Today Panchang आज का पंचांग शनिवार, 11 जनवरी 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शनिवार 11 जनवरी 2025
11 जनवरी 2025 दिन शनिवार को पौष मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है। आज के पहले अर्थात कल पुत्रदा अथवा वैकुण्ठ एकादशी का पावन व्रत था। तो आज द्वादशी को एकादशी व्रत के पारण का समय भी जान लेते हैं। तो जैसा की आप जानते हैं, कि तारीख 09 जनवरी को दिन में 12:24 PM पर एकादशी तिथि का आरम्भ हुआ था। और 10 जनवरी को सुबह 10:21 AM तक एकादशी था। इसलिए आज 11 जनवरी द्वादशी को 07:14 से 09:24 AM के बीच में पारण का समय है। इसलिए इसी बीच के काल में एकादशी व्रत के व्रतियों को वाट का पारण कर लेना चाहिए। आज शनिवार का शनिप्रदोष व्रत भी है एवं कुर्म द्वादशी भी आज ही है। यह शनिप्रदोष का व्रत संतान प्राप्ति हेतु बड़ा ही उपयुक्त मुहूर्त माना जाता है। आज पुत्र प्राप्ति की कामना से शिवलिंग पर दूध अवश्य चढ़ाना चाहिए। आप सभी सनातनियों को “कुर्म द्वादशी एवं शनिप्रदोष व्रत” की हार्दिक शुभकामनायें।।
शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
☄️ दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से आयु का नाश होता है । अत: शनिवार को बाल और दाढ़ी दोनों को ही नहीं कटवाना चाहिए।
शनिवार के दिन प्रात: पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित मीठे जल का अर्ध्य देने और सांय पीपल के नीचे तेल का दीपक जलाने से कुंडली की समस्त ग्रह बाधाओं का निवारण होता है ।
शनिवार के दिन पीपल के नीचे हनुमान चालीसा पड़ने और गायत्री मन्त्र की àएक माला का जाप करने से किसी भी तरह का भय नहीं रहता है, समस्त बिग़डे कार्य भी बनने लगते है ।
शिवपुराण के अनुसार शनि देव पिप्लाद ऋषि का स्मरण करने वाले, उनके भक्तो को कभी भी पीड़ा नहीं देते है इसलिए जिन के ऊपर शनि की दशा चल रही हो उन्हें अवश्य ही ना केवल शनिवार को वरन नित्य पिप्लाद ऋषि का स्मरण करना चाहिए।
शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि देव की कृपा मिलती है, शनि की पीड़ा निश्चय ही शान्त हो जाती है ।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 विक्रम संवत : 2081 पिंगल संवत्सर विक्रम : 1946 क्रोधी
🌐 संवत्सर नाम पिंगल
🔯 शक सम्वत : 1946 (पिंगल संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5125
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☁️ ऋतु – सौर शिशिर ऋतु
🌤️ मास – पौष मास
🌖 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि : शनिवार पौष माह के शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि 08:21 AM तक उपरांत त्रयोदशी तिथि 06:34 AM तक उपरांत चतुर्दशी
✏️ तिथि स्वामी – द्वादशी के देवता हैं विष्णु। इस तिथि को भगवान विष्णु की पूजा करने से मनुष्य सदा विजयी होकर समस्त लोक में पूज्य हो जाता है।
💫 नक्षत्र : नक्षत्र रोहिणी 12:29 PM तक उपरांत म्रृगशीर्षा
🪐 नक्षत्र स्वामी : रोहिणी नक्षत्र का स्वामी मंगल है। तथा राशि के स्वामी शुक्र है।
⚜️ योग: शुक्ल योग 11:48 AM तक, उसके बाद ब्रह्म योग
⚡ प्रथम करण : बालव – 08:21 ए एम तक कौलव – 07:25 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : तैतिल – 06:33 ए एम, जनवरी 12 तक गर
🔥 गुलिक काल : – शनिवार को शुभ गुलिक प्रातः 6 से 7:30 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है ।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से अदरक खाकर, घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सुबह – 9:00 से 10:30 तक।राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः – प्रातः 06:44:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:16:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:27 ए एम से 06:21 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:54 ए एम से 07:15 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:08 पी एम से 12:50 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:14 पी एम से 02:56 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:40 पी एम से 06:08 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 05:43 पी एम से 07:04 पी एम
