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Today Panchang आज का पंचांग शनिवार, 14 सितम्बर 2024

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शनिवार 14 सितम्बर 2024
14 सितम्बर 2024 दिन शनिवार को भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष कि एकादशी तिथि है। आज कि एकादशी को पद्मा एकादशी व्रत के नाम से जाना जाता है। और आज की यह एकादशी व्रत सभी के लिए अर्थात स्मार्त – वैष्णव सभी के लिए है। आज की एकादशी को झारखण्ड में कर्मा एकादशी के नाम से जाना जाता है। मध्य प्रदेश में इस एकादशी को डोल ग्यारस के नाम से जाना जाता है। मणिपुर में हेकरहितोम्ब के नाम से और राजस्थान में जलझुलनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। आज रवियोग एवं परंसर्वार्थसिद्धियोग और यायीजययोग भी है। शास्त्रानुसार एकादशी सर्वश्रेष्ठ एवं सर्वाधिक पुण्यदायी व्रत होता है। इसे हर एक व्यक्ति को अवश्य करना चाहिये। आप सभी सनातनियों को “पद्मा अथवा परिवर्तिनी या फिर कर्मा एकादशी व्रत की” बहुत-बहुत हार्दिक शुभकामनायें एवं अनन्त-अनन्त बधाइयाँ।
शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
☄️ दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से आयु का नाश होता है । अत: शनिवार को बाल और दाढ़ी दोनों को ही नहीं कटवाना चाहिए।
शनिवार के दिन प्रात: पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित मीठे जल का अर्ध्य देने और सांय पीपल के नीचे तेल का दीपक जलाने से कुंडली की समस्त ग्रह बाधाओं का निवारण होता है ।
शनिवार के दिन पीपल के नीचे हनुमान चालीसा पड़ने और गायत्री मन्त्र की àएक माला का जाप करने से किसी भी तरह का भय नहीं रहता है, समस्त बिग़डे कार्य भी बनने लगते है ।
शिवपुराण के अनुसार शनि देव पिप्लाद ऋषि का स्मरण करने वाले, उनके भक्तो को कभी भी पीड़ा नहीं देते है इसलिए जिन के ऊपर शनि की दशा चल रही हो उन्हें अवश्य ही ना केवल शनिवार को वरन नित्य पिप्लाद ऋषि का स्मरण करना चाहिए।
शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि देव की कृपा मिलती है, शनि की पीड़ा निश्चय ही शान्त हो जाती है
🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर शरद ऋतु
🌤️ मास – भाद्रपद मास
🌖 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📅 तिथि – शनिवार भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि 08:41 PM तक उपरांत द्वादशी
📝 तिथि स्वामी – एकादशी के देवता हैं विश्वेदेवगणों और विष्णु। इस तिथि को विश्वेदेवों पूजा करने से संतान, धन-धान्य और भूमि आदि की प्राप्ति होती है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र उत्तराषाढ़ा 08:32 PM तक उपरांत श्रवण
🪐 नक्षत्र स्वामी – उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का स्वामी सूर्य है। राशि स्वामी गुरु है तो नक्षत्र स्वामी सूर्य है।
⚜️ योग – शोभन योग 06:17 PM तक, उसके बाद अतिगण्ड योग
प्रथम करण : वणिज – 09:41 ए एम तक
द्वितीय करण : विष्टि – 08:41 पी एम तक बव
🔥 गुलिक काल : – शनिवार को शुभ गुलिक प्रातः 6 से 7:30 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है ।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से अदरक खाकर, घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सुबह – 9:00 से 10:30 तक।राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:52:00
🌅 सूर्यास्तः – सायं 06:08:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:33 ए एम से 05:19 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:56 ए एम से 06:06 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:52 ए एम से 12:41 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:20 पी एम से 03:09 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:27 पी एम से 06:50 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 06:27 पी एम से 07:37 पी एम
