्मृति दिवस, अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म समारोह दिवस (10 दिवसीय)
✍🏼 तिथि विशेष – प्रतिपदा तिथि को कद्दू एवं कूष्माण्ड का दान एवं भक्षण दोनों ही त्याज्य बताया गया है। प्रतिपदा तिथि वृद्धि देनेवाली अर्थात किसी भी कार्य को अथवा कार्यक्षेत्र को बढ़ाने वाली तिथि मानी जाती है। साथ ही प्रतिपदा तिथि सिद्धिप्रद अर्थात कोई भी कार्य को निर्विघ्नता पूर्वक चरम तक पहुंचाने अर्थात सिद्धि तक पहुंचाने वाली तिथि भी मानी जाती है। इस प्रतिपदा तिथि के स्वामी अग्नि देवता को बताया गया है। यह प्रतिपदा तिथि नन्दा नाम से विख्यात मानी जाती है।।
🕷️ Vastu tips 🕸️
कपूर और गुग्गल से करें धूनी रोज शाम कपूर और गुग्गल की धूनी पूरे घर में दें। इसकी खुशबू वातावरण को शुद्ध करती है और नकारात्मक शक्तियों का नाश करती है।
*नमक-फिटकरी से करें ऊर्जा शुद्ध वास्तु में नमक और फिटकरी नेगेटिव एनर्जी सोखने वाले तत्व माने जाते हैं। सप्ताह में दो बार पोंछे के पानी में सेंधा नमक मिलाकर घर साफ करें। साथ ही बाथरूम के कोने में कांच के कटोरे में फिटकरी रखें, इससे नजर दोष कम होता है। *मोर पंख से हटेगी बुरी नजर धार्मिक रूप से मोर पंख बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, वहीं इसे वास्तु में भी बेहद शुभ माना गया है। जिसके आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार लिविंग रूम या मुख्य द्वार के पास तीन मोर पंख लगाने से बुरी नजर का प्रभाव कम होता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
बरगद के साफ कोमल पत्तों के रस में, बराबर मात्रा में सरसों के तेल को मिलाकर आग पर पकाकर गर्म कर लें, इस तेल को बालों में लगाने से #बालों के सभी रोग दूर हो जाते हैं।
25-25 ग्राम बरगद की जड़ और जटामांसी का चूर्ण, 400 मिलीलीटर तिल का तेल तथा 2 लीटर गिलोय का रस को एकसाथ मिलाकर धूप में रख दें, इसमें से पानी सूख जाने पर तेल को छान लें। इस तेल की मालिश से #गंजापन दूर होकर बाल आ जाते हैं और बाल झड़ना बंद हो जाते हैं
बरगद की जटा और काले तिल को बराबर मात्रा में लेकर खूब बारीक पीसकर सिर पर लगायें। इसके आधा घंटे बाद कंघी से बालों को साफ कर ऊपर से भांगरा और नारियल की गिरी दोनों को पीसकर लगाते रहने से #बाल कुछ दिन में ही घने और लंबे हो जाते हैं।
*दही के साथ बड़ को पीसकर बने लेप को #जले हुए अंग पर लगाने से जलन दूर होती है। *जले हुए स्थान पर बरगद की कोपल या कोमल पत्तों को गाय के दही में पीसकर लगाने से #जलन कम हो जाती है।
नाक में बरगद के दूध की 2 बूंदें डालने से #नकसीर (नाक से खून बहना) ठीक हो जाती है।
3 ग्राम बरगद की जटा के बारीक पाउडर को दूध की लस्सी के साथ पिलाने से #नाक से खून बहना बंद हो जाता है।
बरगद के कड़े हरे शुष्क पत्तों के 10 ग्राम दरदरे चूर्ण को 1 लीटर पानी में पकायें, चौथाई बच जाने पर इसमें 1 ग्राम नमक मिलाकर सुबह-शाम पीने से हर समय आलस्य और नींद का आना कम हो जाता है।
💉 आरोग्य संजीवनी 🩸
नशे के बाद ज्यादा दुःख :- आप जिस कारन से दारू पि रहे है उसने थोड़ी देर के लिए दर्द भुला दिया पर जैसे ही उस दारू का impact ख़त्म हुवा आपको वो दर्द फिर से ज्यादा याद आने लगेगा और आप की तकलिप और बहुत ज्यादा बढ़ेगी।