💧 अमृत काल : 09:27 ए एम से 10:58 ए एम 03:00 ए एम, जनवरी 12 से 04:32 ए एम, जनवरी 12
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:02 ए एम, जनवरी 12 से 12:56 ए एम, जनवरी 12
💦 अमृत सिद्धि योग : 07:15 ए एम से 12:29 पी एम
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : 07:15 ए एम से 12:29 पी एम
🚕 यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।
🤷🏻 आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।
👉🏼 आज का उपाय-शनिदेव का तिल के तेल से अभिषेक करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार : सर्वार्थ अमृतसिद्धि योग/शनि प्रदोष/ भारतीय स्वतंत्रता सेनानी लाल बहादुर शास्त्री स्मृति दिवस, अर्थशास्त्री भाबातोष दत्ता स्मृति दिवस, राष्ट्रीय मानव तस्करी जागरूकता दिवस, भारतीय क्रिकेटर राहुल द्रविड़ जन्म दिवस, प्रसिद्ध उद्योगपति अनलजीत सिंह जन्म दिवस, अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म समारोह दिवस (10 दिवसीय), राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह 11 जनवरी- 17 जनवरी तक
✍🏼 तिथि विशेष – द्वादशी तिथि को मसूर की दाल एवं मसूर से निर्मित कोई भी व्यंजन नहीं खाना न ही दान देना चाहिये। यह मसूर से बना सभी व्यंजन इस द्वादशी तिथि में त्याज्य बताया गया है। द्वादशी तिथि के स्वामी भगवान श्री हरि नारायण भगवान को बताया गया है। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का श्रद्धा-भाव से पूजन करना चाहिये। साथ ही भगवान नारायण के नाम एवं स्तोत्रों जैसे विष्णुसहस्रनाम आदि के पाठ अवश्य करने चाहिए। नाम के पाठ एवं जप आदि करने से व्यक्ति के जीवन में धन, यश एवं प्रतिष्ठा की प्राप्ति सहज ही होने लगती है।
🗽 Vastu tips 🗺️
अगर आप घर की उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में कंप्यूटर, टीवी, फ्रीज या इसी तरह का कोई सामान रखते हैं, तो ये आपकी आर्थिक तंगी का कारण बन सकता है। उत्तर दिशा के स्वामी कुबरे हैं, इलेक्ट्रॉनिक चीजें कुबेर देव से संबंधित नहीं हैं। अगर आप इस दिशा में इलेक्ट्रॉनिक चीजें रखते हैं तो इसे उचित नहीं माना जाता।
इस दिशा में गलती से भी न रखें कूड़ा घर का कूड़ेदान अगर उत्तर दिशा में है तो उसे आज ही हटा लें। इस दिशा में कूड़ा रखना आपको कंगाल बना सकता है। साथ ही इस दिशा में आपको गंदगी फैलाने से भी बचना चाहिए, ये दिशा जितनी व्यवस्थित और साफ रहती है उतना ही आपको लाभ होता है। इससे कूबरे देव खुश होते हैं और आपको धन-धान्य की प्राप्ति होती है।
उत्तर दिशा में न रखें काली चीजें आपको कभी भी उत्तर दिशा में काले रंग की चीजें नहीं रखनी चाहिए। साथ ही इस ओर की खिड़की या दरवाजे पर डार्क कलर के पर्दे लगाने से भी आपको बचना चाहिए। इसके कारण आपके घर का माहौल बिगड़ सकता है, आपको आर्थिक हानि तो होगी ही साथ ही घर के लोगों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी इसका दुष्प्रभाव पड़ता है। इसलिए काले रंग का इस्तेमाल उत्तर दिशा में न करें।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
जल्दी सोने के क्या क्या फायदे और नुकसान हैं?
मैं तो प्रतिदिन रात्रि 11.00 बजे सो जाता हूं। कोई अति आवश्यक काम आ पड़ी तभी यह रूटीन प्रभावित होता है। सुबह 5.30 बजे बिल्कुल समय से जग जाता हूं और ना जग पाया तो जबरदस्ती जगा दिया जाता हूं 😀😂
जल्दी सोने के फायदे ज्यादा हैं और नुकसान कम👉
जल्दी सोना स्वास्थ्य के लिए अनेक मायनों में फायदेमंद होता है, लेकिन कुछ मामलों में इसके नुकसान भी हो सकते हैं।
जल्दी सोने के फायदे👉
अच्छी नींद- जल्दी सोने से आपको पर्याप्त और अच्छी नींद लेने का मौका मिलता है, जो आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।