💧 अमृत काल : 02:25 पी एम से 03:57 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:53 पी एम से 12:40 ए एम, सितम्बर 15
सर्वार्थ सिद्धि योग : 08:32 पी एम से 06:06 ए एम, सितम्बर 15
💮 रवि योग : 06:06 ए एम से 08:32 पी एम
🚓 यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।
🤷🏻 आज का उपाय-शनि मंदिर में काले तिल चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
❄️ पर्व एवं त्यौहार – पद्मा (जलझूलनी) एकादशी व्रत (सर्वे)/भद्रा/सर्वार्थसिद्धि योग/पार्श्वपरिवर्तनोत्सव/ परिवर्तिनी एकादशी/ पारसी अर्दिबेहस्त मासारंभ/ ढोल ग्यारस (म.प्र.)/ राष्ट्रीय अभिभावक दिवस अवकाश, राष्ट्रीय क्रीम भरा डोनट दिवस, गोबस्टॉपर दिवस, बंक्स एक्रॉस अमेरिका, राष्ट्रीय रंग दिवस, अंतर्राष्ट्रीय ड्राइव योर स्टूडबेकर दिवस, प्रसिद्ध विद्वान गोपी कुमार पोदिला जन्म दिवस, विश्व बन्धुत्व एवं क्षमा याचना दिवस, आयुष्मान खुराना जन्म दिवस, राष्ट्रीय हिन्दी दिवस (सप्ताह), विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस (सितंबर के दूसरे शनिवार), राष्ट्रीय हिंदी दिवस (National Hindi Day)
✍🏼 विशेष – एकादशी तिथि को चावल एवं दाल नहीं खाना चाहिये तथा द्वादशी को मसूर नहीं खाना चाहिये। यह इस तिथि में त्याज्य बताया गया है। एकादशी को चावल न खाने अथवा रोटी खाने से व्रत का आधा फल सहज ही प्राप्त हो जाता है। एकादशी तिथि एक आनन्द प्रदायिनी और शुभफलदायिनी तिथि मानी जाती है। एकादशी को सूर्योदय से पहले स्नान के जल में आँवला या आँवले का रस डालकर स्नान करना चाहिये। इससे पुण्यों कि वृद्धि, पापों का क्षय एवं भगवान नारायण के कृपा कि प्राप्ति होती है।
🛕 Vastu tips 🏡
वास्तु शास्त्र के अनुसार, हमारा जीवन ऊर्जा के प्रवाह से प्रभावित होता है, और यदि हम अपने घर या कार्यस्थल की दिशा, रंग, सजावट, और डिजाइन को सही ढंग से निर्धारित करते हैं, तो हम सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित कर सकते हैं और नकारात्मक प्रभावों को कम कर सकते हैं।
वास्तु शास्त्र के सिद्धांत न केवल हमारे रहने के स्थान के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि हमारे कार्यस्थल के लिए भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। वास्तु के अनुसार कार्यस्थल का निर्माण और सजावट करने से न केवल कार्यक्षमता में वृद्धि होती है, बल्कि यह कार्य और जीवन के बीच एक स्वस्थ संतुलन बनाने में भी मदद करता है। सकारात्मक ऊर्जा से भरे कार्यस्थल में काम करने से व्यक्ति का मन शांत और संतुलित रहता है, जो व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन दोनों में संतुलन बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
कोलेस्ट्रॉल घटाने में फायदेमंद है करी पत्ता शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को घटाने के लिए करी पत्ता का पानी काफी फायदेमंद साबित होता है। करी पत्ता में एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा काफी ज्यादा होती है। जिससे बैड कोलेस्ट्रॉल को कम किया जा सकता है। इसके अलावा करी पत्ता का पानी पीने से गुड कोलेस्ट्रॉल के स्तर बढ़ता है। करी पत्ता का पानी पीने से फ्री-रेडिकल्स से लड़ने में मदद मिलती है। शरीर में जमा गंदगी को साफ कर बॉडी को डिटॉक्स करने में भी करी पत्ता मदद करता है। जब आप रोजाना करी पत्ता का जूस या पानी पीते हैं तो इससे शरीर में जमा बैड कोलेस्ट्रॉल का लेवल कम होने लगता है। जो हार्ट से जुड़ी बीमारियों के खतरे को भी कम करता है। करी पत्ता का पानी ब्लड शुगर को कम करता है और इससे वजन घटाने में भी मदद मिलती है।
💉 आरोग्य संजीवनी 🩸
कब्ज से छुटकारा पाने के लिए दूध में मिलाकर पिएं ये 4 चीज –
कब्ज से छुटकारा पाने के लिए आप रात में दूध में इसबगोल मिक्स करके पी सकते हैं। इसबगोल में मौजूद फाइबर की भरपूर मात्रा इसे हमारी कब्ज की समस्या से छुटकारा दिलाने में रामबाण बनाती है।