*शरीर का सत्यानास :- शराब ख़राब है ये आपने बहुत बार सुना होगा, पर दर्द मिटाने के लिए हम एक बार जीतनी डोस लेते है उसका धीरे धीरे बॉडी को आदत होने लग जाता है, ब्रेन को आदत पड जाती है. इसलिए आप देखेंगे जो लोग 90ml पिते थे वो 120ml, 120ml से 150ml, 180ml और ये बढता चला जाता है. क्यूं धीरे धीरे अल्कोहोल की डोस आपको बॉडी में बढानी पड़ती है और ये अल्कोहोल जा जा के आपके स्टमक, लिवर ऐसे कई सारे सिस्टम का सत्यानास कर देता है. *पैसो का सत्यानास :- ये जो अल्कोहोल आप पि रहे है, ये अल्कोहोल पि पि के आपकी जो मेन प्रॉब्लम थी दर्द वो तो गयी नहीं, हां पर शरीर का सत्यानास होई रहा है, तीसरा आप अपने करियर या आपने लाइफ की या फाइनेंस का भी सत्यानास कर रहे है. आपने कई ऐसे घर देखे होंगे जिन्होंने दारू पि पि के अपना तो सत्यानास किया ही, अपने बीबी बच्चे जो भी कुछ थे उन सबका सत्यानास कर दीया।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
🔥 हवन में दी गई #आहुति कहाँ जाती है? जानिए शिवजी द्वारा बताया गया #रहस्य! 🔥
एक बार माता पार्वती ने भगवान शिव से अग्नि देव का परिचय पूछा, जिनकी उपासना स्वयं महादेव करते हैं। शिवजी ने जो गूढ़ रहस्य बताए, वे अत्यंत अद्भुत हैं।
📜 कब और कैसे हुई अग्नि की उत्पत्ति? शिवजी के अनुसार, अग्नि देव आषाढ़ मास, कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी, आधी रात, शनिवार, रोहिणी नक्षत्र और मीन लग्न में पाताल से प्रकट हुए। उनका एक नाम ‘अगोचर’ भी है।
💧 कौन हैं अग्नि के माता-पिता? यह जानकर आप हैरान रह जाएंगे!
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माता: वन की सूखी लकड़ी (समिधा/अरणि)। क्योंकि अग्नि स्वाभाविक रूप से लकड़ी में ही गुप्त रहती है और घर्षण से प्रकट होती है।
*_पिता: जल। क्योंकि जल से ही वन (लकड़ी) की उत्पत्ति होती है।

गोत्र: शाण्डिल्य। ✨ अग्नि देव का विराट स्वरूप: नेत्र: बारह आदित्य (सूर्य) ही इनके बारह नेत्र हैं। *जिह्वाएं (जीभ): इनकी 7 जिह्वाएं हैं जिनसे वे आहुति ग्रहण करते हैं – काली, कराली, मनोजवा, सुलोहिता, सुधूम्रवर्णा, स्फुलिंगिनी और विश्वरूपी।
*तीनों लोकों में वास: मृत्युलोक, स्वर्गलोक और पाताललोक—तीनों लोक अग्नि से ही बंधे हुए स्थिर हैं। *द एक मात्र साधन: अग्नि ही वह माध्यम है जिसके द्वारा हविष्य देवताओं तक पहुँचता है। जब हम प्रेमपूर्वक “स्वाहा” कहकर आहुति देते हैं, तो वह सीधे महाविष्णु के मुख में प्रवेश करती है, जिससे ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों तृप्त हो जाते हैं।
*प्रिय भोजन (हवन सामग्री): घी, जौ, तिल, दही, खीर, श्रीखंड और मिठाई। *।। ॐ अग्नये नमः ।। 🙏* ••••✤••••┈•✦ 👣✦•┈••••✤••••*
⚜️ प्रतिपदा तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। आज प्रतिपदा तिथि को अग्निदेव से धन प्राप्ति के लिए एक अत्यंत ही प्रभावी उपाय कर सकते हैं। आज प्रतिपदा तिथि को इस अनुष्ठान से अग्निदेव से अद्भुत तेज प्राप्त करने के लिए भी आज का यह उपाय कर सकते हैं। साथ ही आज किसी विशिष्ट मनोकामना की पूर्ति भी इस अनुष्ठान के माध्यम से अग्निदेव से करवायी जा सकती हैं। इसके लिए आज अग्नि घर पर ही प्रज्ज्वलित करके गाय के शुद्ध देशी घी से (ॐ अग्नये नम: स्वाहा) इस मन्त्र से हवन करना चाहिये।।

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