तनाव कम- अच्छी नींद तनाव को कम करने में मदद करती है और आपकी मनोदशा को बेहतर बनाती है।
पाचन बेहतर- जल्दी सोने से पाचन क्रिया सुचारू रूप से चलती है और आपको कब्ज जैसी समस्याओं से बचाती है।
प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत- पर्याप्त नींद आपके इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाती है और आपको बीमारियों से बचाती है।
🍃 आरोग्य संजीवनी ☘️
मुलेठी की डोज़ और सेवन विधि
मुलेठी को 1 से 3 ग्राम की मात्रा में ले सकते हैं। इसको गर्म पानी में 5-10 मिनट स्टेप कर चाय बना कर ले सकते हैं। इसे ज्यादा दिनों तक इस्तेमाल नहीं करना चाहिए नहीं तो इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन हो सकता है जिसका हृदय पर बुरा असर पड़ता है।
🪵 मुलेठी के फायदे
मुलेठी खांसी, जुखाम, गले का संक्रमण, उलटी, अम्लपित्त आदि में लाभकारी है। यह पेट के अल्सर, जलन, में आराम देती है।
श्वसन संक्रमण में लाभप्रद अस्थमा, गले में दर्द-खराश, सर्दी, खांसी, सूजन, संक्रमण, ब्रोन्कियल नलियों की सूजन आदि दिक्कतों में मुलेठी को लेने से फायदा होता है क्योंकि यह रोगाणुरोधी, जीवाणुरोधी और एंटीवाइरल है।
श्वसन संक्रमण में लिकोरिस की चाय बनाकर, उसमें शहद डाल कर पियें। लिकोरिस की चाय बनाने के लिए, लिकोरिस पाउडर आधा चम्मच को एक कप गर्म पानी में 5 से 10 मिनट के लिए ढकें और छान लें। इसमें आप दालचीनी, तुलसी के पत्ते और काली मिर्च भी मिला सकते हैं। इसे बनाकर दिन में एक बार पियें।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
एक राजा अपनी वीरता और सुशासन के लिए प्रसिद्ध था।
एक बार वो अपने गुरु के साथ भ्रमण कर रहा था, राज्य की समृद्धि और खुशहाली देखकर उसके भीतर घमंड के भाव आने लगे, और वो मन ही मन सोचने लगे, “सचमुच, मैं एक महान राजा हूँ, मैं कितने अच्छे से अपने प्रजा देखभाल करता हूँ !
गुरु सर्वज्ञानी थे, वे तुरंत ही अपने शिष्य के भावों को समझ गए और तत्काल उसे सुधारने का निर्णय लिया। रास्ते में ही एक बड़ा सा पत्थर पड़ा था, गुरु जी ने सैनिकों को उसे तोड़ने का निर्देश दिया।
जैसे ही सैनिकों ने पत्थर के दो टुकड़े किये एक अविश्वश्नीय दृश्य दिखा। पत्थर के बीचो-बीच कुछ पानी जमा था और उसमे एक छोटा सा मेंढक रह रहा था। पत्थर टूटते ही वो अपनी कैद से निकल कर भागा।
सब अचरज में थे कि आखिर वो इस तरह कैसे कैद हो गया और इस स्थिति में भी वो अब तक जीवित कैसे था ?
अब गुरु जी राजा की तरफ पलटे और पुछा, “अगर आप ऐसा सोचते हैं कि आप इस राज्य में हर किसी का ध्यान रख रहे हैं, सबको पाल-पोष रहे हैं, तो बताइये कि पत्थरों के बीच फंसे उस मेंढक का ध्यान कौन रख रहा था? बताइये, कौन है इस मेंढक का रखवाला ?”
राजा को अपनी गलती का एहसास हो चुका था। उसे अपने अभिमान पर पछतावा होने लगा। गुरु की कृपा से वे जान चुका था कि वो ईश्वर ही है जिसने हर एक जीव को बनाया है और वही है जो सबका ध्यान रखता है।
कई बार अच्छा काम करने पर मिलने वाले यश और प्रसिद्धि से लोगों के मन में अहंकार घर कर जाता है और अंततः यही उनके अपयश और दुर्गति का कारण बनता है। अतः हमें ध्यान रखना चाहिए कि हम चाहे इस जीवन में किसी भी मुकाम पर पहुँच जाएं, कभी घमंड न करें और सदा अपने अर्थपूर्ण जीवन के लिए उस सर्वशक्तिमान ईश्वर के कृतज्ञ रहें।
आप चाहे किसी भी समाज से हो, अगर आप अपने समाज के किसी उभरते हुए व्यक्तित्व से जलते हो या उसकी निंदा करते हो तो आप निश्चित रूप से उस समाज के लिए कलंक हो।
𖡼•┄•𖣥𖣔𖣥•┄•𖡼 🙏🏻𖡼•┄•𖣥𖣔𖣥•┄•𖡼
⚜️ द्वादशी तिथि के दिन तुलसी नहीं तोड़ना चाहिये। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का पूजन और जप आदि करने से मनुष्य का कोई भी बिगड़ा काम भी बन जाता है। यह द्वादशी तिथि यशोबली अर्थात यश एवं प्रतिष्ठा प्रदान करने वाली तिथि मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि सर्वसिद्धिकारी अर्थात अनेकों प्रकार के सिद्धियों को देनेवाली तिथि भी मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है।।