दूध और मुनक्का का मिश्रण हमारी पेट की समस्याओं के लिए बेहद फायदेमंद साबित होता है। कब्ज से छुटकारा पाने के लिए आप 1 गिलास दूध में 8-10 मुनक्का डालकर उबालें और रात में सोने से पहले इसे पिएं। सुबह आपका पेट पूरी तरह साफ हो जाएगा।
दूध और घी का मिश्रण हमारी पाचन शक्ति को बढ़ाने के लिए अच्छा माना जाता है। इसके साथ ही यह हमारी कब्ज की समस्या के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। इसके लिए आपको 1 गिलास दूध में 1 चम्मच देसी घी मिलाकर सोने से पहले पीना चाहिए।
दूध और गुड़ का सेवन करना हमारी कब्ज को खत्म करने के लिए कारगर साबित हो सकता है। गुड़ में मौजूद एंजाइम हमारी पाचन शक्ति को मजबूत करने का काम करते हैं। इसके लिए आप सोने से पहले 1 टुकड़ा गुड़ का सेवन दूध के साथ करें। आपकी कब्ज हमेशा के लिए खत्म होगी।
📚 गुरु भक्ति योग 🕯️
मात्र संयोग नहीं होता किसी से मिलना, इसके पीछे होते हैं ये अलौकिक कारण
जन्म
अब तक आप ना जाने कितने ही लोगों से मिल चुके होंगे और यकीन मानिए अभी यह संख्या और ज्यादा बढ़ने वाली है। इनमें से ज्यादातर लोग तो बस आपके जीवन में आए और गए होंगे, कुछ आज भी आपके साथ होंगे और भविष्य में भी साथ रहेंगे, इसके अलावा कुछ ऐसे भी होंगे जो भले ही कम समय के लिए ही सही आपके साथ रहे लेकिन उन्होंने आपके जीवन में एक बड़ी भूमिका अवश्य निभाई।
खास मकसद
दरअसल कुछ लोग ऐसे होते हैं जो हमारे जीवन में हमेशा के लिए नहीं आते, उनका हमारे जीवन में आने का एक खास मकसद होता है और जब यह मकसद पूरा हो जाता है तब वह अपने आप ही हमारी लाइफ से दूर हो जाते हैं। कभी आपने ये सोचा है कि कौन हैं ये लोग और क्या है इनका हमारे जीवन में आने का असली उद्देश्य।
ब्रह्मांडीय शक्ति
जानकारों की मानें कि ये सब पहले से ही निर्धारित होता है कि कौनसा व्यक्ति किस समय हमारे जीवन में आएगा, लेकिन जब कोई अचानक हमारे जीवन में आता है तो यह मात्र कोई संयोग नहीं होता, इसके पीछे कई कारण होते हैं जो स्वयं ब्रह्मांडीय शक्ति द्वारा रचित हैं। चलिए जानते हैं क्या हैं वो कारण।
हमें रोकने के लिए
कई बार जो लोग हमारे जीवन में आते हैं उनका वास्तविक उद्देश्य हमें आगे बढ़ने से रोकना होता है। शायद हम जिस मार्ग पर चल रहे हैं वह हमारे लिए सही नहीं है, इसलिए ब्रह्मांड की कोई शक्ति मनुष्य रूप में हमारे सामने आती है और हमें रोकने की कोशिश करती है। ऐसी स्थिति में हमें एक बार अवश्य रुक कर अपने निर्णयों पर पुन: विचार करना चाहिए।
हमारे उद्देश्यों से मिलवाने के लिए
कुछ लोग भले ही चंद मिनटों के लिए हमारे जीवन में आएं लेकिन उनसे यह छोटी सी मुलाकात ही यह बताने के लिए काफी होती है कि हमारे जीवन का वास्तविक उद्देश्य क्या है। ये हमारी आत्मा पर अपना गहरा प्रभाव डालते हैं।
हमें आगे बढ़ाने के लिए
जब हम थक कर बैठ जाते हैं और पूरी तरह हार मान चुके होते हैं तब कोई हमारे जीवन में आता है और हमें एक बार फिर आगे बढ़ने का हौसला दे देता है। हमें फिर से खड़ा कर, हमारे मार्ग पर फिर से चलाकर वह वापिस चला जाता है। इसका अर्थ यही है कि वह हमें यह याद दिलाने आए हैं कि हमारा उद्देश्य हमारे लिए कितना जरूरी है।
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⚜️ एकादशी तिथि के देवता विश्वदेव होते हैं। नन्दा नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। एकादशी तिथि एक आनंद प्रदायिनी और शुभ फलदायी तिथि मानी जाती है। इसलिये आज दक्षिणावर्ती शंख के जल से भगवान नारायण का पुरुषसूक्त से अभिषेक करने से माँ लक्ष्मी प्रशन्न होती है एवं नारायण कि भी पूर्ण कृपा प्राप्त होती है।
एकादशी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है वो धार्मिक तथा सौभाग्यशाली होता है। मन, बुद्धि और हृदय से ऐसे लोग पवित्र होते हैं। इनकी बुद्धि तीक्ष्ण होती और लोगों में बुद्धिमानी के लिए जाने जाते है। इनकी संतान गुणवान और अच्छे संस्कारों वाली होती है, इन्हें अपने बच्चों से सुख एवं सहयोग भी प्राप्त होता है। समाज के प्रतिष्ठित लोगों से इन्हें मान सम्मान मिलता है।

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